बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास में शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की बड़ी पहल, 100 से अधिक परिवारों को फिर से बसाया : विशेष अभियान में बेड-गद्दे, बर्तन, कपड़े, वॉटर फिल्टर से लेकर स्टैंड फैन तक बांटे : प्रभावित परिवारों को गृहस्थी दोबारा शुरू करने में मिला सहारा : आटासू के माध्यम से 30–35 परिवारों सहित आमगुड़ी, बेतबाड़ी और खाटू पथार में व्यापक सहायता; समाज के वंचित वर्गों तक भी पहुंची समिति
गोद लिए नामटी विद्यालय के 35 बच्चों को स्कूल बैग, किताब-कॉपियां एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री : कोलकाता, मुंबई, तिनसुकिया, डिफू और गुवाहाटी से मिला सहयोग : अध्यक्ष सारिका देवड़ा और सचिव प्रीति केजरीवाल ने सहयोगकर्ताओं एवं सक्रिय सदस्यों का जताया आभार

शिवसागर, 1 सितंबर : विनाशकारी बाढ़ में अपनी गृहस्थी और जीवन की बुनियादी जरूरतों का सामान गंवा चुके परिवारों को केवल तात्कालिक राहत देने के बजाय उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रांत अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने व्यापक पुनर्वास अभियान चलाया। समिति ने 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को पुनः बसाने का संकल्प लिया था, जिसे सदस्यों, सामाजिक संस्थाओं, दानदाताओं और शुभचिंतकों के सामूहिक सहयोग से करीब 20–25 दिनों में पूरा किया गया।

बेड से लेकर रसोई के सामान तक, जरूरत के अनुरूप दी सहायता
पुनर्वास अभियान की विशेषता यह रही कि प्रभावित परिवारों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार घर-गृहस्थी दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। समिति की ओर से बेड, गद्दे, चादरें, तकिए, मच्छरदानियां, बाल्टी, मग, बर्तन, कढ़ाई, सॉस पैन, प्लेट, ग्लास, कटोरी और विभिन्न प्रकार के डिब्बे वितरित किए गए।
इसके साथ ही कपड़े, तौलिये, टूथब्रश, टूथपेस्ट, फिनाइल, चाय-पत्ती, चीनी एवं अन्य खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। जरूरत के अनुसार छाते, वॉटर फिल्टर और स्टैंड फैन दिए गए, जबकि मच्छरों से बचाव के लिए मॉस्किटो कॉइल तथा परिवारों के लिए अंडरगारमेंट्स के साथ बच्चों एवं महिलाओं को नए वस्त्र भी प्रदान किए गए।

आटासू के माध्यम से 30–35 परिवारों तक पहुंची पुनर्वास सामग्री
समिति ने अभियान को किसी एक स्थान तक सीमित न रखते हुए अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया। ऑल ताई आहोम स्टूडेंट्स यूनियन (आटासू) के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत गोगोई के नेतृत्व में 30–35 परिवारों तक पुनर्वास सामग्री पहुंचाई गई।
इसी क्रम में आमगुड़ी मथुराई क्षेत्र के 15 परिवारों, बेतबाड़ी के 13 परिवारों तथा खाटू पथार क्षेत्र के करीब 25–30 परिवारों को घर दोबारा बसाने के लिए आवश्यक घरेलू सामग्री प्रदान की गई।

नामटी विद्यालय के 35 बच्चों की पढ़ाई का भी रखा ध्यान
बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ समिति ने बच्चों की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। समिति द्वारा गोद लिए गए नामटी विद्यालय के 35 बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतलें, कॉपियां, किताबें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टूल, बेडशीट और खाद्य सामग्री की भी व्यवस्था की गई।
समिति का उद्देश्य था कि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़े प्रभाव को यथासंभव कम किया जा सके।

रिक्शा-ठेला चालकों और दैनिक श्रमिकों तक भी पहुंची मदद
अभियान के दौरान ऐसे लोगों को भी प्राथमिकता दी गई, जो सामान्यतः बड़े राहत वितरण कार्यक्रमों में पीछे छूट जाते हैं। सब्जी एवं फल विक्रेताओं, मंदिर परिसर की देखरेख करने वाले कर्मचारियों, दैनिक श्रमिकों, रिक्शा चालकों और ठेला चालकों सहित अनेक जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई।
समिति ने विशेष रूप से ऐसे परिवारों की पहचान करने का प्रयास किया, जिन्हें बाढ़ के बाद पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई थी।

समय गोगोई के माध्यम से 15 परिवारों को बेड और स्टैंड फैन
प्रसिद्ध यूट्यूबर समय गोगोई के माध्यम से भी 15 बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पुनर्वास सहायता पहुंचाई गई। इन परिवारों को 15 बेड के साथ तकिए, चादरें, मच्छरदानियां तथा 15 स्टैंड फैन सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान उपलब्ध कराया गया।
इसके अलावा खाटू पथार एवं जयसागर क्षेत्र के करीब 11 जरूरतमंद परिवारों को स्टैंड फैन और बाल्टियां दी गईं।

गेलेकी भेजे गए 8–10 कार्टन कपड़े
बाढ़ प्रभावित एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक पहनने योग्य वस्त्र पहुंचाने के उद्देश्य से समिति ने लगभग 8–10 कार्टन पुराने कपड़े गेलेकी भेजे। प्रयास यह था कि आपदा में अपना सामान गंवा चुके परिवारों को दैनिक जरूरत के अनुरूप वस्त्र भी उपलब्ध कराए जा सकें।
तिनसुकिया, डिफू, गुवाहाटी से लेकर कोलकाता-मुंबई तक से मिला सहयोग
इस व्यापक पुनर्वास अभियान को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, समूहों, सदस्यों और शुभचिंतकों ने सहयोग दिया। शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की असम प्रांतीय अध्यक्षा शालिनी बगड़िया के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही सम्मेलन की तिनसुकिया एवं डिफू शाखाओं, दादी जी की बेटियां-गुवाहाटी, ज्वेलरी हाउस ऑफ हर्षिता, लायंस क्लब ऑफ गुवाहाटी, पॉवर ऑफ पॉजिटिविटी ग्रुप-गुवाहाटी तथा लेडीज ग्रुप ऑफ तिनसुकिया के सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कोलकाता, मुंबई और तिनसुकिया सहित विभिन्न स्थानों में रहने वाले समिति सदस्यों के रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने भी बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सहयोग दिया। समिति के अनुसार, विभिन्न स्थानों से मिले इसी सामूहिक सहयोग ने कम समय में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाना संभव बनाया।
मृण्मय बोरा ने एक महीने तक निःशुल्क उपलब्ध कराया गोदाम
राहत एवं पुनर्वास अभियान के संचालन में सामग्री के सुरक्षित भंडारण की बड़ी आवश्यकता थी। इस दौरान मृण्मय बोरा ने करीब एक महीने तक अपना गोदाम समिति को निःशुल्क उपलब्ध कराया। इससे बड़ी मात्रा में एकत्रित राहत एवं पुनर्वास सामग्री को सुरक्षित रखने और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में मदद मिली।
समिति ने उनके इस महत्वपूर्ण सहयोग को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया।
सक्रिय सदस्यों के समर्पण से पूरा हुआ अभियान
शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्ष सारिका देवड़ा और सचिव प्रीति केजरीवाल ने अभियान में सहयोग करने वाले सामाजिक संगठनों, दानदाताओं, स्थानीय नागरिकों, सदस्यों और शुभचिंतकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों से मिले सामूहिक सहयोग और सेवा भावना के कारण ही 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के संकल्प को इतने कम समय में पूरा करना संभव हो पाया।
अध्यक्ष एवं सचिव ने अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाली समिति की सदस्यों की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से सुमन शर्मा, रेखा बुखरेडिया, कृष्णा खेमका, संगीता झुरिया, संध्या खेमका, अनु शर्मा, सबिता अग्रवाल, पन्ना देवी बुखरेडिया, कविता अग्रवाल, प्रीति शर्मा, रेणु अग्रवाल, संजू जोशी, रेखा जोशी, सरोज चौखानी, उर्मिला अग्रवाल, ज्योति डालमिया, अंजना अग्रवाल, सुषमा झुरिया, रचना चित्तावत, मौसम खंडेलिया और रचना अग्रवाल सहित अभियान में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सदस्यों के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।
‘राहत से आगे बढ़कर परिवारों को दोबारा खड़ा करना था उद्देश्य’
समिति का मानना है कि विनाशकारी बाढ़ के बाद चुनौती केवल भोजन या तात्कालिक राहत सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं थी। जिन परिवारों की पूरी गृहस्थी बाढ़ में बुरी तरह प्रभावित हो गई थी, उन्हें फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में सहयोग देना भी उतना ही जरूरी था।
इसी सोच के साथ बेड और गद्दों से लेकर रसोई के बर्तन, वस्त्र, स्वच्छता सामग्री, वॉटर फिल्टर, स्टैंड फैन और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री तक उपलब्ध कराकर प्रभावित परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास किया गया।
इस व्यापक राहत एवं पुनर्वास अभियान की जानकारी शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने दी।




