महाराजा अग्रसेन की 5180वीं जयंती पर शिवसागर से अनूठी पहल—असम व नॉर्थ-ईस्ट के अग्र परिवारों में घर-घर होगा पूजन और मंगल आरती : श्री अग्रवाल सभा एवं अग्रवाल महिला समिति शिवसागर की ‘घर-घर अग्रसेन जी—घर-घर मंगल आरती’ प्रतियोगिता, महाराजा अग्रसेन व कुलदेवी लक्ष्मी माता के पूजन से एक सूत्र में जुड़ेंगे परिवार : पूजन-आरती के साथ फोटो और मंडप सजावट को मिलेगा विशेष महत्व : परिवार के सदस्यों को बनाना होगा वीडियो, 11 अक्टूबर दोपहर 1 बजे तक भेज सकेंगे प्रविष्टि
प्रथम विजेता को 5,100, द्वितीय को 2,100 और तृतीय को 1,100 का नकद पुरस्कार : UPI के माध्यम से भेजी जाएगी पुरस्कार राशि : नई पीढ़ी को संस्कार और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास—असम एवं पूरे नॉर्थ-ईस्ट के अग्र परिवारों से सहभागिता की अपील

शिवसागर, 2 अक्टूबर : अग्रकुल शिरोमणि महाराजा अग्रसेन जी की 5180वीं जयंती को इस बार परिवार, परंपरा, संस्कार और सामाजिक एकता के विशेष उत्सव के रूप में मनाने के उद्देश्य से श्री अग्रवाल सभा एवं अग्रवाल महिला समिति, शिवसागर ने एक अनूठी पहल की है। दोनों संस्थाओं की ओर से असम एवं पूरे नॉर्थ-ईस्ट में निवास करने वाले अग्र परिवारों के लिए ‘घर-घर अग्रसेन जी एवं कुलदेवी लक्ष्मी माता पूजन एवं आरती प्रतियोगिता’ आयोजित की जा रही है। इसका मूल संदेश “घर-घर अग्रसेन जी—घर-घर मंगल आरती” रखा गया है।

इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसके लिए परिवारों को किसी एक आयोजन स्थल पर एकत्रित होने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में रहने वाले अग्र परिवार अपने-अपने घरों में महाराजा अग्रसेन जी और कुलदेवी लक्ष्मी माता का विधिवत पूजन एवं आरती करेंगे। इस तरह एक ही दिन अनेक घरों में होने वाला पूजन पूरे समाज को आस्था और संस्कार के एक साझा सूत्र में जोड़ने का माध्यम बनेगा।
11 अक्टूबर को घर-घर गूंजेगी महाराजा अग्रसेन की आरती
वर्ष 2026 में महाराजा अग्रसेन जयंती रविवार, 11 अक्टूबर को मनाई जाएगी। आयोजकों के अनुसार इसी दिन प्रतियोगिता में शामिल परिवारों को अपने घरों में महाराजा अग्रसेन जी एवं कुलदेवी लक्ष्मी माता का विधिवत पूजन और आरती करनी होगी।
आयोजन समिति ने इस धार्मिक कार्यक्रम को केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे घर और परिवार के स्तर पर महाराजा अग्रसेन के प्रति श्रद्धा तथा समाज की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है।
‘घर-घर अग्रसेन जी—घर-घर मंगल आरती’ बनेगा आयोजन का संदेश
श्री अग्रवाल सभा एवं अग्रवाल महिला समिति शिवसागर का प्रयास है कि महाराजा अग्रसेन जयंती का उत्सव समाज के प्रत्येक परिवार और विशेष रूप से नई पीढ़ी तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से “घर-घर अग्रसेन जी—घर-घर मंगल आरती” का संदेश दिया गया है।
आयोजकों का मानना है कि असम एवं नॉर्थ-ईस्ट के अलग-अलग शहरों, कस्बों और क्षेत्रों में रहने वाले अग्र परिवार जब एक ही दिन अपने-अपने घरों में महाराजा अग्रसेन एवं कुलदेवी लक्ष्मी माता की पूजा-अर्चना करेंगे, तो इससे भौगोलिक दूरी के बावजूद सामाजिक और भावनात्मक एकता का वातावरण तैयार होगा।
पूरे परिवार की सहभागिता—पूजन और आरती का बनाना होगा वीडियो
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले परिवारों को 11 अक्टूबर को अपने घर में महाराजा अग्रसेन जी और कुलदेवी लक्ष्मी माता का पूजन करना होगा। इसके बाद परिवार के सदस्यों को सामूहिक रूप से आरती में शामिल होकर उसका वीडियो तैयार करना होगा।
इस पहल के माध्यम से आयोजन समिति चाहती है कि पूजा केवल परिवार के कुछ सदस्यों तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसमें सहभागी बनें। इससे नई पीढ़ी को परिवार और समाज की परंपराओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

पूजन-आरती ही नहीं, फोटो और मंडप सजावट भी होगी महत्वपूर्ण
प्रतियोगिता को रचनात्मक और आकर्षक स्वरूप देने के लिए मूल्यांकन में केवल पूजन और आरती ही नहीं, बल्कि फोटो सजावट एवं मंडप सजावट को भी विशेष महत्व दिया जाएगा।
प्रतिभागी परिवार अपने घर में महाराजा अग्रसेन एवं कुलदेवी लक्ष्मी माता के पूजन स्थल को अपनी श्रद्धा और रचनात्मकता के अनुरूप पारंपरिक एवं आकर्षक ढंग से सजा सकेंगे। आयोजकों ने परिवारों से आग्रह किया है कि वे पूजन स्थल की सजावट में भारतीय एवं सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं की गरिमा का ध्यान रखते हुए पूरे उत्साह के साथ भागीदारी करें।
नई पीढ़ी तक पहुंचेंगे समाज के संस्कार और परंपराएं
आयोजकों के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य केवल विजेताओं का चयन करना नहीं है। इसके पीछे प्रमुख भावना समाज की नई पीढ़ी को महाराजा अग्रसेन से जुड़ी परंपराओं, पारिवारिक संस्कारों और सामूहिक धार्मिक चेतना से जोड़ना है।
आज अग्र परिवार असम और नॉर्थ-ईस्ट के विभिन्न हिस्सों में निवास करते हैं। ऐसे में घर-घर पूजन की यह पहल सभी को एक साझा अवसर प्रदान करेगी, जिसमें प्रत्येक परिवार अपने स्थान से ही समाज के सामूहिक उत्सव का हिस्सा बन सकेगा।
आयोजकों को उम्मीद है कि बच्चे और युवा जब परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ पूजन, आरती और सजावट में भाग लेंगे, तो उनके बीच अपनी परंपराओं के प्रति जुड़ाव और अधिक मजबूत होगा।
11 अक्टूबर दोपहर 1 बजे तक भेजना होगा वीडियो
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले परिवारों को अपने घर में किए गए पूजन एवं आरती का वीडियो निर्धारित WhatsApp नंबर पर भेजना होगा। इसके लिए अंतिम समय-सीमा 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे तक निर्धारित की गई है।
आयोजन समिति ने सभी इच्छुक परिवारों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और अपना वीडियो समय पर भेजें, ताकि सभी प्राप्त प्रविष्टियों की मूल्यांकन प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सके।
विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार—प्रथम पुरस्कार 5,100
आयोजन को और अधिक उत्साहपूर्ण बनाने के लिए प्रतियोगिता में तीन नकद पुरस्कार रखे गए हैं। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले परिवार को 5,100, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले परिवार को 2,100 तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले परिवार को 1,100 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार विजेता परिवारों को निर्धारित पुरस्कार राशि UPI के माध्यम से भेजी जाएगी। पुरस्कारों का उद्देश्य परिवारों को इस आयोजन से जोड़ने के साथ पूजन, आरती और पारंपरिक सजावट में उनकी रचनात्मक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
असम से पूरे नॉर्थ-ईस्ट तक अग्र परिवारों को जोड़ने की कोशिश
शिवसागर में आयोजित होने वाले अनेक सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों से अलग इस प्रतियोगिता का दायरा केवल शहर या जिले तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें असम सहित पूरे नॉर्थ-ईस्ट में रहने वाले अग्र परिवारों को सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है।
इस व्यापक स्वरूप के पीछे उद्देश्य है कि विभिन्न स्थानों पर बसे परिवार महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर एक साझा धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधि से जुड़ सकें। एक ही तिथि को अलग-अलग घरों में होने वाला पूजन एवं आरती समाज में सामूहिकता की भावना को विस्तार देने का माध्यम बनेगा।
महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को परिवार स्तर तक पहुंचाने का प्रयास
महाराजा अग्रसेन को अग्रवाल समाज में अत्यंत श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। अग्रसेन जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
शिवसागर की श्री अग्रवाल सभा एवं अग्रवाल महिला समिति द्वारा प्रस्तावित यह आयोजन इसी उत्सव को घर और परिवार के स्तर तक पहुंचाने की पहल है। आयोजकों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में परिवार की सामूहिक सहभागिता से सामाजिक संस्कार और मजबूत होते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को निकट से समझने का अवसर मिलता है।
एक ही दिन, अलग-अलग घर—लेकिन आस्था और भावना एक
प्रतियोगिता की अवधारणा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यही है कि इसके प्रतिभागी भले ही अलग-अलग स्थानों पर हों, लेकिन पूजा और आरती के माध्यम से उनकी भावना एक रहेगी। आयोजकों ने इसे धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक एवं सामाजिक जुड़ाव का अवसर बताया है।
आयोजन समिति ने कहा है कि प्रत्येक परिवार अपनी श्रद्धा, उपलब्ध संसाधनों और रचनात्मकता के अनुरूप पूजन स्थल तैयार कर सकता है। उद्देश्य भव्यता की प्रतिस्पर्धा के बजाय श्रद्धा, सहभागिता, संस्कार और पारिवारिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करना है।
प्रतियोगिता संबंधी जानकारी और वीडियो भेजने के लिए संपर्क नंबर जारी
प्रतियोगिता से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए मनोज अग्रवाल से मोबाइल नंबर 9435057189 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले परिवार अपने पूजन एवं आरती का वीडियो सौरभ अग्रवाल के मोबाइल नंबर 8876133897 पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेज सकेंगे।
आयोजन समिति ने प्रतिभागियों से वीडियो भेजते समय आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने और समय-सीमा का पालन करने का अनुरोध किया है।
सभा और महिला समिति ने अग्र बंधुओं से की विशेष अपील
श्री अग्रवाल सभा शिवसागर के अध्यक्ष आत्माराम अग्रवाल एवं सचिव संजय केडी अग्रवाल तथा श्री अग्रवाल महिला समिति की अध्यक्ष मंजू छाव छरिया एवं सचिव रचना चित्तावत ने असम एवं नॉर्थ-ईस्ट में रहने वाले सभी अग्र बंधुओं और परिवारों से प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का अनुरोध किया है।
पदाधिकारियों ने परिवारों से महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर अपने घर में महाराजा अग्रसेन एवं कुलदेवी लक्ष्मी माता का श्रद्धापूर्वक पूजन करने, मंगल आरती में पूरे परिवार को शामिल करने और नई पीढ़ी को भी आयोजन से जोड़ने की अपील की है।
भक्ति, संस्कार और सामाजिक एकता का बनेगा महोत्सव
श्री अग्रवाल सभा एवं अग्रवाल महिला समिति, शिवसागर की इस पहल के माध्यम से 5180वीं अग्रसेन जयंती को केवल एक धार्मिक तिथि के रूप में नहीं, बल्कि भक्ति, पारिवारिक संस्कार, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना के महोत्सव के रूप में घर-घर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि असम से लेकर नॉर्थ-ईस्ट के विभिन्न क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में अग्र परिवार इस पहल से जुड़ेंगे और 11 अक्टूबर को अपने घरों में महाराजा अग्रसेन जी एवं कुलदेवी लक्ष्मी माता की पूजा-अर्चना तथा मंगल आरती कर सामाजिक एकजुटता का संदेश देंगे।
इस पूरे आयोजन का मूल भाव है—“घर-घर अग्रसेन जी—घर-घर मंगल आरती।” इसी के साथ आयोजकों ने समाज को “जय श्री अग्रसेन महाराज जी, जय मां लक्ष्मी” के उद्घोष के साथ 5180वीं अग्रसेन जयंती को श्रद्धा, उत्साह और पारिवारिक सहभागिता के साथ मनाने का आह्वान किया है।




