चराईदेव के सर्वांगीण विकास को नई गति देने की तैयारी : अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने जिला विकास समिति की समीक्षा बैठक में दिए दिशा-निर्देश : कृषि, मत्स्य पालन, ग्रामीण आधारभूत संरचना, स्वरोजगार और युवाओं के रोजगार सृजन पर विशेष जोर
चराईदेव असम की गौरवशाली विरासत का प्रतीक; मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में असम सरकार राज्य के प्रत्येक जिले के संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध - बिमल बोरा

न्यूज डेस्क, 9 जून : असम सरकार द्वारा जिलों के संतुलित एवं समग्र विकास को प्राथमिकता दिए जाने के क्रम में चराईदेव जिला विकास समिति की जून 2026 माह की समीक्षा बैठक मंगलवार को चराईदेव जिला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता चराईदेव जिले के नवनियुक्त अभिभावक मंत्री तथा असम सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री बिमल बोरा ने की।
बैठक में राज्यसभा सांसद जोगेन मोहन, सोनारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मेश्वर कुंवर, माहमोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सूरज दिहिंगिया, जिला आयुक्त डॉ. नेहा यादव, सहजिला आयुक्त (माहमोरा) दिनचेंगफा बरुआ, अतिरिक्त जिला आयुक्तगण, सहायक आयुक्तों सहित जिले के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

विभागवार विकास कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा चल रही योजनाओं, विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। विभागीय अधिकारियों ने वर्तमान उपलब्धियों, परियोजनाओं की स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की।

अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने प्रत्येक विभाग की प्रगति का क्षेत्रवार मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाकर ही सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।

चराईदेव असम की गौरवशाली विरासत का प्रतीक : बिमल बोरा
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि चराईदेव केवल एक प्रशासनिक जिला नहीं, बल्कि असम की ऐतिहासिक पहचान और गौरवशाली आहोम विरासत का जीवंत प्रतीक है। स्वर्गदेवों की स्मृतियों से जुड़ा यह जिला राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत धरोहर का महत्वपूर्ण केंद्र है।

उन्होंने कहा कि जिले के अभिभावक मंत्री का दायित्व संभालने के बाद यह उनकी पहली विस्तृत प्रशासनिक समीक्षा बैठक है, जिसमें विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति, सरकारी कार्यक्रमों की प्रगति तथा जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
कृषि और रोजगार सृजन को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में विशेष रूप से कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, मत्स्य पालन गतिविधियों के विस्तार, ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने, स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मंत्री ने कहा कि चराईदेव जैसे संभावनाशील जिले में कृषि आधारित उद्योग, उद्यमिता विकास, कौशल उन्नयन तथा स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से इन क्षेत्रों में नवाचार आधारित योजनाएं तैयार करने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप होगा संतुलित विकास
बिमल बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में असम सरकार राज्य के प्रत्येक जिले के संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में ठोस सुधार लाना भी है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों से चराईदेव को विकास, समृद्धि और नई संभावनाओं के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
सामूहिक प्रयासों पर दिया गया जोर
बैठक के अंत में अभिभावक मंत्री ने सभी विभागों को विकास कार्यों की गति बनाए रखने, निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने तथा जनता-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभागों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।

बैठक सकारात्मक विचार-विमर्श और विकासोन्मुखी संकल्पों के साथ संपन्न हुई, जिसमें चराईदेव जिले के भविष्य के विकास की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी।




