शिवसागर में सिविल डिफेंस का भव्य जिला स्वयंसेवक सम्मेलन संपन्न : ‘जनगण की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’ नाटक ने बांधा समां, स्मृति ग्रंथ ‘प्रतिरक्षा’ का विमोचन हुआ
तीन सौ से अधिक स्वयंसेवकों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सुरक्षा, सेवा और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम

शिवसागर, 24 मई : असम के ऐतिहासिक शहर शिवसागर में असैनिक सुरक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्वयंसेवक सम्मेलन भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

शिवसागर युवा दल सभागार में आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन में सुरक्षा जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा स्वयंसेवकों की भूमिका को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सम्मेलन में असम के विभिन्न जिलों से आए तीन सौ से अधिक स्वयंसेवकों, विभागीय अधिकारियों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता अभियान के साथ हुई। शिवसागर नगरपालिका के सीईओ देबव्रत शर्मा ने स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद सिविल डिफेंस के जिला डिप्टी कंट्रोलर प्राणजीत दत्ता ने विभागीय ध्वजारोहण किया, जबकि वरिष्ठ पोस्ट वार्डन शंकरलाल अग्रवाल ने स्मृति तर्पण कर दिवंगत कर्मियों एवं स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में उपस्थित स्वयंसेवकों ने अनुशासन और सेवा भावना का परिचय देते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प भी लिया। इस मौक पर स्वयंसेवकों के बीच एक आत्मीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर विभाग के एसिस्टेंट डिप्टी कंट्रोलर अजय बुढ़ागोहांई ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि सिविल डिफेंस विभाग केवल आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में ही नहीं, बल्कि समाज में अनुशासन, जागरूकता और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने स्वयंसेवकों से हर परिस्थिति में मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

इसके बाद आयोजित खुले अधिवेशन का उद्घाटन जिला डिप्टी कंट्रोलर प्राणजीत दत्ता ने किया। सभा की शुरुआत प्रार्थना भुइयां के निर्देशन में तैयार विभागीय शीर्ष गीत से हुई। वार्डन और स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत इस प्रेरणादायक गीत ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया और पूरे वातावरण को देशभक्ति एवं सेवा भावना से भर दिया।

खुली सभा में डिमौ की सहजिला आयुक्त लुकुमणि बोरा, एएसपी मयिदुल इस्लाम, चीफ वार्डन प्रदीप कुमार खेमका, शिवसागर कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सौमारज्योति महंत, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की जिलाधिकारी भानुप्रिया गोगोई तथा शिवसागर गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रतिम शर्मा सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं, आगजनी और अन्य आपात परिस्थितियों में असैनिक सुरक्षा विभाग तथा उसके प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। वक्ताओं ने युवाओं से इस प्रकार के सेवा कार्यों से जुड़ने और समाज में सुरक्षा तथा सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विभाग द्वारा प्रकाशित स्मृति ग्रंथ ‘प्रतिरक्षा’ का विमोचन गड़गांव कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सव्यसाची महंत द्वारा किया गया। डॉ. सव्यसाची महंत ने कहा कि यह स्मृति ग्रंथ केवल विभागीय गतिविधियों का दस्तावेज नहीं, बल्कि समाज सेवा और सुरक्षा के प्रति समर्पित लोगों की प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने विभाग की कार्यशैली और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रकाशन भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

सम्मेलन का सांस्कृतिक सत्र भी आकर्षण का केंद्र रहा। विभाग की प्रतिपालक एवं सांस्कृतिक समारोह समिति की अध्यक्ष प्रार्थना भुइयां द्वारा प्रस्तुत बोरगीत से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद स्वयंसेविका राजश्री दत्ता ने मनमोहक दशावतार नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

अन्य स्वयंसेविकाओं ने प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के लोकप्रिय गीतों पर आधारित सृजनात्मक समूह नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। इसके अतिरिक्त आधुनिक गीत, लोकनृत्य तथा विभाग के रंगपुरिया बिहू हुसोरी दल द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक बिहू हुसोरी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में असमिया लोकसंस्कृति और आधुनिक प्रस्तुति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रभावशाली आकर्षण रहा ‘जनता की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’ शीर्षक नाटक का मंचन। जतिन गोगोई के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में सामाजिक सुरक्षा, नागरिक जिम्मेदारी, आपदा प्रबंधन और सामूहिक सहयोग का संदेश दिया गया। नाटक ने यह दर्शाया कि किसी भी संकट की घड़ी में समाज और प्रशासन के बीच समन्वय कितना आवश्यक है। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की मुक्त कंठ से सराहना की।

कार्यक्रम का समापन जुबिन गर्ग के लोकप्रिय गीत ‘मायाबिनी’ की प्रस्तुति के साथ हुआ। पूरे दिन चले इस सम्मेलन में सेवा, अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक दायित्व का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

प्रार्थना भुइयां के कुशल संचालन में आयोजित इस जिला स्वयंसेवक सम्मेलन डिप्टी चीफ वार्डन गोबिंद चंद्र बोरा, डिवीजनल वार्डन नीरेन दत्त, पोस्ट वार्डन रूपचंद करनाणी, डॉ. जहीरूद्दीन खान, रोनी स्मिथ, नंदकिशोर साहू, सेक्टर वार्डन सुरेश अग्रवाल, नाजिरा सहजिला डिप्टी चीफ वार्डन पवन मस्करा एवं पोस्ट वार्डन अमीना बेगम सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस सम्मेलन ने न केवल विभागीय गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान की, बल्कि समाज में सिविल डिफेंस विभाग की उपयोगिता और महत्व को भी रेखांकित किया। आयोजन की सफलता को लेकर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों एवं स्वयंसेवकों ने आयोजक समिति की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।




