बंगाईगांव में ‘श्री उत्सव’ बना महिला स्वावलंबन का उत्सव : तेरापंथ महिला मंडल के भव्य आयोजन में 14 स्टॉलों ने बिखेरी महिला उद्यमिता की चमक : विधायक दीप्तिमयी चौधरी ने किया उद्घाटन

बंगाईगांव, 20 जुलाई : महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की “सक्षम नारी–विकसित समाज” योजना के अंतर्गत तेरापंथ महिला मंडल, बंगाईगांव दक्षिण द्वारा रविवार, 19 जुलाई को ए.ओ.सी. रोड स्थित महिला मंडल भवन में “श्री उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। उत्साह, रचनात्मकता और महिला उद्यमिता को समर्पित इस कार्यक्रम का शुभारंभ बंगाईगांव विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायिका श्रीमती दीप्तिमयी चौधरी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र एवं प्रेरणा गीत के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

विधायिका एवं विशिष्ट अतिथियों का पारंपरिक सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायिका श्रीमती दीप्तिमयी चौधरी के साथ अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की विशेष आमंत्रित सदस्या श्रीमती शांति बैद तथा श्रीमती शिखा बोथरा का फुलाम गमछा ओढ़ाकर पारंपरिक असमिया शैली में सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने महिला मंडल की सामाजिक एवं रचनात्मक पहल की सराहना की।

‘एक कदम स्वावलंबन की ओर’ थी आयोजन की प्रेरणा
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन करते हुए मंडल की मंत्री श्रीमती ममता दुगड़ ने अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की चारों प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि “एक कदम स्वावलंबन की ओर” की थीम पर आयोजित इस श्री उत्सव का उद्देश्य महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने, स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
महिला उद्यमिता को मिला सशक्त मंच
अपने संबोधन में विधायिका श्रीमती दीप्तिमयी चौधरी ने तेरापंथ महिला मंडल की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बनाते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले ऐसे मंच समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध होते हैं।

14 आकर्षक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
श्री उत्सव में सर्व समाज की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन में कुल 14 आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जिनमें हस्तनिर्मित राखियाँ, बंधनवार, सजावटी सामग्री, परिधान, साड़ियाँ, आभूषण, बैग, गृह उपयोगी वस्तुएँ, उपहार सामग्री तथा विविध स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ उपलब्ध थे। आगंतुकों ने पूरे उत्साह के साथ खरीदारी कर महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ।
लकी ड्रॉ और सम्मान समारोह ने बढ़ाया आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान खरीदारी करने वाले आगंतुकों के लिए निःशुल्क लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया। वहीं श्रीमती उर्मिला लुनिया को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल सजावट (बेस्ट डेकोरेशन) के लिए सम्मानित किया गया। पूरे दिन आयोजन स्थल पर उत्साह, सहयोग, सामाजिक समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा तथा शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की सराहना की।

आभार के साथ हुआ प्रेरणादायी आयोजन का समापन
समापन अवसर पर तेरापंथ महिला मंडल, बंगाईगांव दक्षिण की अध्यक्षा श्रीमती सरोज सिंघी एवं सचिव श्रीमती ममता दुगड़ ने सभी स्टॉल संचालिकाओं, अतिथियों एवं सहयोगी सदस्याओं का आभार व्यक्त किया। मंडल की निवर्तमान अध्यक्षा श्रीमती चंदा भंसाली ने कहा कि श्री उत्सव का मूल उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके हुनर को समाज के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के अंत में सभी स्टॉल लगाने वाली बहनों को सप्रेम भेंट देकर सम्मानित किया गया।

सदस्याओं के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मंडल की सदस्याओं सोनिका पारख, संजू भंसाली, रानी सेठिया, संगीता भंसाली, चंचल सामसुखा, राजश्री लुणावत, विभा भंसाली, प्रमिला सेठिया एवं चंदा भंसाली का विशेष सक्रिय सहयोग रहा। सभी उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सामाजिक सहभागिता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।




