मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिले असम काजीरंगा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर बसंत कुमार खेतान : मुख्यमंत्री राहत कोष में विश्वविद्यालय की ओर से 11 लाख रुपये का सहयोग, जनकल्याण के प्रति जताई सामाजिक प्रतिबद्धता : शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और असम के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा
गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगारपरक अवसर बढ़ाने में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर जोर

टियोक, 6 सितंबर : असम काजीरंगा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर बसंत कुमार खेतान ने शनिवार को दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा से आत्मीय भेंट की। इस दौरान शिक्षा, सामाजिक सरोकार, जनकल्याण और राज्य के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं सार्थक चर्चा हुई।
यह मुलाकात शिक्षा जगत और सरकार के बीच सामाजिक दायित्व तथा राज्य के विकास में सहभागिता की भावना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। चर्चा के दौरान विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगारपरक अवसरों के विस्तार में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का सहयोग
मुलाकात के दौरान असम काजीरंगा विश्वविद्यालय की ओर से प्रो-चांसलर बसंत कुमार खेतान ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया। विश्वविद्यालय की ओर से किया गया यह योगदान जरूरतमंद एवं प्रभावित लोगों की सहायता और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों के प्रति उसकी सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
असम काजीरंगा विश्वविद्यालय तथा बसंत कुमार खेतान की ओर से समय-समय पर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जरूरतमंद लोगों की सहायता और विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों में योगदान दिया जाता रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान किया गया यह सहयोग भी इसी सामाजिक जिम्मेदारी की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार, सामाजिक भागीदारी की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सहयोग के लिए प्रो-चांसलर बसंत कुमार खेतान और असम काजीरंगा विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर समाजहित और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में निजी शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता के महत्व पर भी चर्चा हुई। ऐसे प्रयासों को समाज और राज्य के व्यापक हित में महत्वपूर्ण माना गया।
गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा
भेंट के दौरान असम में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने तथा युवाओं के लिए रोजगारपरक अवसरों का विस्तार करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
राज्य के समग्र विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ युवाओं को ज्ञान, कौशल और बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर
चर्चा के दौरान यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल कक्षाओं और अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। समाज के व्यापक विकास, जरूरतमंद लोगों की सहायता और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को ज्ञानवान और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने को भी उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल माना गया।
असम के विकास पर विचारों का आदान-प्रदान
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में शिक्षा, आधारभूत संरचना, रोजगार और सामाजिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों के संदर्भ में भी दोनों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
इस दौरान राज्य के विकास में सरकार के साथ शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थानों की सहभागिता तथा युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
कुल मिलाकर, प्रो-चांसलर बसंत कुमार खेतान और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की यह मुलाकात शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, जनकल्याण और असम के विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता का सकारात्मक संदेश देने वाली रही।




