शिवसागर में महिला क्रिकेट का ऐतिहासिक आगाज : शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति के WPL सीज़न-1 में ‘देसी दिवाज़’ बनी पहली चैंपियन : माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स को रोमांचक फाइनल में 8 रन से हराया : छह टीमों की 36 खिलाड़ियों ने मैदान पर दिखाया दम : छाया बोरा बनीं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट और बेस्ट बैट्समैन, सर्वाधिक छक्के और सर्वाधिक रन भी उनके नाम, संगीता कुमारी बनीं बेस्ट बॉलर : सेमीफाइनल में देसी दिवाज़ और माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स का शानदार प्रदर्शन—फाइनल में छाया बोरा की 18 गेंदों पर 49 रन की विस्फोटक पारी बनी निर्णायक
‘अलग-अलग टीमें, एक ही सपना’ और ‘खेलें • सहयोग करें • सशक्त बनाएं’ के संदेश के साथ महिला प्रतिभा, नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम भावना को मिला नया मंच : विजेता खिलाड़ियों को 6-6 हजार रुपये मूल्य की फेशियल किट—36 खिलाड़ियों को सहभागिता पुरस्कार, फ्रेंडली मैच के 12 प्रतिभागी भी सम्मानित

शिवसागर, 28 सितंबर : शिवसागर के खेल इतिहास में रविवार का दिन महिला क्रिकेट के लिए एक नई शुरुआत का साक्षी बना। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, असम प्रदेश के अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की ओर से शहर में पहली बार आयोजित वुमेंस प्रीमियर क्रिकेट लीग (WPL) सीज़न-1 रोमांचक मुकाबलों, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और दर्शकों के उत्साह के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। स्काई टर्फ ग्राउंड पर आयोजित इस प्रतियोगिता में छह टीमों की कुल 36 खिलाड़ियों ने मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाई। टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में देसी दिवाज़ ने माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स को 8 रन से पराजित कर WPL सीज़न-1 की पहली चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स उपविजेता रही।

महिलाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को सामने लाने तथा आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आपसी सहयोग और टीम भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता ने पहले ही संस्करण में शहर के खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन का प्रेरक संदेश ‘अलग-अलग टीमें, एक ही सपना’ रखा गया, जबकि ‘खेलें • सहयोग करें • सशक्त बनाएं’ के संदेश के माध्यम से खेल और महिला सशक्तिकरण को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रयास किया गया।

छह टीमों ने संभाला मोर्चा, 36 महिला खिलाड़ी उतरीं मैदान में
WPL सीज़न-1 में देसी दिवाज़, सृजन स्टारलाइट स्ट्राइडर्स, रॉयल क्वीन्स, माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स, संगम स्ट्राइकर्स और ड्रीम वॉरियर्स ने हिस्सा लिया। प्रत्येक टीम में छह खिलाड़ी शामिल थीं।
देसी दिवाज़ की कप्तानी गरविता अग्रवाल, सृजन स्टारलाइट स्ट्राइडर्स की रितिका डालमिया, रॉयल क्वीन्स की रेखा बुखरेड़िया, माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स की राधिका बजाज गट्टानी, संगम स्ट्राइकर्स की रीमा अग्रवाल और ड्रीम वॉरियर्स की कमान नीलाखी मर्फी शर्मा ने संभाली।
ग्रुप-A में संगम स्ट्राइकर्स, ड्रीम वॉरियर्स और माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स को रखा गया, जबकि ग्रुप-B में रॉयल क्वीन्स, सृजन स्टारलाइट स्ट्राइडर्स और देसी दिवाज़ शामिल थीं। छह लीग मुकाबलों के बाद श्रेष्ठ टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। पूरे टूर्नामेंट में लीग चरण, दो सेमीफाइनल और फाइनल सहित कुल नौ मुख्य मुकाबले खेले गए।

राज्य गान और राष्ट्रगान के साथ शुभारंभ, खेल जगत की हस्तियां बनीं साक्षी
आयोजन का औपचारिक शुभारंभ राज्य गान और राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट चेयरपर्सन एवं संयोजिका अंशु शर्मा ने संभाली, जबकि स्वागत भाषण समिति की सचिव प्रीति केजरीवाल ने प्रस्तुत किया।
उद्घाटन समारोह में शिवसागर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के क्रिकेट सचिव मेहदी मशूद अहमद, वेटरन क्रिकेटर मुकेश कुमार अग्रवाल और अनिल अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों, अंपायरों और प्रायोजकों का आयोजन समिति की ओर से अभिनंदन किया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के नियमों और जरूरी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया।

मुख्य मुकाबलों से पहले फ्रेंडली मैच ने बढ़ाया रोमांच
मुख्य प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ग्रिफन क्लब और शिवसागर क्लब की महिला टीमों के बीच चार ओवर का विशेष फ्रेंडली क्रिकेट मैच खेला गया। इस मुकाबले में शिवसागर क्लब ने जीत दर्ज की। फ्रेंडली मैच में शामिल खिलाड़ी विभिन्न क्रिकेट अकादमियों से जुड़ी थीं और उनके मुकाबले ने मुख्य टूर्नामेंट से पहले ही मैदान पर उत्साह का माहौल बना दिया।
आयोजकों के मुताबिक इस विशेष मुकाबले का उद्देश्य उभरती महिला खिलाड़ियों को बड़े आयोजन से जोड़ना और नई पीढ़ी में क्रिकेट के प्रति रुचि तथा उत्साह को बढ़ावा देना था। फ्रेंडली मैच में हिस्सा लेने वाले सभी 12 प्रतिभागियों को बाद में स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

लीग मुकाबलों के बाद चार टीमों ने बनाई सेमीफाइनल में जगह
छह लीग मुकाबलों में टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। लीग चरण में रॉयल क्वीन्स, माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स, देसी दिवाज़ और संगम स्ट्राइकर्स ने अपने प्रदर्शन के दम पर निर्णायक दौर की ओर कदम बढ़ाया। सीमित ओवरों के प्रारूप के कारण बल्लेबाजों को शुरुआत से आक्रामक रणनीति अपनानी पड़ी, वहीं गेंदबाजों के लिए प्रत्येक गेंद महत्वपूर्ण रही।
इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबलों में माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स ने रॉयल क्वीन्स को पराजित किया, जबकि देसी दिवाज़ ने संगम स्ट्राइकर्स को मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया।

पहला सेमीफाइनल : वसीफा अहमद की तूफानी पारी से माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स फाइनल में
पहले सेमीफाइनल में रॉयल क्वीन्स और माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स आमने-सामने थीं। रॉयल क्वीन्स ने निर्धारित पांच ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 55 रन बनाए। जवाब में माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स ने 4.3 ओवर में एक विकेट पर 59 रन बनाकर लक्ष्य हासिल करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
इस मुकाबले में वसीफा अहमद ने महज 10 गेंदों में एक चौके और चार छक्कों की मदद से शानदार 31 रन बनाए। ताशीन मशूद ने 14 गेंदों में 22 रन और दिशिका गोगोई ने छह गेंदों में 13 रन का योगदान दिया। गेंदबाजी में परी बागड़ी ने एक ओवर में छह रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि कप्तान राधिका बजाज गट्टानी ने दो ओवर में 15 रन देकर एक विकेट लिया।

दूसरा सेमीफाइनल : देसी दिवाज़ ने पांच ओवर में ठोके 93 रन
दूसरे सेमीफाइनल में देसी दिवाज़ और संगम स्ट्राइकर्स के बीच जबरदस्त रन वर्षा देखने को मिली। पहले बल्लेबाजी करते हुए देसी दिवाज़ ने निर्धारित पांच ओवर में तीन विकेट पर 93 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए संगम स्ट्राइकर्स पांच ओवर में दो विकेट पर 81 रन तक पहुंच सकी और देसी दिवाज़ ने मुकाबला 12 रन से जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
देसी दिवाज़ की ओर से स्वास्तिका गोगोई ने 17 गेंदों में एक चौके और पांच छक्कों की मदद से 46 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान गरविता अग्रवाल ने 16 गेंदों में एक चौके और चार छक्कों के साथ 35 रन बनाए, जबकि छाया बोरा ने महज आठ गेंदों में पांच छक्के लगाते हुए ताबड़तोड़ 32 रन की पारी खेली।
गेंदबाजी में संगीता कुमारी ने दो ओवर में 30 रन देकर दो विकेट हासिल किए, जबकि छाया बोरा ने एक ओवर में 18 रन देकर एक बल्लेबाज को आउट किया। इस जीत के साथ देसी दिवाज़ ने माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स के खिलाफ खिताबी मुकाबला सुनिश्चित किया।

फाइनल में देसी दिवाज़ का दम—8 रन से जीतकर बनी पहली चैंपियन
खिताबी मुकाबले में देसी दिवाज़ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने पांच ओवर में महज एक विकेट खोकर 66 रन बनाए। जवाब में माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स पांच ओवर में एक विकेट पर 58 रन तक ही पहुंच सकी। इस तरह देसी दिवाज़ ने आठ रन से मुकाबला जीतकर WPL सीज़न-1 की चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
फाइनल की सबसे बड़ी स्टार छाया बोरा रहीं। उन्होंने महज 18 गेंदों में एक चौके और छह छक्कों की मदद से विस्फोटक 49 रन बनाए। गेंदबाजी में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी और एक ओवर में सिर्फ एक रन देकर एक विकेट हासिल किया।
माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स की कप्तान राधिका बजाज गट्टानी ने 15 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 26 रन बनाए। वहीं परी बागड़ी ने गेंदबाजी करते हुए एक ओवर में छह रन देकर एक विकेट लिया। रोमांचक मुकाबले के अंत में देसी दिवाज़ ने जीत का जश्न मनाया और माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स ने उपविजेता का स्थान हासिल किया।

छाया बोरा का ऑलराउंड जलवा—प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट और बेस्ट बैट्समैन
पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी से प्रभावित करने वाली छाया बोरा प्रतियोगिता की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में रहीं। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के साथ बेस्ट बैट्समैन का पुरस्कार प्रदान किया गया। टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने और सर्वाधिक छक्के लगाने का गौरव भी छाया बोरा के नाम रहा।
गेंदबाजी में संगीता कुमारी ने सर्वाधिक विकेट हासिल किए और उन्हें बेस्ट बॉलर चुना गया। इस तरह बल्लेबाजी के प्रमुख व्यक्तिगत सम्मान छाया बोरा के नाम रहे, जबकि गेंदबाजी में संगीता कुमारी ने अपनी विशेष पहचान बनाई।

वसीफा अहमद तीन बार प्लेयर ऑफ द मैच
टूर्नामेंट के अलग-अलग मुकाबलों में ताशीन मशूद, वसीफा अहमद, गरविता अग्रवाल, श्रद्धा देवी और छाया बोरा ने प्लेयर ऑफ द मैच का सम्मान हासिल किया। वसीफा अहमद ने तीन मुकाबलों में यह सम्मान अपने नाम किया, जबकि गरविता अग्रवाल और छाया बोरा को दो-दो मुकाबलों में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। फाइनल में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए भी छाया बोरा प्लेयर ऑफ द मैच रहीं।

रॉयल क्वीन्स में समिति की सदस्याओं ने भी दिखाया खेल कौशल
प्रतियोगिता की खास बात यह भी रही कि रॉयल क्वीन्स टीम में शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की सदस्याओं ने स्वयं मैदान में उतरकर प्रतियोगिता में सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम में समिति की सदस्याओं के रूप में रेखा बुखरेड़िया, ज्योति डालमिया, ऋतु खंडेलिया और सुमन शर्मा शामिल रहीं। इनके साथ टीम में दो फ्रेंचाइज़ी खिलाड़ी भी थीं।
समिति की सदस्याओं की मैदान पर मौजूदगी ने आयोजन के उस उद्देश्य को प्रत्यक्ष रूप दिया, जिसके तहत महिलाओं को केवल आयोजन की भूमिका तक सीमित न रखकर स्वयं खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

36 खिलाड़ियों को सहभागिता पुरस्कार, विजेता-उपविजेता टीमों का सम्मान
समापन एवं पुरस्कार समारोह में प्रतियोगिता की सभी छह टीमों की कुल 36 खिलाड़ियों को सहभागिता पुरस्कार प्रदान किए गए। उपविजेता माहेश्वरी राइजिंग रॉयल्स की छह खिलाड़ियों को रनर्स-अप मेमेंटो तथा विजेता देसी दिवाज़ की सभी छह खिलाड़ियों को चैंपियन मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त उद्घाटन फ्रेंडली मैच में हिस्सा लेने वाली 12 खिलाड़ियों को भी मेमेंटो प्रदान किए गए। इस तरह प्रतियोगिता में जीत-हार से आगे बढ़कर भागीदारी और खेल भावना को भी सम्मान देने का प्रयास किया गया।

चैंपियन देसी दिवाज़ की प्रत्येक खिलाड़ी को 6 हजार रुपये की फेशियल किट
विजेता टीम देसी दिवाज़ की खिलाड़ियों के लिए एक विशेष पुरस्कार भी रखा गया था। इल्यूमिस एस्थेटिक क्लिनिक, शिवसागर की ओर से चैंपियन टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 6,000 रुपये मूल्य की फेशियल किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों के अनुसार खिलाड़ियों को इस प्रकार प्रोत्साहित करने का उद्देश्य उनके प्रदर्शन और सहभागिता का सम्मान करने के साथ भविष्य में भी महिलाओं को खेल गतिविधियों में आगे आने के लिए प्रेरित करना था।

मनीष बेड़िया, इल्यूमिस एस्थेटिक क्लिनिक और आसू गोयल का प्रायोजन सहयोग
WPL सीज़न-1 को सफल बनाने में विभिन्न प्रायोजकों और सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन को मनीष बेड़िया (गोल्ड मेडल स्विचेज एंड सिस्टम्स), इल्यूमिस एस्थेटिक क्लिनिक, शिवसागर और आसू गोयल का प्रायोजन सहयोग मिला।
इसके अलावा राम केडिया, अभिजीत शर्मा, पंकज अग्रवाल और अमित करनानी ने शानदार कमेंट्री करने के साथ ही आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। आयोजन समिति ने सभी प्रायोजकों और सहयोगियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

उत्पल बोरा सहित पांच अंपायरों ने संभाली मैच संचालन की जिम्मेदारी
मैदान पर मुकाबलों को नियमानुसार और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अनुभवी अंपायरों की टीम की सेवाएं ली गईं। उत्पल बोरा, सुदीप्त शर्मा, राम केडिया, सुमित मोर और पापू चक्रवर्ती ने WPL सीज़न-1 में अंपायरिंग की जिम्मेदारी संभाली।
मैचों के दौरान नियमों के अनुपालन, खेल संबंधी फैसलों और निर्धारित प्रारूप के अनुसार मुकाबलों को संचालित करने की जिम्मेदारी इसी टीम ने निभाई।
अंशु शर्मा की देखरेख, सारिका देवड़ा और प्रीति केजरीवाल के नेतृत्व में आयोजन
WPL सीज़न-1 की तैयारियां प्रोजेक्ट चेयरपर्सन एवं संयोजिका अंशु शर्मा की देखरेख में की गईं। शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्ष सारिका देवड़ा और सचिव प्रीति केजरीवाल के नेतृत्व में समिति की सदस्याओं ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर समिति की कोषाध्यक्ष संगीता झुरिया के साथ वरिष्ठ सदस्याएं कृष्णा खेमका, संध्या खेमका, सरोज चौखानी, सुषमा झुर्रिया और पन्ना बुखरेडिया सहित अन्य सदस्याएं तथा प्रतिभागी मौजूद रहे।
समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने आयोजन से संबंधित जानकारी साझा की।
दर्शकों की बड़ी मौजूदगी ने बढ़ाया महिला खिलाड़ियों का उत्साह
प्रतियोगिता के दौरान शहरवासियों और समाज के विभिन्न वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में दर्शक स्काई टर्फ ग्राउंड पहुंचे और महिला खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। मैदान के बाहर से मिले समर्थन ने मुकाबलों के माहौल को और जीवंत बनाया।
समिति अध्यक्ष सारिका देवड़ा, सचिव प्रीति केजरीवाल और प्रोजेक्ट चेयरपर्सन अंशु शर्मा ने आयोजन की सफलता पर सभी छह टीमों की खिलाड़ियों, प्रायोजकों, अंपायरों, अतिथियों, सहयोगियों, समिति की सदस्याओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि दर्शकों से मिले समर्थन ने खिलाड़ियों के साथ आयोजन से जुड़े लोगों के आत्मविश्वास और उत्साह को भी बढ़ाया।
क्रिकेट से आगे महिला सशक्तिकरण का मंच बना WPL
आयोजकों ने WPL सीज़न-1 को केवल जीत और हार तक सीमित क्रिकेट प्रतियोगिता के बजाय महिला सहभागिता और सशक्तिकरण के मंच के रूप में प्रस्तुत किया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को खेल के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना और उनमें नेतृत्व, आत्मविश्वास, अनुशासन, आपसी सहयोग तथा टीम भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
‘अलग-अलग टीमें, एक ही सपना’ के संदेश के साथ मैदान पर छह टीमें एक-दूसरे की प्रतिद्वंद्वी जरूर रहीं, लेकिन आयोजन का साझा उद्देश्य महिलाओं के लिए खेल का ऐसा मंच तैयार करना था, जहां प्रतिस्पर्धा के साथ सहभागिता, सौहार्द और एकजुटता भी दिखाई दे।
पहले ही संस्करण में छह टीमों की 36 खिलाड़ियों की भागीदारी, रोमांचक लीग एवं नॉकआउट मुकाबले, फ्रेंडली मैच, दर्शकों की बड़ी मौजूदगी और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने इस पहल को विशेष बनाया। देसी दिवाज़ की ऐतिहासिक खिताबी जीत और छाया बोरा के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के साथ संपन्न WPL सीज़न-1 ने शिवसागर में महिला क्रिकेट और महिला खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक नए मंच की मजबूत शुरुआत की।




