फोर लेन निर्माण में गंभीर लापरवाही का आरोप : विद्यालय के सामने खुला मैनहोल बना ‘मौत का गड्ढा’ : बेतबारी सुकानपुखुरी उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने बिना ढक्कन का मैनहोल बना हादसों का कारण, छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
कई लोग हो चुके हैं घायल, फिर भी नहीं जागी निर्माण एजेंसी : जे इंफ्राटेक लिमिटेड, एनएचएआई और परियोजना अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

शिवसागर, 17 जून : शिवसागर जिले में निर्माणाधीन फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में लगी जे इंफ्राटेक लिमिटेड पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि बेतबारी सुकानपुखुरी उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने स्थित एक खुला मैनहोल अब आम लोगों और विद्यार्थियों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि लंबे समय से बिना ढक्कन के खुले पड़े इस मैनहोल को लेकर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

विद्यालय के सामने खुला मैनहोल बना खतरे का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार फोर लेन सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी व्यवस्था के लिए सड़क किनारे नालों का निर्माण किया गया था। इन नालों में बनाए गए कई मैनहोल आज भी बिना ढक्कन के खुले पड़े हैं। इनमें सबसे अधिक खतरनाक स्थिति बेतबारी सुकानपुखुरी उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने देखी जा रही है।
लोगों का कहना है कि यह मैनहोल लंबे समय से खुला पड़ा है और अब तक कई राहगीर इसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी द्वारा न तो इसे ढका गया है और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
छात्रों की सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
स्थिति को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह खुला मैनहोल विद्यालय के ठीक सामने स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। मैनहोल के आसपास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई छात्र गलती से इस खुले गड्ढे में गिर जाता है तो गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

कई लोग हो चुके हैं घायल
क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले मैनहोल के कारण पहले ही कई लोग चोटिल हो चुके हैं। विशेष रूप से रात के समय तथा बरसात के दौरान स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी भर जाने से मैनहोल दिखाई नहीं देता।
लोगों का कहना है कि दुर्घटनाओं के बावजूद संबंधित एजेंसी की ओर से कोई जिम्मेदाराना कदम नहीं उठाया गया, जिससे स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है।
तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार निर्धारित दूरी पर मैनहोल ढक्कन लगाए जाने चाहिए थे, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।
लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने जल्दबाजी और लापरवाही में कार्य किया है, जिसके कारण अब आम लोगों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

मेरबिल तिनियाली को संकरा किए जाने पर भी नाराजगी
स्थानीय लोगों ने केवल खुले मैनहोल का ही नहीं बल्कि सड़क निर्माण परियोजना के अन्य पहलुओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान मेरबिल तिनियाली को पहले की तुलना में काफी संकरा कर दिया गया है। यह तिनियाली पानबेचा, आखैफुटिया, मेरबिल, कोवामारा सत्र सहित कई राजस्व गांवों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण जंक्शन को संकरा किए जाने से यातायात दबाव बढ़ गया है और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ी है।
छह महीने से अधूरा पड़ा है निर्माण कार्य
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले लगभग छह महीनों से सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अधूरे निर्माण, उबड़-खाबड़ रास्तों और अस्थायी यातायात व्यवस्था के कारण लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद परियोजना की गति में कोई विशेष सुधार दिखाई नहीं दे रहा।

सर्विस रोड की योजना पर भी उठे सवाल
फोर लेन परियोजना के अंतर्गत निर्मित सर्विस रोड को लेकर भी लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मेरबिल तिनियाली के समीप बनाई गई सर्विस रोड को रहस्यमय तरीके से तिनियाली से कुछ दूरी पहले ही समाप्त कर दिया गया है। इससे भविष्य में यातायात व्यवस्था और अधिक जटिल तथा खतरनाक हो सकती है।
लोगों का मानना है कि जब चार लेन परियोजना पूरी तरह शुरू हो जाएगी, तब केवल एक सर्विस रोड के माध्यम से पूरे तिनियाली क्षेत्र के यातायात को नियंत्रित करना बेहद कठिन होगा।
एनएचएआई और परियोजना अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा परियोजना से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
उनका कहना है कि परियोजना की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर कमी दिखाई दे रही है। यदि समय पर निरीक्षण और निगरानी की गई होती तो इस प्रकार की खतरनाक स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग आम जनता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, एनएचएआई तथा निर्माण एजेंसी से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
उन्होंने मांग की है कि—
– खुले पड़े सभी मैनहोलों को तत्काल सुरक्षित किया जाए।
– विद्यालय के सामने स्थित मैनहोल पर तुरंत मजबूत ढक्कन लगाया जाए।
– अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए।
– मेरबिल तिनियाली क्षेत्र की यातायात सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
– सर्विस रोड और सड़क डिजाइन की तकनीकी समीक्षा कराई जाए।
“बड़ी दुर्घटना होने से पहले जागें जिम्मेदार विभाग”
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उनका कहना है कि यदि किसी छात्र या राहगीर के साथ कोई गंभीर हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी, एनएचएआई तथा संबंधित विभागों की होगी।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
जनसुरक्षा बनाम अधूरा विकास
फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को क्षेत्र के विकास और बेहतर यातायात सुविधा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
लोगों का स्पष्ट कहना है कि विकास तभी सार्थक है जब वह आम जनता, विशेषकर विद्यार्थियों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए किया जाए।




