शिमलगुड़ी पुलिस की बड़ी सफलता : स्वर्ण आभूषण चोरी कांड का खुलासा : मास्टरमाइंड महिला और स्कूटी मालिक गिरफ्तार : मुख्य आरोपी अब भी फरार : तीन जोड़ी सोने की बालियां चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ : डिमौ और शिवसागर में हुई कार्रवाई

नाजिरा, 23 जून : शिवसागर जिले के नाजिरा सहजिला अंतर्गत शिमलगुड़ी नगर में गत 20 जून को हुई स्वर्ण आभूषण चोरी की घटना का सफल खुलासा करते हुए शिमलगुड़ी पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मामले में कथित मास्टरमाइंड महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चोरी की वारदात में शामिल एक अन्य मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।
घटना के खुलासे के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने शिमलगुड़ी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही चोरी में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।

रोहित ज्वेलरी से चोरी हुई थीं तीन जोड़ी सोने की बालियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 20 जून की शाम शिमलगुड़ी बाजार स्थित रोहित ज्वेलरी नामक स्वर्ण आभूषण दुकान से तीन जोड़ी सोने की कानों की बालियां चोरी कर ली गई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
दुकान संचालक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शिमलगुड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। चूंकि मामला स्वर्ण आभूषण चोरी से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
विशेष पुलिस टीम का गठन
मामले की जांच के लिए शिमलगुड़ी थाना प्रभारी देवजीत कलिता तथा सब-इंस्पेक्टर विद्युत विकास बरुआ के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटाई गई तथा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस की इस व्यवस्थित जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिन्होंने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।

जांच में सामने आई महिला की भूमिका
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी की वारदात को अंजाम देने में एक महिला की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस के अनुसार, चोरी की पूरी योजना सुनियोजित ढंग से तैयार की गई थी और महिला आरोपी ने दुकान से आभूषण गायब करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी अभियान शुरू किया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
डिमौ से गिरफ्तार हुई कथित मास्टरमाइंड
पुलिस ने रविवार देर रात डिमौ क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अनन्या दास नामक महिला को गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारियों के अनुसार, अनन्या दास पर चोरी की साजिश रचने, वारदात को अंजाम देने और चोरी के आभूषणों के साथ फरार होने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस उसे इस पूरे चोरी कांड की प्रमुख साजिशकर्ता और कथित मास्टरमाइंड मान रही है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

स्कूटी मालिक भी पुलिस के शिकंजे में
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि चोरी की घटना में एक स्कूटी का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद पुलिस ने शिवसागर के बाबूपट्टी क्षेत्र में छापेमारी कर मुस्ताक अहमद उर्फ जिम्पी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात में प्रयुक्त स्कूटी उसी की थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मुस्ताक अहमद केवल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित था या फिर वह चोरी की पूरी योजना में सक्रिय रूप से शामिल था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस संबंध में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
मुख्य आरोपी मेराज बोरा अब भी फरार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे चोरी कांड का एक अन्य महत्वपूर्ण आरोपी मेराज बोरा अभी भी फरार है। जांचकर्ताओं का मानना है कि चोरी के बाद आभूषणों को ठिकाने लगाने और पूरे गिरोह के संचालन में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी पर फोकस
गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य चोरी किए गए स्वर्ण आभूषणों की बरामदगी तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए आभूषण कहीं बेचे गए हैं या उन्हें किसी अन्य स्थान पर छिपाकर रखा गया है। बरामदगी के लिए पुलिस ने अलग से अभियान तेज कर दिया है।
न्यायालय में पेशी की प्रक्रिया शुरू
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस की तत्परता की हो रही सराहना
चोरी की घटना का त्वरित खुलासा होने के बाद स्थानीय व्यापारिक संगठनों और नागरिकों ने शिमलगुड़ी पुलिस की सराहना की है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने कम समय में तकनीकी साक्ष्यों और पेशेवर जांच के माध्यम से मामले को सुलझाकर अपराधियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है।
विशेष रूप से थाना प्रभारी देवजीत कलिता तथा सब-इंस्पेक्टर विद्युत विकास बरुआ के नेतृत्व में संचालित जांच अभियान की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है।
आगे और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी के बाद पूरे गिरोह के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
फिलहाल शिमलगुड़ी पुलिस मामले की प्रत्येक कड़ी को जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे चोरी कांड से जुड़े सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा तथा चोरी किए गए स्वर्ण आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे।




