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शिवसागर में लॉटरी और कथित सिंडिकेट को लेकर असमिया युवा मंच का तीखा विरोध—प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग : केंद्रीय अध्यक्ष जादव गोगोई ने शिक्षक भवन के नाम पर प्रस्तावित लॉटरी पर उठाए सवाल—बाढ़ प्रभावितों की स्थिति का किया जिक्र : आयुष अंजन गोगोई को शिवसागर जिला समिति का सचिव बनाए जाने की घोषणा—आगामी केंद्रीय कार्यकारिणी में सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

आकाश सैकिया ने कोयला-सुपारी के कथित सिंडिकेट को लेकर सरकार से पूछे सवाल—जरूरत पड़ने पर जंतर-मंतर तक आंदोलन की चेतावनी

शिवसागर, 30 सितंबर : असमिया युवा मंच ने शिवसागर में प्रस्तावित एक लॉटरी आयोजन और कोयला-सुपारी के कथित सिंडिकेट को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिवसागर प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष जादव गोगोई ने संबोधित किया। इस दौरान संगठन ने बाढ़ प्रभावितों की मौजूदा स्थिति, शिक्षक भवन के नाम पर प्रस्तावित लॉटरी, प्रशासन की कथित अनुमति तथा कोयला-सुपारी के कथित अवैध कारोबार सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

आयुष अंजन गोगोई को जिला सचिव की जिम्मेदारी देने की घोषणा

संवाददाता सम्मेलन में संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई। केंद्रीय अध्यक्ष जादव गोगोई ने बताया कि शिवसागर में आयोजित होने वाली असमिया युवा मंच की आगामी केंद्रीय कार्यकारिणी में आयुष अंजन गोगोई को संगठन की शिवसागर जिला समिति के सचिव की जिम्मेदारी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि संगठन जिले में अपनी गतिविधियों को और मजबूत करने के साथ ही स्थानीय जनसमस्याओं को लगातार प्रमुखता से उठाता रहेगा।

‘बाढ़ के दो महीने बाद भी संभल नहीं पाए हैं लोग’

जादव गोगोई ने हाल की विनाशकारी बाढ़ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बाढ़ को लगभग दो महीने गुजर जाने के बावजूद कई प्रभावित परिवार अभी तक पूरी तरह संभल नहीं पाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान और पुनर्वास संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में शिवसागर महकमा प्राथमिक शिक्षा सम्मिलनी की ओर से शिक्षक भवन के नाम पर लॉटरी आयोजित किए जाने की तैयारी किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।

9 करोड़ रुपये की लॉटरी के दावे पर उठाए सवाल

जादव गोगोई ने दावा किया कि शिक्षक भवन के नाम पर करीब 9 करोड़ रुपये के पैमाने की लॉटरी आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बाढ़ प्रभावित परिवार सहायता के लिए परेशान हैं और दूसरी तरफ इतनी बड़ी राशि से जुड़ा लॉटरी आयोजन कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने दावा किया कि कई बाढ़ प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये की राहत राशि तक नहीं मिली है। ऐसे समय में शिक्षक संगठन की ओर से इतने बड़े स्तर पर लॉटरी आयोजित किए जाने को उन्होंने अनुचित बताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग की।

लॉटरी के पीछे ‘दलाल गिरोह’ होने का आरोप

असमिया युवा मंच ने इस प्रस्तावित लॉटरी आयोजन के पीछे एक कथित ‘दलाल गिरोह’ के सक्रिय होने का भी आरोप लगाया। जादव गोगोई ने दावा किया कि इस समूह से जुड़े लोगों ने पहले डिमौ में भी एक लॉटरी आयोजित की थी और उस लॉटरी से प्राप्त धन के कथित दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई थीं।

संगठन ने जिला प्रशासन और पुलिस से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने की मांग की है। ये आरोप असमिया युवा मंच की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।

‘शिक्षक भवन पहले ही बन चुका है तो फिर लॉटरी क्यों?’

जादव गोगोई ने शिक्षक भवन के नाम पर लॉटरी आयोजित करने के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से शिक्षक भवन का निर्माण पहले ही किया जा चुका है।

उन्होंने सवाल किया कि यदि शिक्षक भवन पहले से मौजूद है तो फिर शिक्षक भवन के नाम पर दोबारा इतनी बड़ी लॉटरी आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। संगठन ने आयोजकों से लॉटरी से जुटाई जाने वाली राशि के उद्देश्य और उसके इस्तेमाल को सार्वजनिक करने की मांग की।

5 अक्टूबर की कथित अनुमति को लेकर जिला प्रशासन से सवाल

असमिया युवा मंच ने दावा किया कि शिवसागर जिला आयुक्त ने 5 अक्टूबर को लॉटरी आयोजित करने की अनुमति प्रदान की है। संगठन ने सवाल किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में इस तरह के आयोजन को जिला प्रशासन ने किन नियमों और परिस्थितियों के आधार पर अनुमति दी।

जादव गोगोई ने प्रशासन से लॉटरी की वैधानिक स्थिति और अनुमति की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की।

जिला और पुलिस प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

जादव गोगोई ने बताया कि असमिया युवा मंच प्रस्तावित लॉटरी को बंद कराने की मांग को लेकर शिवसागर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पहले ही ज्ञापन सौंप चुका है।

उन्होंने कहा कि संगठन ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है और अब जिला एवं पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की जांच की अपेक्षा है। यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित किया

असमिया युवा मंच ने इस मामले में राज्य के शिक्षा मंत्री का ध्यान भी आकर्षित किया। जादव गोगोई ने सवाल किया कि शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक आखिर किस तरह की गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं और क्या विभाग को प्रस्तावित लॉटरी आयोजन की जानकारी है।

उन्होंने शिक्षा विभाग से भी मामले की जांच कराने और शिक्षक भवन के नाम पर लॉटरी आयोजित करने के उद्देश्य को स्पष्ट कराने की मांग की।

‘लॉटरी हुई और अप्रिय स्थिति बनी तो संगठन जिम्मेदार नहीं’

जादव गोगोई ने कहा कि संगठन ने पहले ही जिला और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी आपत्ति से अवगत करा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बावजूद लॉटरी आयोजित की जाती है और किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो उसके लिए असमिया युवा मंच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से समय रहते मामले की जांच कर उचित कदम उठाने की मांग की। संगठन ने कहा कि उसकी मांग है कि पूरा मामला कानूनसम्मत तरीके से जांचा जाए और किसी भी अनियमितता की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाए।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जादव गोगोई ने कहा कि यदि जिला प्रशासन कथित रूप से अवैध लॉटरी आयोजित करने से जुड़े शिक्षकों और अन्य लोगों के खिलाफ जांच एवं आवश्यक कार्रवाई नहीं करता है तो असमिया युवा मंच इस मुद्दे पर अपना आंदोलन तेज करेगा।

उन्होंने दोहराया कि संगठन प्रशासन से पहले जांच और कानूनी कार्रवाई चाहता है तथा संबंधित अधिकारियों को इस बारे में पहले ही अवगत कराया जा चुका है।

कोयला और सुपारी के कथित सिंडिकेट पर आकाश सैकिया ने उठाए सवाल

संवाददाता सम्मेलन में असमिया युवा मंच के केंद्रीय प्रभारी सचिव आकाश सैकिया ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के समक्ष कोयला तथा सुपारी के कथित सिंडिकेट का मुद्दा उठाया। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ दिए जाने वाले नारे ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि मौजूदा परिस्थितियों में यह नारा कहां गया।

सैकिया ने आरोप लगाया कि बाढ़ का दौर गुजरते ही क्षेत्र में कोयला और सुपारी के कथित सिंडिकेट की गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं। उन्होंने सरकार से इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

दो विधायकों को लेकर भी उठाए सवाल

आकाश सैकिया ने आरोप लगाया कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करने वाली सरकार से जुड़े दो विधायकों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कथित तौर पर कोयला सिंडिकेट फिर शुरू हुआ है। हालांकि उन्होंने जिन गतिविधियों का उल्लेख किया, उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस संवाददाता सम्मेलन में प्रस्तुत जानकारी से नहीं की जा सकती।

उन्होंने हेमंत मोरान, योगेश माउत और संजीव हजारिका के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इनके नेतृत्व में कथित कोयला सिंडिकेट फिर सक्रिय हुआ है। ये आरोप असमिया युवा मंच की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

नागालैंड के तुली को लेकर दावा—‘ऊपर से निर्देश कहां से आया?’

आकाश सैकिया ने नागालैंड के तुली क्षेत्र का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां भी कोयले से जुड़े कथित सिंडिकेट को शुरू करने की तैयारी चल रही है और इसके लिए ‘ऊपर से निर्देश’ मिलने की बात सामने आ रही है।

उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कथित ‘ऊपर का निर्देश’ कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग हैं। संगठन ने संबंधित एजेंसियों से इन आरोपों की जांच कराने की मांग की।

‘एक तरफ बाढ़ प्रभावित परेशान, दूसरी तरफ सिंडिकेट के आरोप’

सैकिया ने कहा कि एक तरफ बाढ़ प्रभावित लोग कथित तौर पर 15 हजार रुपये की सहायता राशि नहीं मिलने के कारण परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ कोयला और सुपारी के कथित सिंडिकेट फिर सक्रिय होने की बातें सामने आ रही हैं।

उन्होंने सवाल किया कि यदि इस तरह की अवैध गतिविधियां वास्तव में चल रही हैं तो सरकार और संबंधित विभाग इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।

‘मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसे कार्यों का समर्थन नहीं’

आकाश सैकिया ने कहा कि संगठन मुख्यमंत्री का सम्मान करता है, लेकिन कथित अवैध सिंडिकेट जैसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

जंतर-मंतर तक आंदोलन ले जाने की चेतावनी

असमिया युवा मंच ने कहा कि संगठन पहले भी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर चुका है। आकाश सैकिया ने जुबिन गर्ग के लिए न्याय तथा असम की बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित करने की मांग को लेकर किए गए विरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो कथित अवैध सिंडिकेट के खिलाफ भी संगठन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।

कुल मिलाकर शिवसागर प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में असमिया युवा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष जादव गोगोई और केंद्रीय प्रभारी सचिव आकाश सैकिया ने प्रस्तावित लॉटरी की वैधानिकता, उसके वित्तीय उद्देश्य, जिला प्रशासन की कथित अनुमति तथा कोयला-सुपारी के कथित सिंडिकेट को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। संगठन ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से इन मामलों की जांच कर वास्तविक तथ्य जनता के सामने रखने की मांग की। लॉटरी और कथित सिंडिकेट से संबंधित आरोप फिलहाल असमिया युवा मंच के दावे हैं और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

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