नगांव में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित हमले के विरोध में शिवसागर में प्रदर्शन, जिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जताया रोष : जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने ‘धरना प्रदर्शन’—21 सितंबर की घटना को लेकर कार्यकर्ताओं ने उठाया नेताओं की सुरक्षा और स्वतंत्र चुनाव प्रचार का मुद्दा : गौरव गोगोई, भूपेश बघेल समेत वरिष्ठ नेताओं के काफिले पर पत्थर और बोतलें फेंके जाने का कांग्रेस का आरोप, कई वाहनों को पहुंचा नुकसान
जिला अध्यक्ष अजय कुमार गोगोई के नेतृत्व में प्रदर्शन—युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी

शिवसागर, 23 सितंबर : नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के असम प्रभारी भूपेश बघेल तथा पार्टी के अन्य नेताओं के काफिले पर 21 सितंबर को हुए कथित हमले के विरोध में शिवसागर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

21 सितंबर को नगांव जिले के सामागुड़ी क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं का काफिला पार्टी उम्मीदवार शिवामणि बोरा के समर्थन में चुनावी सभा की ओर जा रहा था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रास्ते में काफिले पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। समकालीन मीडिया रिपोर्टों में भी काफिले पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात दर्ज है।
अजय कुमार गोगोई के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन
शिवसागर में आयोजित विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व शिवसागर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार गोगोई ने किया। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य लक्ष्मी संदिकै, महासचिव सपोन गोगोई, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुस्तफा खान, गजेन राजकोंवर और मनमोहन देवनाथ सहित जिला कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
पार्टी के अग्रिम संगठनों ने भी प्रदर्शन में भागीदारी की। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं ने जिला नेतृत्व के साथ धरने में हिस्सा लेते हुए नगांव की घटना का विरोध किया।
गौरव गोगोई और भूपेश बघेल के काफिले पर हमले का आरोप
कांग्रेस के अनुसार, 21 सितंबर को नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, उम्मीदवार शिवामणि बोरा, भूपेश बघेल, AICC सचिव मनोज चौहान, धुबड़ी सांसद रकीबुल हुसैन तथा अन्य पार्टी नेता चुनाव प्रचार में शामिल थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सामागुड़ी के बोरमा इलाके में पार्टी नेताओं के काफिले को निशाना बनाया गया और वाहनों पर पत्थर तथा बोतलें फेंकी गईं। गौरव गोगोई ने बाद में नगांव सदर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार शिवामणि बोरा के वाहन समेत कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और AICC सचिव मनोज चौहान के घायल होने की बात भी कांग्रेस ने कही।
कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर लगाया आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे भाजपा से जुड़े लोग थे और काफिले के गुजरने से पहले काले झंडे दिखाने तथा ‘गो बैक’ के नारे लगाने की घटनाएं भी हुईं। यह आरोप कांग्रेस की ओर से लगाया गया है; इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
वहीं इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अलग दावा किया और इसे कांग्रेस के भीतर प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच टकराव से जोड़ा। इस प्रकार घटना की जिम्मेदारी को लेकर कांग्रेस और मुख्यमंत्री की ओर से परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं।
राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और प्रचार के अधिकार का मुद्दा उठाया
शिवसागर के प्रदर्शन में जिला कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण एवं स्वतंत्र तरीके से प्रचार करने का अवसर मिलना चाहिए और चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा की किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने इस घटना को लेकर निर्वाचन आयोग से भी हस्तक्षेप और स्वतंत्र जांच की मांग की है। असम प्रदेश कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग का रुख करते हुए नगांव जिला आयुक्त को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से हटाने की मांग भी की।
युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और NSUI भी प्रदर्शन में शामिल
शिवसागर जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने आयोजित कार्यक्रम में पार्टी की विभिन्न इकाइयों की भागीदारी देखने को मिली। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने 21 सितंबर की घटना की निष्पक्ष जांच, चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और चुनावी माहौल में हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
नगांव की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस ने भाजपा से जुड़े लोगों पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि मुख्यमंत्री ने अलग स्पष्टीकरण दिया है। ऐसे में घटना की जिम्मेदारी और उससे जुड़े अन्य विवादित तथ्यों पर किसी अंतिम निष्कर्ष के लिए पुलिस जांच तथा संबंधित चुनाव अधिकारियों की आधिकारिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।




