काजीरंगा की सुरक्षा पर सरकार को गौरव गोगोई ने घेरा, पानबारी कॉरिडोर में कथित अवैध पत्थर खनन पर उठाए सवाल : “सिर्फ प्रचार से नहीं होगी काजीरंगा की सुरक्षा”—वन्यजीव कॉरिडोर बचाने और कथित अवैध खदानें तत्काल बंद करने की मांग : कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी : टियोक दौरे के दौरान विकास योजनाओं के शिलान्यास में हुए शामिल
मोइनापरिया नामघर और ढेकियाखोवा बर नामघर में नवाया शीश, असम की सुख-शांति, समृद्धि, एकता और सद्भाव के लिए की प्रार्थना

टियोक, 8 सितंबर : जोरहाट लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के टियोक दौरे में विकास, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक सरोकार प्रमुख रूप से सामने आए। सांसद क्षेत्र विकास निधि के तहत विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान गोगोई ने जहां काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की सुरक्षा और वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण को लेकर असम सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए, वहीं मंगलवार को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों मोइनापरिया नामघर और ऐतिहासिक ढेकियाखोवा बर नामघर पहुंचकर गुरुजनों के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, सु-स्वास्थ्य और आपसी सद्भाव के लिए प्रार्थना भी की।

काजीरंगा की सुरक्षा को लेकर सरकार पर तीखा हमला
टियोक में सोमवार को सांसद क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे गौरव गोगोई ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि काजीरंगा के संरक्षण को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे दावों और जमीनी स्थिति में अंतर है तथा सुरक्षा के नाम पर कथित रूप से ‘प्रहसन’ चलाया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा केवल असम ही नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहरों में शामिल है और इसके वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उससे जुड़े कॉरिडोरों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उनके अनुसार वन्यजीवों के प्राकृतिक एवं सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने वाले इन क्षेत्रों को किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि से बचाया जाना चाहिए, जिससे उनके अस्तित्व पर खतरा पैदा हो।

पानबारी वन्यजीव कॉरिडोर को लेकर उठाए गंभीर सवाल
गौरव गोगोई ने विशेष रूप से पानबारी वन्यजीव कॉरिडोर का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि काजीरंगा के लिए बेहद महत्वपूर्ण नौ वन्यजीव कॉरिडोरों में से एक कॉरिडोर सरकार की कथित लापरवाही के कारण लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया है।
उन्होंने पानबारी क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अवैध पत्थर खनन को लेकर भी सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। सांसद का आरोप था कि ऐसी गतिविधियां वन्यजीव कॉरिडोर और काजीरंगा के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए कॉरिडोरों का अस्तित्व बनाए रखना आवश्यक है और इन्हें नुकसान पहुंचने की स्थिति में इसका सीधा असर काजीरंगा के वन्यजीवों पर पड़ सकता है।

“सिर्फ प्रचार से नहीं होगी काजीरंगा की सुरक्षा”
कांग्रेस सांसद ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि काजीरंगा की सुरक्षा के नाम पर केवल प्रचार करने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। वन्यजीवों के लिए आवश्यक कॉरिडोरों को वास्तविक रूप से संरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पानबारी कॉरिडोर के मामले में सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में है। गोगोई ने मांग की कि काजीरंगा के पर्यावरण एवं वन्यजीवों के व्यापक हित को देखते हुए पानबारी कॉरिडोर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और वहां कथित रूप से संचालित अवैध पत्थर खदानों को तत्काल बंद कराया जाए।

कार्रवाई नहीं हुई तो जारी रहेगा कांग्रेस का विरोध
गोगोई ने इस मुद्दे पर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा और कथित अवैध खनन के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस आने वाले दिनों में अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखेगी।
काजीरंगा और उससे जुड़े वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण को लेकर सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों से इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। गोगोई ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े इस विषय को उनकी पार्टी गंभीरता से उठाती रहेगी।

मोइनापरिया नामघर में श्रीमंत शंकरदेव को किया नमन
राजनीतिक एवं विकास संबंधी कार्यक्रमों के बीच मंगलवार को गौरव गोगोई ने टियोक स्थित मोइनापरिया नामघर पहुंचकर श्रीमंत शंकरदेव के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया और आशीर्वाद ग्रहण किया।
नामघर के आध्यात्मिक वातावरण में कुछ समय बिताते हुए सांसद ने असमवासियों के सुख, शांति और समृद्धि के साथ समाज में आपसी भाईचारा एवं सद्भाव कायम रहने की प्रार्थना की। उन्होंने असम की वैष्णव धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गोगोई ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव की महान शिक्षाएं और वैष्णव संस्कृति की समृद्ध विरासत समाज को सदैव एकता, सद्भाव और मानवता के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहे, यही उनकी कामना है।
उनके आगमन पर नामघर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों ने सांसद का स्वागत किया और नामघर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं एवं सामाजिक एकता को बनाए रखने की भावना व्यक्त की।

ढेकियाखोवा बर नामघर में भी की पूजा-अर्चना
इसके बाद सांसद गौरव गोगोई टियोक क्षेत्र के प्रसिद्ध ढेकियाखोवा बर नामघर पहुंचे। यहां उन्होंने गुरुजनों के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक नमन कर परमेश्वर से कृपा एवं आशीर्वाद की कामना की।
नामघर में सेवा एवं प्रार्थना करते हुए उन्होंने असम की जनता के सु-स्वास्थ्य, एकता, सद्भाव और सर्वांगीण मंगल की कामना की। उन्होंने गुरुजनों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सत्य, धर्म और भक्ति की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सांसद ने कामना की कि हरिनाम की महिमा से सभी के जीवन में पवित्रता आए और प्रभु की अपार कृपा असमवासियों पर सदैव बनी रहे। उनके ढेकियाखोवा बर नामघर पहुंचने पर यहां भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला।

विकास, पर्यावरण और आध्यात्मिक सरोकारों से जुड़ा रहा दौरा
गौरव गोगोई के टियोक क्षेत्र के कार्यक्रमों में अलग-अलग पहलू देखने को मिले। एक ओर उन्होंने सांसद क्षेत्र विकास निधि के तहत विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास में हिस्सा लिया और काजीरंगा तथा पानबारी वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की, तो दूसरी ओर क्षेत्र के प्रमुख नामघरों में पहुंचकर असम की वैष्णव परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
इस दौरान उनके संदेशों में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ सामाजिक एकता, भाईचारा, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना प्रमुख रही।




