देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक : केंद्र सरकार का आधिकारिक अपडेट – 60 दिनों का ईंधन बफर और 45 दिनों का एलपीजी रोलिंग स्टॉक उपलब्ध
सरकार ने अफवाहों पर विश्वास न करने और पैनिक खरीदारी से बचने की अपील की

न्यूज डेस्क, 19 मई : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ हरमुज में आपूर्ति बाधाओं के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और कच्चे तेल का कोई संकट नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को विस्तृत आंकड़ों के साथ आश्वासन दिया कि देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित है। सरकार ने अफवाहों पर विश्वास न करने और पैनिक खरीदारी से बचने की अपील की है।

विस्तृत स्टॉक स्थिति (मई 2026 के मध्य तक)
केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार –
कच्चा तेल (Crude Oil) और पेट्रोल-डीजल : लगभग 60 दिनों का रोलिंग स्टॉक (क्रूड ऑयल, रिफाइंड प्रोडक्ट्स और सामरिक भंडारण सहित)। कुल क्षमता 74 दिनों की है।
एलपीजी (LPG ) : 45 दिनों का रोलिंग स्टॉक। घरेलू एलपीजी आपूर्ति को पूर्ण प्राथमिकता दी जा रही है।
प्राकृतिक गैस (Natural Gas) : 60 दिनों का स्टॉक।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल और संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सीआईआई समिट और अंतर-मंत्रालयीय ब्रिफिंग में स्पष्ट किया कि रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। कोई भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर सूखे की रिपोर्ट नहीं है।
एलपीजी आपूर्ति के आंकड़े :
पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ से अधिक एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए।
घरेलू एलपीजी की दैनिक खपत लगभग 80,000 टन के आसपास है, जबकि रिफाइनरियों ने उत्पादन बढ़ाकर 50,000-54,000 टन प्रति दिन कर दिया है (कुल मांग का 60%+ घरेलू उत्पादन)।
मार्च-अप्रैल 2026 में घरेलू एलपीजी वितरण सामान्य रहा। अप्रैल में कुल एलपीजी खपत में कुछ कमी आई, लेकिन घरेलू आपूर्ति अछूती रही।
3,337.2 लाख सक्रिय घरेलू एलपीजी कनेक्शन (1 मई 2026 तक) और 1,057.5 लाख प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) कनेक्शन।
पेट्रोलियम उत्पादों की खपत और उत्पादन
पीपीएसी (Petroleum Planning & Analysis Cell) के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में पेट्रोलियम उत्पादों की कुल खपत 2.8% की वृद्धि के साथ 250.8 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है। रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर संचालित है। निर्यात पर नियंत्रण और घरेलू प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले 67 दिनों की वैश्विक अशांति के बावजूद स्टॉक स्थिर रखा गया।
सरकार की प्रमुख पहलें और आश्वासन
एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट के तहत घरेलू एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी को प्राथमिकता दी जा रही है। पीएनजी कनेक्शनों का तेज विस्तार हो रहा है। 1,67 लाख से अधिक घरेलू पीएनजी कनेक्शन है। साथ ही अमेरिका, रूस आदि से वैकल्पिक आयात स्रोत बढ़ाए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है और फिलहाल राशनिंग की भी कोई योजना नहीं है।
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि “देश के किसी भी कोने में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर चल रही हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि सामान्य खपत जारी रखें और जरूरत से अधिक खरीदारी न करें।”
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी जोर देते हुए कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन को बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है, जिससे आपूर्ति मजबूत हुई है।
जनता के लिए संदेश और सलाह
– केंद्र सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि
अफवाहों पर ध्यान न दें।
– ऑनलाइन बुकिंग जारी रखें। 95% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है।
– ऊर्जा संरक्षण अपनाएं।
– पीएनजी उपलब्ध होने पर एलपीजी पर निर्भरता कम करें।
पीपीएसी को अब उत्पादन, आयात, स्टॉक और खपत के सभी आंकड़ों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि स्थिति पर सतत नजर रखी जा सके।
केंद्र सरकार का यह ताजा बयान साबित करता है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत नींव पर खड़ी है। विविधीकरण, घरेलू उत्पादन बढ़ोतरी और सामरिक भंडारण की रणनीति ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद स्थिरता सुनिश्चित की है।




