मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के सम्मानजनक शब्दों से गौरवान्वित हुआ मारवाड़ी समाज : असम के विकास में समाज के ऐतिहासिक योगदान की सराहना पर मारवाड़ी सम्मेलन की मंडलीय सहायक मंत्री स्मिता धीरासरिया ने व्यक्त किया आभार, कहा— मुख्यमंत्री की प्रशंसा केवल समाज का सम्मान नहीं, बल्कि पीढ़ियों के परिश्रम, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना की सार्वजनिक स्वीकृति
व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्रों में मारवाड़ी समाज की भूमिका को मिली नई पहचान

बरपेटा रोड, 29 जून : असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा द्वारा श्री मारवाड़ी दातव्य औषधालय के 110वें स्थापना दिवस समारोह में मारवाड़ी समाज के राज्य के विकास में दिए गए ऐतिहासिक, बहुआयामी और उल्लेखनीय योगदान का जिस आत्मीयता, सम्मान और गौरवपूर्ण भाव से उल्लेख किया गया, उससे सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज में हर्ष, गर्व और आत्मीय संतोष का वातावरण व्याप्त है। मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य को समाज ने केवल एक औपचारिक प्रशंसा नहीं, बल्कि दशकों से असम के विकास में दिए गए अपने योगदान की सार्थक पहचान और सम्मान के रूप में स्वीकार किया है।
इसी क्रम में पूर्वोत्तर प्रादेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के मंडल “जी” की मंडलीय सहायक मंत्री तथा बरपेटा रोड निवासी स्मिता धीरासरिया ने मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के शब्दों ने सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान की अनुभूति कराई है।

असम को कर्मभूमि मानकर समाज ने लिखा सेवा और विकास का स्वर्णिम इतिहास
स्मिता धीरासरिया ने अपने वक्तव्य में कहा कि मारवाड़ी समाज ने कई पीढ़ियों पूर्व असम की पवित्र धरती को अपनी कर्मभूमि के रूप में स्वीकार किया था। यहां के लोगों के प्रेम, विश्वास और अपनत्व को जीवन का आधार बनाकर समाज ने व्यापार और उद्योग के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन किया है।
उन्होंने कहा कि आज असम के लगभग प्रत्येक जिले और कस्बे में मारवाड़ी समाज के लोग केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, धार्मिक गतिविधियों, सांस्कृतिक संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, खेल, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। यही कारण है कि आज समाज असम के विकास की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

मुख्यमंत्री के शब्द समाज के लिए सम्मान का सर्वोच्च क्षण
स्मिता धीरासरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अपने संबोधन में जिस प्रकार मारवाड़ी समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया, वह प्रत्येक समाजजन के लिए गर्व का विषय है। उनके शब्दों ने उन हजारों समाजसेवियों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, व्यापारियों तथा सामान्य परिवारों के वर्षों के परिश्रम को सम्मान दिया है, जिन्होंने बिना किसी अपेक्षा के असम की उन्नति और समृद्धि के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि असम के विकास की कहानी में मारवाड़ी समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और राज्य सरकार इस योगदान का सम्मान करती है।

व्यापार और उद्योग से आगे बढ़कर समाज ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
स्मिता धीरासरिया ने कहा कि सामान्यतः मारवाड़ी समाज को केवल व्यापार और उद्योग से जोड़कर देखा जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि समाज ने हमेशा सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की स्थापना, छात्रवृत्ति योजनाएं, अस्पतालों एवं चिकित्सा शिविरों का संचालन, गरीबों के उपचार की व्यवस्था, रक्तदान शिविर, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री का वितरण, गौसेवा, महिला एवं बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज ने मानव सेवा की एक सशक्त परंपरा स्थापित की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी हो या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं, मारवाड़ी समाज ने हर संकट की घड़ी में बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया है।

आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला रखने में रही महत्वपूर्ण भूमिका
उन्होंने कहा कि असम की आर्थिक प्रगति में मारवाड़ी समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। छोटे व्यापार से लेकर बड़े उद्योगों तक, रोजगार सृजन से लेकर कर राजस्व में योगदान तक तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने से लेकर निवेश को बढ़ावा देने तक समाज ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, नए उद्यम स्थापित करने तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देने में समाज के उद्यमियों का योगदान हमेशा सराहनीय रहा है।

सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना को किया मजबूत
स्मिता धीरासरिया ने कहा कि मारवाड़ी समाज ने हमेशा असमिया संस्कृति, भाषा और परंपराओं का सम्मान किया है। समाज ने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा यह कहना कि मारवाड़ी समाज असम की सामाजिक संरचना का अभिन्न अंग है, वास्तव में समाज के लिए अत्यंत सम्मान की बात है। इससे समाज और राज्य के बीच विश्वास एवं आत्मीयता का संबंध और अधिक मजबूत होगा।

अनगिनत समाजसेवियों और परिवारों के त्याग को मिली पहचान
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सम्मानजनक शब्द उन असंख्य परिवारों को समर्पित हैं जिन्होंने वर्षों तक चुपचाप समाज सेवा, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के कार्य किए। यह सम्मान उन सभी लोगों की मेहनत का सम्मान है जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत सफलता से आगे बढ़कर समाज और राज्य के हित को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं और नई पीढ़ी के लिए मुख्यमंत्री का यह संदेश अत्यंत प्रेरणादायक है और उन्हें भविष्य में भी सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

भविष्य में भी सेवा, समर्पण और विकास की यात्रा रहेगी जारी
स्मिता धीरासरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त सम्मान समाज के लिए नई जिम्मेदारी भी लेकर आया है। अब मारवाड़ी समाज और अधिक उत्साह के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास तथा जनहित के अन्य क्षेत्रों में अपने योगदान को और अधिक व्यापक बनाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज “विकसित असम” के निर्माण में राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करता रहेगा और राज्य की प्रगति में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में असम निरंतर आगे बढ़े— यही कामना
अपने संदेश के अंत में स्मिता धीरासरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के प्रति पुनः हार्दिक धन्यवाद एवं साधुवाद व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सम्मानजनक शब्द सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में असम निरंतर विकास, शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द के नए कीर्तिमान स्थापित करे। साथ ही प्रदेश के सभी समाजों के बीच पारस्परिक विश्वास, सहयोग, भाईचारा और सद्भाव की भावना और अधिक सुदृढ़ हो, जिससे असम विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सके।
उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त सम्मानजनक विचारों के लिए सदैव कृतज्ञ रहेगा तथा सेवा, समर्पण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के अपने संकल्प को पहले से भी अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाता रहेगा।




