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असम बजट 2026-27 : विकास, रोजगार और जनकल्याण का बड़ा खाका — बिना नया कर लगाए ‘विकसित असम’ की ओर सरकार का रोडमैप : वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने पहली बार विधानसभा में पेश किया पूर्ण बजट : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के दूसरे कार्यकाल की विकास प्राथमिकताओं की झलक

2.88 लाख करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रबंधन के साथ 18 प्रमुख योजनाओं पर फोकस : स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि, ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मिली नई दिशा : अगले पांच वर्षों में 2 लाख नौकरियां : स्वास्थ्य क्षेत्र में 33,240 नए पद : किसानों को सालाना 11 हजार सहायता, लाभार्थी योजनाओं के लिए 6 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान

न्यूज डेस्क, 10 जुलाई : सोलहवीं असम विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को राज्य की नई विकास यात्रा का खाका पेश करते हुए वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने वित्त वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के दूसरे कार्यकाल का यह पहला पूर्ण बजट होने के कारण पूरे राज्य की नजरें इस पर टिकी थीं।

वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने पहली बार राज्य का बजट पेश करते हुए सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर पारंपरिक परिधान में विधानसभा में अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने “ॐ गणेशाय नमः” के उच्चारण के साथ बजट प्रस्तुति की शुरुआत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका को उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर श्रद्धापूर्वक स्मरण भी किया।

बजट से एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें राज्य के विकास, राजस्व प्रबंधन और जनकल्याण योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया था। सरकार ने इस बजट को ऐसा दस्तावेज बताया है, जिसमें जनता पर कोई नया कर लगाए बिना विकास की गति बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर जोर, प्रति व्यक्ति आय 1.85 लाख के पार

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में असम की अर्थव्यवस्था ने लगातार मजबूती दिखाई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,85,429 तक पहुंच गई है। सरकार ने आने वाले वर्षों में राज्य की अपनी आय के स्रोतों को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा है।

राज्य सरकार ने अपने स्वयं के स्रोतों से राजस्व योगदान को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि विकास योजनाओं के लिए बाहरी निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सके।

419.26 करोड़ का घाटा बजट, वित्तीय अनुशासन पर जोर

वित्त मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए 419.26 करोड़ का घाटा बजट पेश किया।

बजट अनुमान के अनुसार राज्य की एकीकृत निधि में कुल प्राप्ति 1,51,843.23 करोड़ रहने का अनुमान है।

इसमें राजस्व प्राप्ति 1,18,562.23 करोड़ और पूंजीगत प्राप्ति 33,281 करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया है।

सार्वजनिक खाते और आकस्मिक निधि को मिलाकर कुल प्राप्ति करीब 2,88,309.45 करोड़ रहने का अनुमान है।

वहीं कुल अनुमानित खर्च लगभग 2,85,084.45 करोड़ रहेगा।

राज्य सरकार ने वित्तीय घाटे को राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के करीब 3 प्रतिशत के दायरे में रखने का लक्ष्य तय किया है।

अगले पांच वर्षों में 2 लाख रोजगार देने का लक्ष्य

युवा वर्ग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रोजगार क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। अगले पांच वर्षों में विभिन्न सरकारी और संबंधित क्षेत्रों में 2 लाख रोजगार अवसर तैयार करने की घोषणा की गई है।

इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है, जो रोजगार सृजन और नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी करेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार, 33,240 नए पद होंगे सृजित

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बजट में बड़े स्तर पर मानव संसाधन बढ़ाने की घोषणा की गई है।

सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में कुल 33,240 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव रखा है।

इनमें 6,814 MBBS डॉक्टर, 82 आयुष चिकित्सक, 22 दंत चिकित्सक, 10,942 स्टाफ नर्स, 4,669 फार्मासिस्ट, 4,669 लैब टेक्नीशियन, 67 रेडियोग्राफर, 1,283 ANM, 4,625 निम्न वर्ग सहायक/अकाउंटेंट और 67 ड्रेसर शामिल हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक उप-स्वास्थ्य केंद्र में कम से कम एक MBBS डॉक्टर उपलब्ध कराया जाए।

असम में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 28 तक बढ़ाने की तैयारी

चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देते हुए राज्य सरकार ने चार नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

ग्वालपाड़ा, हाइलाकांदी, होजाई और बजाली में नई मेडिकल कॉलेज परियोजनाएं होंगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 14 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, जबकि 10 मेडिकल कॉलेज निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।

आने वाले समय में राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 28 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

लाभार्थी योजनाओं के लिए 6 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछले कार्यकाल की सभी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी।

इन योजनाओं के लिए बजट में 6,000 करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है।

चाय बागान क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं से लेकर सत्राधिकारों, नामघर से जुड़े लोगों और अन्य वर्गों के लिए जारी सहायता योजनाएं आगे भी चलेंगी।

अगस्त से फिर मिलेगा दाल, चीनी और नमक

सरकार ने घोषणा की है कि अगस्त से पात्र लाभार्थियों को फिर से राशन सहायता के तहत दाल, चीनी और नमक उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य आम परिवारों को महंगाई से राहत देना है।

जीवन प्रेरणा योजना : स्नातक युवाओं को 2,500 प्रतिमाह

रोजगार की तलाश कर रहे स्नातक युवाओं के लिए सितंबर से जीवन प्रेरणा योजना फिर शुरू की जाएगी।

इस योजना के तहत शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार नहीं पाने वाले पात्र स्नातकों को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

निजुत मोइना और निजुत बाबू योजना को मिलेगा विस्तार

विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं को सरकार और मजबूत करेगी।

अब तक इन योजनाओं के तहत कुल 5,44,479 विद्यार्थियों को 374 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।

वर्ष 2026-27 में लगभग 5,30,718 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

डॉ. बाणीकांत काकति मेधा पुरस्कार के तहत इस वर्ष करीब 18 हजार विद्यार्थियों को स्कूटी दी जाएगी।

हालांकि अगले शैक्षणिक वर्ष से स्कूटी वितरण बंद कर इसकी राशि छात्र सहायता योजनाओं को मजबूत करने में लगाई जाएगी।

किसानों को प्रतिवर्ष 11 हजार की सहायता

कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री कृषि साज-सामग्री योजना जारी रहेगी।

पीएम किसान योजना के साथ मिलाकर पात्र छोटे और सीमांत किसानों को हर वर्ष कुल 11,000 आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मिशन स्नेहजोरी के लिए 400 करोड़ निवेश

राज्य सरकार ने लगभग 400 करोड़ के निवेश से मिशन स्नेहजोरी शुरू करने की घोषणा की है।

तीन वर्षीय इस पहल का उद्देश्य असम को विशेष उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।

गुवाहाटी एयरपोर्ट-जालुकबाड़ी एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई बड़े प्रोजेक्ट घोषित किए हैं।

गुवाहाटी एयरपोर्ट से जालुकबाड़ी तक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।

इसके अलावा मोरीगांव और दरंग को जोड़ते हुए ब्रह्मपुत्र नदी पर नया पुल बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 3,423 करोड़ होगी।

सड़क विकास को मिलेगी नई रफ्तार

असम माला परियोजना के तहत राज्य में बड़े सड़क प्रोजेक्ट आगे बढ़ेंगे।

इनमें काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, गुवाहाटी रिंग रोड,
बाईहाटा से तेजपुर फोर लेन सड़क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में 77,353 करोड़ निवेश की योजना

असम को ग्रीन एनर्जी केंद्र बनाने के लिए सरकार ने बड़ी योजना बनाई है।

जल विद्युत, सौर ऊर्जा, ताप विद्युत और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में कुल 77,353 करोड़ से अधिक निवेश की योजना है।

राज्य में 11 नए जल विद्युत प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे।

मिशन वसुंधरा-4 से भूमि अधिकार

मिशन वसुंधरा के पहले तीन चरणों में 3.56 लाख परिवारों को 4.53 लाख बीघा भूमि का अधिकार दिया गया है।

चौथे चरण में बराक घाटी सहित मोरान, मटक, आहोम, चुतिया, कोच राजवंशी और अन्य स्वदेशी समुदायों को भूमि अधिकार देने पर काम होगा।

सरकारी कर्मचारियों को 14 दिन पितृत्व अवकाश

राज्य सरकार के पुरुष कर्मचारियों को अब बच्चे के जन्म पर 14 दिनों की पितृत्व छुट्टी मिलेगी।

सरकार ने इसे परिवार और बच्चे की देखभाल को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।

पर्यटन को नई उड़ान, पांच सितारा होटल बनेंगे

पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उमरांग्सो, हाफलोंग और मानस में पांच सितारा होटल विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

सरकार का लक्ष्य असम को पर्यटन के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है।

डिब्रूगढ़ बनेगा दूसरा राजधानी क्षेत्र

डिब्रूगढ़ के विकास के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

डिब्रूगढ़ राजधानी क्षेत्र और अलग विकास प्राधिकरण बनाने की दिशा में भी काम होगा।

मुख्यमंत्री बोले — यह ऐतिहासिक और जनमुखी बजट

बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने इसे ऐतिहासिक और जनता को समर्पित बजट बताया।

उन्होंने कहा कि यह एक राजस्व संतुलित बजट है, जिसमें जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने यह दिखाया है कि बिना अतिरिक्त कर लगाए भी विकास, रोजगार, आधारभूत संरचना और कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट आने वाले वर्षों में “विकसित असम” के निर्माण की मजबूत नींव तैयार करेगा।

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