विश्व पर्यावरण दिवस पर शिवसागर में हरित क्रांति का आह्वान : जिला आयुक्त मृदुल यादव ने किया पौधारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ : स्वयंसेवी संगठनों से पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील
“पहुगढ़ की हरित विरासत से प्रेरणा लेकर शिवसागर को बनाएं और अधिक हराभरा” – मृदुल यादव

शिवसागर, 5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे देश और असम के विभिन्न हिस्सों की तरह शिवसागर जिले में भी पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को समर्पित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में शिवसागर जिला प्रशासन की ओर से जिला आयुक्त कार्यालय परिसर में एक विशेष पौधारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, वृक्षारोपण को जन आंदोलन का रूप देना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर शिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं बल्कि मानव समाज की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

जिला आयुक्त ने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करें तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुंदर, स्वच्छ और हरित धरती का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी को उठानी होगी।

अपने संबोधन में मृदुल यादव ने विशेष रूप से शिवसागर जिले में स्थित पहुगढ़ प्राकृतिक चिड़ियाघर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एशिया के प्रथम प्राकृतिक चिड़ियाघर के रूप में प्रसिद्ध पहुगढ़ की हरित और प्राकृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर पूरे जिले में पौधारोपण एवं पौध संरक्षण के माध्यम से एक व्यापक हरित क्रांति की शुरुआत की जा सकती है। उन्होंने लोगों से प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान जिला आयुक्त सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यालय परिसर में पौधे रोपे तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे वितरित किए। अधिकारियों ने लोगों को फलदार, छायादार और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों के रोपण एवं संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर जिला विकास आयुक्त पवित्र कुमार दास, अतिरिक्त जिला आयुक्त लुकुमणि बोरा, मीनाक्षी पेर्मे, सोनतृष्णा घरफलिया तथा गौरीप्रिया देउरी सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उपस्थित लोगों ने पौधारोपण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर वर्षभर जारी रखने का संकल्प भी लिया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिवसागर जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया यह अभियान जिले में हरित चेतना को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




