चराईदेव में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई : टास्क फोर्स ने सोनारी, नामतला और मथुरापुर से 12 बाल श्रमिकों को किया मुक्त : होटलों में काम करते मिले मासूम : मालिकों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

सोनारी, 12 जून : बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत चराईदेव जिला प्रशासन की जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने गुरुवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर 12 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। यह कार्रवाई सोनारी, नामतला और मथुरापुर क्षेत्रों में की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला टास्क फोर्स की टीम ने सबसे पहले सोनारी और नामतला क्षेत्र में अभियान चलाकर 4 बाल श्रमिकों को बचाया। इसके बाद टीम ने मथुरापुर क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापेमारी की, जहां राजा होटल, जेपी होटल और यादव होटल से 6 सहित 2 अन्य बच्चों को कार्य करते हुए मौके पर ही मुक्त कराया गया।

अभियान के दौरान यह पाया गया कि ये बच्चे विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे थे। जबकि सरकार द्वारा बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था किए जाने के बावजूद कई बच्चे आज भी बाल श्रम के लिए मजबूर हैं।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सभी मुक्त कराए गए बच्चों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee – CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उनके पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण की उचित व्यवस्था की जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों द्वारा बच्चों को श्रमिक के रूप में नियोजित किया गया था, उनके विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।

यह अभियान बाल श्रम के विरुद्ध चराईदेव जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




