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लोको पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा : सैकड़ों रेल यात्रियों और जंगली हाथियों की बची जान : तिताबर–मरियानी रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस के सामने आया हाथियों का झुंड : समय रहते लगाया आपातकालीन ब्रेक

न्यूज डेस्क, 23 जून : लोको पायलट की सूझबूझ, सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण मंगलवार तड़के असम में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। तिताबर और मरियानी रेलवे स्टेशनों के बीच जंगली हाथियों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही 12424 राजधानी एक्सप्रेस उसी ट्रैक से गुजर रही थी।

ट्रैक पर हाथियों को देखते ही समझी स्थिति की गंभीरता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन के लोको पायलट एस.एन. राजू और सहायक लोको पायलट आर.के. सिंह ने दूर से ही रेलवे ट्रैक पर हाथियों के झुंड को देखा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दोनों ने तत्काल आपातकालीन ब्रेक लगाई। उनकी तत्परता के कारण ट्रेन समय रहते रुक गई और संभावित भीषण दुर्घटना टल गई।

यात्रियों के साथ वन्यजीवों की भी बची जान

इस सतर्कता से राजधानी एक्सप्रेस में सवार सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। साथ ही जंगली हाथियों का झुंड भी किसी अनहोनी का शिकार होने से बच गया। घटना के बाद हाथियों के सुरक्षित रूप से ट्रैक पार कर जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।

रेलवे सुरक्षा में मानवीय सतर्कता की बड़ी भूमिका

पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई रेलखंड वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में लोको पायलटों की सतर्कता यात्रियों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि समय पर लिया गया सही निर्णय बड़ी त्रासदी को रोक सकता है।

पूर्व की घटनाओं के बाद बढ़ी संवेदनशीलता

असम में रेल ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही लंबे समय से चिंता का विषय रही है। हाल के वर्षों में ट्रेन और हाथियों की टक्कर की घटनाओं ने रेलवे और वन विभाग के समन्वय की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। ऐसे में तिताबर–मरियानी रेलखंड की यह घटना सतर्कता और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

उल्लेखनीय है कि 12424 नई दिल्ली–डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस रोजाना चलने वाली लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेन है। पिछले साल दिसंबर 2025 में असम के होजाई क्षेत्र में राजधानी एक्सप्रेस से टक्कर में सात हाथियों की मौत हुई थी, जिससे इस तरह की सतर्कता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

लोको पायलटों की सराहनीय भूमिका

स्थानीय स्तर पर लोको पायलट एस.एन. राजू और सहायक लोको पायलट आर.के. सिंह की तत्परता की सराहना की जा रही है। यात्रियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति उनके जिम्मेदार रवैये ने रेलवे सेवा में कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

सुरक्षा और संरक्षण का संदेश

यह घटना केवल एक रेल हादसा टलने की कहानी नहीं है, बल्कि मानव जीवन और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का महत्वपूर्ण संदेश भी देती है। रेलवे, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों के साथ-साथ रेल कर्मचारियों की सजगता ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना सकती है।

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