
शिवसागर / 3 मई : असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना की उलटी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव के नतीजे आने में अब महज कुछ ही घंटे बचे हैं। ऐसे में एक बार फिर से रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर विधायक अखिल गोगोई की एक फेसबुक पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है।
अखिल गोगोई ने 96 शिवसागर सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार कुशल दुवरी पर हत्या की धमकी का गंभीर आरोप लगा है। अखिल गोगोई ने अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर कर यह सनसनीखेज बयान सार्वजनिक किया है।
अखिल गोगोई की पोस्ट के अनुसार, कुशल दुवरी ने उन्हें और उनके निजी सहायक अमलान गोगोई को मारने की धमकी दी है।
अखिल गोगोई ने अपने पोस्ट में लिखा है कि “कुशल दुवरी ने मुझे और अमलान गोगोई की हत्या करने की घोषणा की है। इस मामले में असम पुलिस के डीजीपी हरमीत सिंह और एडीजीपी हीरेन नाथ को तीन चिट्ठियां लिखीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
अखिल गोगोई ने लगभग 10 घंटे पहले यह पोस्ट किया है। जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनके इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में लाइक्स, कमेंट्स और शेयर दर्ज हैं।
अखिल गोगोई ने इस पोस्ट के जरिए न केवल धमकी का खुलासा किया, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

चुनाव के दौरान अखिल गोगोई अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार के विवादास्पद बैकग्राउंड को लेकर मुखर रहे हैं। कुशल दुवरी जो पहले जयंत हजारिका के नाम से जाने जाते थे, शिवसागर सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। चुनावी नामांकन के दौरान कुशल दुवरी ने अखिल गोगोई के बारे में विवादित बयान दिया था कि “अखिल गोगोई जानते हैं कि इस चुनाव में उनकी मौत मेरे हाथों होगी।” अखिल गोगोई ने इसे राजनीतिक हत्या की धमकी बताया और कुशल पर 60 से ज्यादा हत्याओं तथा गुप्त हत्याकांडों (Secret Killings) से जुड़े होने के आरोप लगाए थे। अखिल गोगोई ने जस्टिस के. एन. सैकिया आयोग की रिपोर्ट, दर्ज एफआईआर और पुरानी खबरों के आधार पर कुशल दुवरी द्वारा 64 हत्याएं करने का दावा करते हुए एक सूची भी जारी की थी।
अखिल गोगोई ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में असम पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरमीत सिंह और स्पेशल ब्रांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी एडीजीपी हीरेन चंद्र नाथ का नाम उल्लेख किया है।
अखिल गोगोई की यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। असम चुनाव के माहौल में यह मामला राजनीतिक तूफान खड़ा कर रहा है। अखिल गोगोई पहले भी कुशल दुवरी पर उनके उल्फा बैकग्राउंड और हिंसा के आरोप लगाते रहे हैं। जो कि चुनावी माहौल में भाजपा और अखिल गोगोई के बीच तीखी बहस का विषय बना रहा।
अखिल गोगोई की पोस्ट को लेकर पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं आया है। लोगों ने अखिल गोगोई के इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि असम पुलिस चुनावी हिंसा और धमकियों पर तुरंत कार्रवाई कर जनता में विश्वास बहाल किया जाए। यह मामला लोकतंत्र और कानून व्यवस्था की परीक्षा बन गया है।




