तप, त्याग और साधना का सम्मान—सुधीर सेठी व सिम्पल सेठी का गुवाहाटी में तपस्वी अभिनंदन : दशलक्षण पर्व के व्रत निर्विघ्न संपन्न होने पर श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला महासभा, गुवाहाटी शाखा ने किया सम्मान : पूज्य 108 श्री पुण्यसागर जी महाराज के सान्निध्य में की धार्मिक साधना—तपोभिनंदन पत्र एवं उपहार भेंट कर की तपस्या की अनुमोदना
तिलक लगाकर और माला पहनाकर किया अभिनंदन—सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय आध्यात्मिक जीवन की कामना

गुवाहाटी, 29 सितंबर : श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला महासभा, गुवाहाटी शाखा की ओर से तप, त्याग और धार्मिक साधना के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए श्रीमान सुधीर सेठी एवं श्रीमती सिम्पल सेठी का आत्मीय तपस्वी अभिनंदन किया गया। दशलक्षण पर्व के दौरान दोनों ने पूज्य 108 श्री पुण्यसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में व्रत एवं धार्मिक साधना निर्विघ्न रूप से संपन्न की। गुवाहाटी आगमन के पश्चात महासभा की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनके निवास स्थान पर पहुंचकर उनकी तपस्या की अनुमोदना की और सम्मान समारोह आयोजित किया।

तपोभिनंदन पत्र और उपहार भेंट कर किया सम्मान
इस अवसर पर श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला महासभा की गुवाहाटी शाखा की सदस्यों ने तपस्वी दंपति को तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। साथ ही उन्हें तपोभिनंदन पत्र और उपहार भेंट कर दशलक्षण पर्व के दौरान की गई उनकी धार्मिक साधना, संयम और तप की हृदय से अनुमोदना की गई। महासभा की सदस्यों ने दोनों के सुख, शांति और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए उनकी तपस्या को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिखा छाबड़ा ने सदस्यों के साथ सौंपा तपोभिनंदन पत्र
समारोह के दौरान श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला महासभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिखा छाबड़ा ने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सुधीर सेठी एवं सिम्पल सेठी को तपोभिनंदन पत्र भेंट किया। सदस्यों ने कहा कि धार्मिक पर्व के दौरान व्रत, संयम और साधना के माध्यम से आत्मकल्याण की दिशा में किया गया प्रयास न केवल साधक के आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध करता है, बल्कि समाज को भी धर्म, संयम और त्याग के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
रश्मि जैन ने की तप, त्याग और धार्मिक साधना की अनुमोदना
गुवाहाटी शाखा की अध्यक्ष रश्मि जैन ने तपस्वी दंपति की साधना की हृदय से अनुमोदना करते हुए कहा कि सुधीर सेठी एवं सिम्पल सेठी द्वारा दशलक्षण पर्व के दौरान की गई तपस्या, त्याग और धार्मिक आराधना प्रशंसनीय एवं प्रेरणादायी है। उन्होंने दोनों के उज्ज्वल आध्यात्मिक जीवन, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति और मंगलमय भविष्य की कामना की।

महासभा की सदस्यों ने की मंगलकामना
तपस्वी अभिनंदन समारोह में महासभा की सदस्य संगीता कासलीवाल, रिचा गोधा, दीप्ति कासलीवाल, उषा पहाड़िया, ममता जैन, नीलम झंझरी, संतोष पाटनी, रश्मि बाकलीवाल, वंदना पाटनी और नेहा पांड्या की उपस्थिति रही। सभी सदस्यों ने तपस्वी दंपति की साधना की अनुमोदना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध जीवन की मंगलकामना की।
तप और संयम की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश
समारोह के माध्यम से जैन धर्म में तप, त्याग, संयम और आत्मशुद्धि के महत्व का संदेश भी दिया गया। महासभा की ओर से तपस्वी दंपति का अभिनंदन करते हुए उनकी धार्मिक साधना को समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, आत्मीयता और धर्मभाव का वातावरण रहा।




