शिवसागर में जला केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला : महंगाई पर काबू पाने में विफल भाजपा सरकार के खिलाफ आसू का उग्र प्रदर्शन, पेट्रोल-डीजल की कीमत घटाने की उठी मांग

शिवसागर, 26 मई : पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सहित आवश्यक खाद्य सामग्रियों की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में मंगलवार को शिवसागर की सड़कों पर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के आह्वान पर शिवसागर जिला छात्र संघ ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया।
प्रदर्शनकारियों ने “भाजपा सरकार हाय-हाय”, “केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुर्दाबाद”, “पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करो” और “केंद्र सरकार होश में आओ” जैसे नारों से पूरे शिवसागर को गुंजायमान कर दिया।
आसू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम पदार्थों के साथ-साथ खाद्य सामग्री, जीवनरक्षक दवाइयों तथा निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम जनता का जीवन संकट में डाल दिया है। इसी के विरोध में संगठन ने सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन किया।
प्रदर्शन के दौरान शिवसागर पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश किए जाने के बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला जलाकर केंद्र और राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी दी।
इस विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे शिवसागर जिला छात्र संस्था के अध्यक्ष मानव हजारिका ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अखिल असम छात्र संस्था के निर्देश पर यह आंदोलन किया गया है, क्योंकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश में बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि असम की मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा नेतृत्वाधीन सरकार भी जनता को राहत देने में असफल रही है। दोनों सरकारों की विफल नीतियों के कारण आज आम लोगों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मानव हजारिका ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूंजीपति वर्ग के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और आम जनता की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है, जबकि आम नागरिक महंगाई की मार झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल की कीमत 112.25 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। चुनाव से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद जनता के हित में कोई काम नहीं कर रही है।
आसू नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण लोगों की क्रय शक्ति कमजोर हो गई है, छोटे-छोटे व्यवसाय और दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं तथा आम लोगों के लिए बाजार में खरीदारी करना मुश्किल हो गया है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही महंगाई पर नियंत्रण कर कीमतों में कमी नहीं लाती है, तो आसू प्रतिदिन सड़कों पर उतरकर आंदोलन जारी रखेगा।




