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देशराजनीति

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूकंप : ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान – “इस्तीफा? कभी नहीं! ये जनादेश नहीं, साजिश है!”

15 साल की 'दीदी राज' का धमाकेदार अंत, भाजपा ने रचा इतिहास 

ममता का आरोप “चुनाव आयोग भाजपा का एजेंट” : 100 सीटों का ‘मैंडेट लूटने’ का बड़ा खुलासा

कोलकाता /5 मई : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद कोलकाता के कालीघाट में तनाव भरा माहौल।

टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आग उगलते हुए कहा – “मेरा इस्तीफा देने का सवाल ही पैदा नहीं होता! हम हारे नहीं, हमें हराया गया है। ये जनता का फैसला नहीं, एक बड़ी साजिश है!”

आज ममता बनर्जी पूरी तरह से जंग लड़ने के मूड में दिखीं। उन्होंने सीधे-सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूरा चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा था। “हमारा लड़ाई भाजपा से नहीं, चुनाव आयोग से थी,” उन्होंने कहा और जोर देकर जोड़ा, “लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है।”

“इतिहास का सबसे काला दिन” – ममता का इमोशनल आउटबर्स्ट

ममता बनर्जी ने दावा किया कि गिनती के दौरान भारी अनियमितताएं हुईं। लगभग 100 सीटों पर जनता का असली जनादेश “लूट लिया गया”। गिनती को जानबूझकर धीमा किया गया ताकि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाए। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि “आज इतिहास का एक काला अध्याय लिखा गया है।”

उन्होंने आगे खुलासा किया कि वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम गायब कर दिए गए, कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 32 लाख तो वापस आए, लेकिन बाकी लाखों नामों के साथ भी गड़बड़ी की गई। ममता का कहना था – “सरकार, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री… सब एक तरफ थे, हम अकेले लड़ रहे थे।”

भाजपा का तूफानी विजय रथ, दीदी की भबानीपुर में शर्मनाक हार

294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा ने बहुमत के जादुई आंकड़े से कहीं अधिक 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है।

टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमटकर रह गई। ममता बनर्जी खुद अपनी भबानीपुर सीट पर पूर्व करीबी सुवेंदु अधिकारी से 15,000 से ज्यादा वोटों से हार गईं। बंगाल में 15 साल तक चले तृणमूल शासन का इस तरह अचानक अंत हो गया।

“मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, सड़कों पर लड़ूंगी!” – ममता का जोशीला ऐलान

ममता ने कहा कि “आधिकारिक तौर पर हमें हराया जा सकता है, लेकिन नैतिक रूप से हम जीते हैं। मैं अब फ्री बर्ड हूं। एक आम इंसान बनकर सड़कों पर रहूंगी और हर अन्याय के खिलाफ लड़ूंगी।” उन्होंने खुद को “स्ट्रीट फाइटर” बताते हुए जोर दिया कि वो हार मानने वाली नहीं हैं।

ममता बनर्जी ने खुलासा किया कि चुनाव नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेताओं ने उन्हें फोन कर एकजुटता जताई। खासतौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सीधे संपर्क किया। अब वे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को और मजबूत करने का ऐलान कर चुकी हैं।

पोस्ट-पोल हिंसा पर बड़ी कार्रवाई, 10 सदस्यीय कमेटी गठित

ममता ने चुनाव के बाद हो रही हिंसा का जिक्र करते हुए 10 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने की घोषणा की। उन्होंने 2021 के पोस्ट-पोल वायलेंस के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि अब असली सच्चाई सामने लाई जाएगी।

पहली बार बंगाल में सत्ता में आई भाजपा अब सरकार बनाने की तैयारी में है, जबकि ममता बनर्जी का यह आक्रामक रुख राज्य में नया सियासी संकट खड़ा कर सकता है। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का निमंत्रण मिलना तय माना जा रहा है। लेकिन दीदी का “मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी” वाला बयान कई सवाल खड़े कर रहा है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति अब एक नई जंग की ओर बढ़ रही है। “ममता दीदी” मैदान छोड़ने को कतई तैयार नहीं दिख रही हैं।

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