शिवसागर में बाढ़ का महाविनाश: हालात हुए और भी भयावह, नए-नए इलाके जलमग्न : तीन मंत्रियों ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, राहत शिविरों और व्यापक सहायता का ऐलान : कई स्थानों पर तटबंध टूटने से तबाही, हजारों लोग अब भी संकट में
अभिभावक मंत्री बिमल बोरा, आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत तथा जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहांई शिवसागर पहुंचे

शिवसागर, 20 जुलाई : ऊपरी असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। सोमवार सुबह से ही जिले के कई नए इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। दिखौ, जांजी, दिसांग और दरिका नदियों के उफान तथा कई स्थानों पर तटबंध टूटने के कारण स्थिति और अधिक विकराल हो गई है। कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।

तीन मंत्रियों ने लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा
राज्य सरकार की ओर से बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए अभिभावक मंत्री बिमल बोरा, आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत तथा जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहांई शिवसागर पहुंचे। तीनों मंत्रियों ने जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और उसके बाद जिला आयुक्त कार्यालय परिसर स्थित चुकाफा भवन में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति तथा आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार : बिमल बोरा
निरीक्षण के बाद मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि शिवसागर की वर्तमान बाढ़ स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे।

इन स्थानों पर बनाए जाएंगे राहत शिविर
जिला प्रशासन द्वारा जिन प्रमुख संस्थानों में राहत शिविर स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है, उनमें शिवसागर विश्वविद्यालय, बेजबरुआ हायर सेकेंडरी स्कूल, थानूराम गोगोई मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल, गड़गांव महाविद्यालय, फुकन नगर एलपी स्कूल, थानामुख एलपी स्कूल, शिवसागर सरकारी उच्चतर माध्यमिक बहुमुखी विद्यालय और बनगांव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर भी राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे।

बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाएगी राहत सामग्री
सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को तिरपाल, पीने का स्वच्छ पानी तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने राहत वितरण की प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है।

हेलिकॉप्टर से बचाव अभियान का प्रयास रहा असफल
मंत्री बिमल बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री के अनुरोध पर भारतीय वायुसेना के चार हेलिकॉप्टरों के माध्यम से बचाव अभियान चलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण यह अभियान सफल नहीं हो सका।

ब्रह्मपुत्र कटाव रोकने के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना
हाल ही में जल संसाधन विभाग का दायित्व संभालने वाले मंत्री सुशांत बोरगोहांई ने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी के कटाव को रोकने के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की एक बड़ी परियोजना स्वीकृत की गई है। आगामी शुष्क मौसम में इस परियोजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान बाढ़ संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार हैं तथा सभी एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।

नागालैंड में बादल फटने जैसी भारी वर्षा से बिगड़े हालात
प्रशासन के अनुसार बीते दिन पड़ोसी राज्य नागालैंड के तुली जिले में अत्यधिक वर्षा होने के कारण दिखौ, जांजी, दिसांग और दरिका नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के चलते कई स्थानों पर तटबंध टूट गए, जिससे शिवसागर जिले में व्यापक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।

आमगुड़ी नगर पूरी तरह जलमग्न
रविवार को नागालैंड के तुली जिले से आए बाढ़ के पानी ने आमगुड़ी नगर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है। शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी भर जाने से स्थानीय लोग अपने घरों में ही फंस गए हैं और जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। हालांकि सोमवार को आमगुड़ी नगर अंचल में बाढ़ का प्रभाव कम हो गया।

जांजी नदी का तटबंध टूटा, कई परिवार बेघर
जांजी-जामगुड़ी क्षेत्र के चिकिरी चुक में जांजी नदी का लगभग 20 मीटर लंबा तटबंध टूट गया। इसके बाद तेज बहाव में गांव के दस से अधिक परिवारों के घर बह गए।
तटबंध टूटने के बाद रात भर और सोमवार तक लगातार पानी गांवों में प्रवेश करता रहा, जिससे विशाल क्षेत्र जलमग्न हो गया। हजारों बीघा कृषि भूमि पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।

पशुधन की भी भारी क्षति
बाढ़ के कारण कई स्थानों से बड़ी संख्या में पशुओं के बहने और मरने की खबरें भी सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन दोनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

राहत नहीं मिलने का आरोप
दूसरी ओर कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने आरोप लगाया है कि अब तक जिला प्रशासन की ओर से उन्हें आवश्यक राहत सामग्री या प्राथमिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रभावित परिवारों ने शीघ्र राहत वितरण की मांग की है।

कई इलाके अब भी पूरी तरह बाढ़ में घिरे
दिखौ, दिसांग और दरिका नदियों के उफान से चंटक, बिहुबर, नाजिरा, शिमलुगुड़ी, जांजी और जामुगुड़ी सहित अनेक क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। जामुगुड़ी में जांजी नदी का तटबंध टूटने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की कई टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं।
संतक और बिहुबर जैसे इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सेना के हेलिकॉप्टरों की सहायता से लोगों को सुरक्षित निकालने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

शिवसागर शहर के आसपास भी बढ़ा खतरा
बाढ़ का असर अब शिवसागर शहर के नदी तटीय इलाकों तक भी पहुंच चुका है। दिखौ नदी के बढ़ते जलस्तर से चेरेकापार, भाटी बनगांव, कमारफदिया, अर्जुनगुरी, अमगुड़ी घाट और नपाम गांव सहित कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।
कई स्थानों पर दिखौ नदी का पानी तटबंधों और सड़कों के ऊपर से बह रहा है, जिससे लोगों में भारी दहशत का माहौल है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।




