पुरुषोत्तम मास में सेवा, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अनुपम संगम : शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने कराया 33 ब्राह्मणों का भोजन, 33 दीपों के दीपदान से किया आध्यात्मिक वातावरण का सृजन
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सेवा, संस्कार और श्रद्धा के माध्यम से दिया सामाजिक एवं धार्मिक जागरूकता का संदेश

शिवसागर, 16 जून : पुरुषोत्तम मास एवं सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (ABMMS) के असम प्रांत अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति द्वारा सोमवार को धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सनातन परंपराओं के संरक्षण को समर्पित दो विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में ब्राह्मण भोजन सेवा, पूजन सामग्री वितरण तथा दीपदान जैसे आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार और धर्म के मूल्यों को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।
समिति की इस पहल को उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समाज के लोगों ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सेवा भाव को आगे बढ़ाने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया।

33 ब्राह्मणों का श्रद्धापूर्वक कराया गया भोजन
कार्यक्रम के प्रथम चरण में शिवसागर स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में 33 ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक भोजन करवाकर ब्राह्मण भोजन सेवा का आयोजन किया गया। समिति की सदस्याओं ने विधि-विधान के साथ ब्राह्मणों का सम्मान किया तथा उन्हें ससम्मान भोजन ग्रहण कराया।
इस अवसर पर प्रत्येक ब्राह्मण को 33-33 पूजन सामग्रियों का वितरण भी किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे पुरुषोत्तम मास के महत्व और सनातन परंपरा के संरक्षण से जुड़ा एक विशेष धार्मिक आयोजन बताया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में दान, सेवा, पूजन और सत्कर्मों का विशेष महत्व माना जाता है। इसी भावना के साथ समिति ने इस सेवा कार्यक्रम को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाने का प्रयास किया।

हनुमान मंदिर नदी घाट पर हुआ 33 दीपों का दीपदान
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सायंकाल शिवसागर के हनुमान मंदिर नदी घाट पर 33 दीपकों का दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। दीपों की पावन ज्योति से संपूर्ण घाट क्षेत्र आध्यात्मिक प्रकाश और श्रद्धा के वातावरण से आलोकित हो उठा।

दीपदान के दौरान उपस्थित सदस्याओं ने समाज, राष्ट्र एवं परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति, सद्भाव और कल्याण की मंगलकामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की।
भक्तिमय वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक संदेश प्रदान किया।

सेवा और संस्कारों के माध्यम से समाज को जोड़ने का प्रयास
समिति की सदस्याओं ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज में सेवा, संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम हैं। पुरुषोत्तम मास के दौरान किए जाने वाले पुण्य कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।
समिति द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इन सदस्याओं ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस अवसर पर संस्था की सचिव प्रीति केजरीवाल सहित अर्चना पोद्दार, कविता अग्रवाल, कृष्णा खेमका, ललिता मित्तल, राधिका अग्रवाल, ज्योति डालमिया, पिंकी फोगला, किरण अग्रवाल, रेखा बुखरेड़िया तथा अंजना अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
सभी सदस्याओं ने कार्यक्रम के सफल आयोजन, संचालन एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान देकर आयोजन को सफल बनाया।

पुरुषोत्तम मास में जारी हैं धार्मिक एवं सेवा गतिविधियां
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समिति की जनसंपर्क अधिकारी पायल अग्रवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति द्वारा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार, आध्यात्मिक जागरूकता और मानवता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव, परोपकार और मानव सेवा की भावना को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

सेवा, श्रद्धा और संस्कृति का प्रेरक संदेश
पुरुषोत्तम मास एवं सोमवती अमावस्या के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सेवा, श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सुंदर उदाहरण बनकर उभरा। शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं का समन्वय ही भारतीय संस्कृति की वास्तविक पहचान है।




