शिवसागर में सनसनीखेज मुठभेड़ : अल्फा-आई के नाम पर फिरौती मांगने वाले गिरोह पर कार्रवाई : दो युवक घायल : नाजिरा के बोगीडोल-मोलागांव में दिनदहाड़े चली गोलियां : 8 लाख रुपये की रंगदारी वसूली के आरोप में पुलिस का ऑपरेशन

शिवसागर, 25 मई : असम के शिवसागर जिले के नाजिरा क्षेत्र में सोमवार को हुई एक सनसनीखेज गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। बोगीडोल-मोला गांव में शिवसागर पुलिस और अल्फा-स्वाधीन के नाम पर कथित रूप से फिरौती वसूली करने वाले संदिग्ध गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में दो युवक गोली लगने से घायल हो गए। इनमें एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से अल्फा-स्वाधीन (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट) के नाम का इस्तेमाल कर व्यवसायियों और तेल क्षेत्र से जुड़े लोगों से फिरौती मांग रहा था। ताजा मामले में जयसागर के व्यवसायी लाचित गोगोई से 8 लाख रुपये की मांग की गई थी।
सूत्रों के अनुसार पिछले कई दिनों से व्यवसायी लाचित गोगोई को लगातार धमकी भरे फोन और संदेश मिल रहे थे। धमकी देने वाले खुद को अल्फा-स्वाधीन से जुड़ा बता रहे थे और भारी रकम की मांग कर रहे थे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद शिवसागर पुलिस ने गुप्त रूप से निगरानी शुरू की।
सोमवार 25 मई को दोपहर के समय तीन मोटरसाइकिलों पर सवार छह संदिग्ध युवक बोगीडोल-मोलागांव के पास तेल क्षेत्र के निकट पहुंचे। पहले से सिविल ड्रेस में तैनात पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और गोलीबारी शुरू हो गई।
पुलिस का दावा है कि संदिग्धों ने पहले फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। कुछ मिनटों तक चली गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस मुठभेड़ में मोलागांव निवासी रितु गोगोई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जांघ और कमर के पास कुल चार गोलियां लगीं। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

घायल होने के बाद उसे पहले शिवसागर सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे तत्काल डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज जारी है।
दूसरे घायल युवक जितु गोगोई उर्फ जितुमोनी गोगोई को पेट के पास गोली का छर्रा लगा है। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उसका इलाज शिवसागर सिविल अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान गिरोह के चार सदस्य मौके से फरार हो गए। पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस ने घटनास्थल से एक मोटरसाइकिल सहित कुछ संदिग्ध सामान भी जब्त बरामद किए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। मुठभेड़ की खबर मिलते ही शिवसागर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया सहित शीर्ष अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

घायल रितु गोगोई के परिजनों ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है। परिवार का कहना है कि रितु एक साधारण दिहाड़ी मजदूर है और उसका किसी उग्रवादी संगठन से कोई संबंध नहीं है। परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना पूरी जांच के उसे उग्रवादी गतिविधियों से जोड़ दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अल्फा-स्वाधीन के नाम का इस्तेमाल कर व्यवसायियों को डरा धमका कर पैसे वसूलने की कोशिश की जा रही थी। साथ ही पुलिस ने शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है।
एसएसपी पापोरी चेतिया ने कहा कि कुछ दिनों से शिवसागर के ही लाचित गोगोई नामक एक व्यापारी को एक्सटॉर्शन की डिमांड मिल रही थी। इस मामले में आज हमने एक ऑपरेशन चलाया। डिमांड करने वालों को जिस जगह पर बुलाया गया था वहां तीन बाइकों पर सवार होकर कुल 6 युवक आए थे। परंतु मौके पर सादी वर्दी में पुलिस टीम की मौजूदगी की भनक लगते ही उन्होंने अचानक पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिससे कि बचाव में पुलिस टीम को भी बाध्य होकर जवाबी कार्रवाई में गाली चलानी पड़ी। क्योंकि इस दौरान दो पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। इसके बाद ही पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो अपराधी युवकों को भी गोली लगी। जिनमें से रितु गोगोई नामक युवक को डिब्रूगढ़ एएमसीएच रैफर किया गया है।
उन्होंने कहा कि अन्य चार अपराधी मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गए। पुलिस फरार चारों आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपियों से अल्फा-स्वाधीन से संबंध के बारे में पूछे जाने पर एसएसपी ने कहा कि अभी की स्थिति में कुछ कहा नहीं जा सकता इस मामले में हमारी प्रारंभिक जांच चल रही है। अभी दोनों घायल पुलिस कर्मी की मौजूदा स्थिति देखने हॉस्पिटल जा रही हूं।
उन्होंने बताया कि एएसपी हेडक्वार्टर ऋषभ हंस और एएसपी क्राइम मोईदुल के नेतृत्व में यह विशेष ऑपरेशन चलाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस की बैकअप टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की शुरुआत संदेहयुक्त अल्फा की ओर से हुई और आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई। उन्होंने कहा कि मौके से हथियार भी बरामद हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह तेल क्षेत्रों और व्यापारिक इलाकों को निशाना बना रहा था। व्यवसायियों को फोन कर धमकियां दी जा रही थी और प्रतिबंधित विद्रोही संगठन के नाम का इस्तेमाल कर भय का माहौल बनाया जा रहा था। शिवसागर और नाजिरा क्षेत्र असम के महत्वपूर्ण तेल उत्पादन क्षेत्रों में शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में यहां फिरौती और उग्रवादी नाम पर धमकी देने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
जानकारों का मानना है कि कई आपराधिक गिरोह अब प्रतिबंधित संगठनों के नाम का इस्तेमाल कर स्थानीय कारोबारियों से धन उगाही की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बढ़ा रही हैं।
रितु गोगोई की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की विस्तृत जांच चल रही है। इस घटना ने एक बार फिर असम में अल्फा-स्वाधीन के नाम पर सक्रिय फिरौती गिरोहों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




