‘समाज का गौरव – हमारी शान’ अभियान के तहत पारीक महिला परिषद ने युवा डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का किया घर-घर सम्मान : इंटरनेशनल डॉक्टर्स डे एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे पर प्रतिभाओं को फुलाम गामुछा और स्मृति-चिह्न भेंट कर बढ़ाया उत्साह

गुवाहाटी, 1 जुलाई : समाज में शिक्षा, प्रतिभा और संस्कारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी ने अपने प्रेरक अभियान ‘समाज का गौरव – हमारी शान’ एवं ‘ज्ञान की ज्योति, पारीक की पहचान’ के अंतर्गत एक अनूठी सम्मान यात्रा आयोजित की। इंटरनेशनल डॉक्टर्स डे तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर परिषद की पदाधिकारियों ने समाज के युवा डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के घर-घर जाकर उनका सम्मान किया। इस आत्मीय पहल ने न केवल सम्मानित प्रतिभाओं को गौरवान्वित किया, बल्कि समाज के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश दिया।

घर-घर पहुंचकर किया सम्मान
परिषद द्वारा वर्ष 2021 से 2026 के बीच डॉक्टर एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर समाज और परिवार का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को उनके निवास पर जाकर असमिया फूलम गमछा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभाओं में चिकित्सक डॉ. रीना पारीक, चिकित्सक डॉ. पायल पारीक, सीए गरिमा शर्मा, सीए निमिषा शर्मा, सीए ऋषभ शर्मा, सीए मिहिर पुरोहित, सीए निखिल शर्मा तथा सीए अनिरुद्ध पारीक शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक वातावरण, आत्मीयता और गौरव का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम : निशा पारीक
परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रतिभाओं का सम्मान करना नहीं, बल्कि उनकी सफलता को समाज के प्रत्येक बच्चे के लिए प्रेरणा बनाना है। जब कोई युवा कठिन परिश्रम से डॉक्टर या चार्टर्ड अकाउंटेंट बनता है, तो वह केवल अपने परिवार का नहीं, पूरे समाज का गौरव बन जाता है। ऐसे सम्मान समारोह आने वाली पीढ़ी को शिक्षा, अनुशासन और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि परिषद का यह अभियान समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है।
प्रतिभाओं का सम्मान समाज की सबसे बड़ी पूंजी : ममता शर्मा
परिषद की पूर्व अध्यक्षा एवं वर्तमान सलाहकार ममता शर्मा ने कहा कि हर प्रतिभाशाली बच्चे की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, परिवार का त्याग और गुरुओं का मार्गदर्शन होता है। ऐसे युवाओं का सम्मान कर हम पूरे समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि शिक्षा ही सबसे बड़ा निवेश और सबसे बड़ी विरासत है।
उन्होंने बताया कि सम्मानित प्रतिभाओं की सूची तैयार करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि समाज की प्रत्येक उपलब्धि को उचित सम्मान मिल सके।

युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाला अभियान : सुषमा शर्मा
परिषद की पूर्व अध्यक्षा एवं सलाहकार सुषमा शर्मा ने कहा कि आज आवश्यकता केवल सम्मान करने की नहीं, बल्कि प्रेरणा का वातावरण बनाने की है। जब समाज अपने सफल युवाओं का सम्मान करता है, तब छोटे बच्चों के मन में भी बड़े लक्ष्य प्राप्त करने का आत्मविश्वास विकसित होता है।
सम्मानित प्रतिभाओं ने जताया आभार
सम्मान प्राप्त करने वाले युवा डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा उनके परिवारजनों ने परिषद की इस अभिनव पहल के प्रति हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सम्मान उन्हें समाज के प्रति अपने दायित्वों का और अधिक गंभीरता से निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने परिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि समाज का विश्वास और आशीर्वाद है।
इन पदाधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
इस सम्मान यात्रा में परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक, पूर्व अध्यक्षा एवं सलाहकार सुषमा शर्मा, ममता शर्मा, विनीता पारीक, सचिव जया पारीक, कोषाध्यक्ष पूजा जोशी, तथा परिषद सदस्याएँ ज्योति पुरोहित, मधु शर्मा, पुष्पा पारीक, नेहा जोशी एवं उषा पारीक सक्रिय रूप से उपस्थित रहीं। सम्मानित प्रतिभाओं की सूची तैयार करने में ममता शर्मा एवं ज्योति पुरोहित की विशेष भूमिका रही।

भविष्य में अन्य प्रतिभाओं को भी मिलेगा सम्मान
पारीक महिला परिषद ने घोषणा की कि भविष्य में समाज के इंजीनियर, शिक्षक, वकील, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी तथा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को भी इसी गरिमा एवं आत्मीयता के साथ सम्मानित किया जाएगा। परिषद का उद्देश्य समाज में शिक्षा, प्रतिभा, संस्कार और उत्कृष्टता की संस्कृति को निरंतर मजबूत करना है।
संस्कार, सेवा और समर्पण की मिसाल
कार्यक्रम का समापन परिषद के प्रेरक संदेश “संस्कार • सेवा • समर्पण” के साथ हुआ। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मान अभियान समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा नई पीढ़ी को उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।




