गुवाहाटी में 17 से 23 दिसंबर तक श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य एवं भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा होंगे मुख्य संरक्षक : विप्र फाउण्डेशन की अनूठी आध्यात्मिक पहल : गुवाहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन में बहेगी श्रीमद्भागवत कथा की ज्ञान गंगा : दण्डी स्वामी शिवेंद्राश्रम जी महाराज के श्रीमुख से होगा कथा अमृत का रसपान : राजकुमार शर्मा और हरेन महंतो होंगे मुख्य यजमान
मुख्यमंत्री ने आयोजन को बताया असमिया और मारवाड़ी समाज के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का अनुपम उदाहरण

गुवाहाटी, 7 अक्टूबर : माँ कामाख्या की पावन नगरी गुवाहाटी में आगामी 17 से 23 दिसंबर 2026 तक भक्ति, श्रद्धा, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विप्र फाउण्डेशन असम जोन-8, गुवाहाटी चैप्टर तथा महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में गुवाहाटी गौशाला परिसर स्थित वृंदावन गार्डन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य एवं भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक महोत्सव के मुख्य संरक्षक असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा होंगे।

दण्डी स्वामी शिवेंद्राश्रम जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित होगी ज्ञान गंगा
आयोजकों के अनुसार, सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय वाचन परम पूज्य श्रीमद् दण्डी स्वामी शिवेंद्राश्रम जी महाराज के श्रीमुख से होगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक रहस्यों, भक्ति की महिमा, धर्म, संस्कार और सनातन जीवन मूल्यों का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
माँ कामाख्या की पवित्र नगरी तथा गौसेवा की पुण्यभूमि गुवाहाटी गौशाला में आयोजित होने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक एकता और पारस्परिक भाईचारे को सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
राजकुमार शर्मा और हरेन महंतो होंगे मुख्य यजमान
श्रीमद्भागवत कथा के मुख्य यजमान भारतीय जनता पार्टी के असम प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं विप्र फाउण्डेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राजकुमार शर्मा तथा स्थानीय समाजसेवी हरेन महंतो होंगे।
दोनों मुख्य यजमानों ने जानकारी देते हुए बताया कि माँ कामाख्या की पावन धरती पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त समाज के लिए आध्यात्मिक सौभाग्य का अवसर होगा। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन को असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा का संरक्षण प्राप्त होना आयोजकों तथा श्रद्धालुओं के लिए विशेष हर्ष और गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने की आयोजन की सराहना—सामाजिक एकता को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने विप्र फाउण्डेशन द्वारा आयोजित किए जा रहे इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस प्रकार के धार्मिक आयोजन करना न केवल आपसी सामाजिक एकता को प्रगाढ़ बनाता है, बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि असमिया और मारवाड़ी समाज क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर भगवान नारायण श्रीहरि की भक्ति और सनातन धर्म के मूल्यों के माध्यम से एक-दूसरे के और निकट आ सकते हैं। ऐसे आयोजन हमारी सनातन जड़ों से जुड़ाव को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में धार्मिक सद्भाव, परस्पर सम्मान और एकात्मता की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।
असमिया और मारवाड़ी समाज के सांस्कृतिक समन्वय का बनेगा सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत कथा के इस आयोजन को असमिया और मारवाड़ी समाज के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय स्थापित करने का एक अत्यंत प्रशंसनीय प्रयास बताया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की सार्थकता केवल पूजा-अर्चना और कथा श्रवण तक सीमित नहीं होती, बल्कि इनके माध्यम से समाज में प्रेम, सहयोग, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की भावना भी सशक्त होती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, भगवान श्रीहरि की भक्ति सभी को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम है। इस प्रकार के आयोजन विभिन्न भाषायी और सामाजिक समुदायों के बीच आपसी आत्मीयता बढ़ाने तथा सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सर्व समाज से कथा श्रवण कर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सभी समाजों के श्रद्धालुओं से आगामी 17 से 23 दिसंबर तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित होकर भगवान श्रीहरि के पावन नाम और कथा अमृत का श्रवण करने की कामना व्यक्त की है।
उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से यह आध्यात्मिक आयोजन अपनी दिव्यता और भव्यता को पूर्णता प्रदान करेगा।
विप्र फाउण्डेशन असम जोन-8, गुवाहाटी चैप्टर और महिला प्रकोष्ठ की इस संयुक्त पहल से गुवाहाटी में सात दिनों तक भक्तिमय वातावरण निर्मित होने की अपेक्षा है। आयोजकों का उद्देश्य श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से सनातन धर्म के शाश्वत संदेश, आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।
माँ कामाख्या की पावन नगरी में आयोजित होने वाली यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा न केवल श्रद्धा और भक्ति का महोत्सव होगी, बल्कि असमिया एवं मारवाड़ी समाज के बीच सांस्कृतिक सौहार्द, धार्मिक एकता और सनातन संस्कारों के संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश भी देगी।




