शिवसागर में भारतीय सेना का हाई-इंटेंसिटी युद्धाभ्यास : 21 पैरा स्पेशल फोर्स ने ऐतिहासिक जयसागर तालाब में किया एयरबोर्न वॉटर इंसर्शन ऑपरेशन : भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से पैराट्रूपर्स ने लगाई छलांग : स्पीड बोट के साथ आधे घंटे तक चला विशेष सैन्य अभ्यास

शिवसागर, 25 जून : असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर ने गुरुवार को भारतीय सशस्त्र बलों की अद्वितीय सामरिक क्षमता का रोमांचकारी प्रदर्शन देखा। भारतीय सेना की 21 पैरा स्पेशल फोर्स ने भारतीय वायुसेना के सहयोग से ऐतिहासिक जयसागर पोखरी (तालाब) में एक उच्च स्तरीय एयरबोर्न वॉटर इंसर्शन एवं कॉम्बैट ट्रेनिंग एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया। इस विशेष युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से विशेष बलों के पैराट्रूपर्स ने सीधे जलाशय में छलांग लगाई और पानी में उतरते ही स्पीड बोट की सहायता से विशेष अभियान का प्रदर्शन किया।
करीब आधे घंटे तक चले इस अभ्यास ने स्थानीय लोगों को रोमांचित कर दिया और पूरे क्षेत्र में भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता की झलक देखने को मिली।

कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हेलीकॉप्टर से पैराट्रूपर्स ने लगाई छलांग
युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर कई बार अत्यंत कम ऊंचाई पर जयसागर क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरता रहा। निर्धारित समय पर हेलीकॉप्टर से एक-एक कर पैरा स्पेशल फोर्स के प्रशिक्षित कमांडो पानी में उतरे। जल में उतरने के तुरंत बाद उन्होंने पूर्व निर्धारित सैन्य प्रक्रिया के अनुसार अभियान को आगे बढ़ाया।
इस पूरे अभियान के दौरान कमांडो दल ने उच्च स्तरीय अनुशासन, समन्वय और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया, जो विशेष बलों की प्रशिक्षण क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।
स्पीड बोट के साथ प्रदर्शित की गई विशेष अभियान क्षमता
इस अभ्यास की विशेषता यह रही कि पैराट्रूपर्स अपने साथ स्पीड बोट भी लेकर आए थे। जल में उतरने के बाद कुछ ही क्षणों में स्पीड बोट को सक्रिय किया गया और उसके माध्यम से विभिन्न सामरिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जल आधारित त्वरित कार्रवाई, टीम समन्वय, बचाव एवं विशेष अभियान संचालन जैसी कई महत्वपूर्ण सैन्य प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया।

लगभग 30 सदस्यीय विशेष बल ने लिया हिस्सा
सूत्रों के अनुसार इस विशेष सैन्य अभ्यास में लगभग 30 प्रशिक्षित कमांडो शामिल थे। अभ्यास पूरी तरह योजनाबद्ध एवं नियंत्रित परिस्थितियों में संपन्न कराया गया, जिसमें जल, वायु और विशेष अभियान से जुड़े अनेक सामरिक कौशलों का परीक्षण और प्रदर्शन किया गया।
अभ्यास का उद्देश्य विशेष परिस्थितियों में सैनिकों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, समन्वय, नेतृत्व और अभियान संचालन की दक्षता को और अधिक मजबूत बनाना था।
तीन दिन पहले ली गई थी प्रशासन से अनुमति
जानकारी के अनुसार इस युद्धाभ्यास के आयोजन से पहले भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली थी। सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय प्रशासन और सैन्य अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के बाद पूरे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
अभ्यास के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि आम नागरिकों और सैन्य गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
करीब आधे घंटे तक चलता रहा रोमांचक अभियान
जयसागर पोखरी में यह विशेष सैन्य अभ्यास लगभग 30 मिनट तक चला। इस दौरान हेलीकॉप्टर कई बार निम्न ऊंचाई पर उड़ान भरता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता रहा। जैसे ही कमांडो पानी में उतरे, आसपास मौजूद लोगों की भारी भीड़ इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए एकत्र हो गई।
स्थानीय नागरिकों ने भारतीय सेना की दक्षता और अनुशासन की सराहना करते हुए पूरे अभ्यास को अत्यंत रोमांचक और प्रेरणादायक बताया।
कालूगांव से पुनः हेलीकॉप्टर में सवार हुआ दल
अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सभी पैराट्रूपर्स निर्धारित प्रक्रिया के तहत तालाब से बाहर निकले और कालूगांव पहुंचे। वहां पहले से मौजूद भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर में सभी सैनिक सवार हुए और अगले निर्धारित प्रशिक्षण स्थल के लिए रवाना हो गए।
पूरे अभियान के दौरान समय प्रबंधन, अनुशासन और समन्वय का उच्च स्तर देखने को मिला।

क्या होता है एयरबोर्न वॉटर इंसर्शन ऑपरेशन?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Airborne Water Insertion विशेष बलों द्वारा अपनाई जाने वाली एक उन्नत सैन्य तकनीक है, जिसमें हेलीकॉप्टर या विमान से कमांडो सीधे किसी नदी, झील या समुद्री क्षेत्र में उतरते हैं। इसके बाद वे जलमार्ग के माध्यम से अपने लक्ष्य तक पहुँचकर विशेष अभियान को अंजाम देते हैं।
इस प्रकार का प्रशिक्षण आतंकवाद विरोधी अभियानों, बंधक मुक्ति अभियान, विशेष टोही मिशन, दुर्गम क्षेत्रों में ऑपरेशन, आपदा राहत तथा सामरिक घुसपैठ जैसी परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
21 पैरा स्पेशल फोर्स : भारतीय सेना की सबसे सक्षम इकाइयों में शामिल
21 पैरा (स्पेशल फोर्स) भारतीय सेना की सबसे प्रशिक्षित और प्रतिष्ठित विशेष बल इकाइयों में गिनी जाती है। यह इकाई कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, आतंकवाद विरोधी अभियानों, विशेष ऑपरेशन, गुप्त मिशन तथा उच्च जोखिम वाले सैन्य अभियानों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है। इसके कमांडो अत्यंत कठोर प्रशिक्षण से गुजरते हैं और जल, थल तथा वायु—तीनों माध्यमों में अभियान चलाने में दक्ष होते हैं।
आधुनिक युद्ध तैयारी का सशक्त प्रदर्शन
जयसागर में आयोजित यह युद्धाभ्यास केवल एक नियमित सैन्य प्रशिक्षण नहीं था, बल्कि भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय, आधुनिक सैन्य तकनीक, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और विशेष अभियान संचालन की दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन भी था।
इस सफल अभ्यास ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित, सुसज्जित और सदैव तैयार हैं। आधुनिक युद्धक रणनीतियों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण और संयुक्त सैन्य अभियानों के माध्यम से भारतीय सेना लगातार अपनी परिचालन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बना रही है।




