चाय बोर्ड ने चराईदेव जिले में दो चाय फैक्टरियों को 7 दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया : गौतम टी प्लांटेशन और सुंदरपुर टी एस्टेट की फैक्ट्री को लगा ताला
दोनों चाय फैक्ट्री प्रबंधन की खिलाफ उच्च गुणवत्ता वाली चाय उत्पादन न करना, चाय बोर्ड के उत्पादन मानकों का पालन न करना, छोटे चाय किसानों को निर्धारित उचित मूल्य न देने के आरोप

शिवसागर 7 मई : भारतीय चाय बोर्ड ने चराईदेव जिले की दो प्रमुख चाय कंपनियों को सजा के तौर पर बंद करने का कड़ा आदेश जारी किया है। गौतम टी प्लांटेशन प्राइवेट लिमिटेड की बोट लीफ फैक्ट्री और सुंदरपुर टी एस्टेट की फैक्ट्री को सात दिनों के लिए बंद रखने का निर्देश दिया गया है। यदि कंपनियां इस आदेश का पालन नहीं करती हैं, तो उन्हें एक महीने तक बंद रखा जाएगा।
चाय बोर्ड की जांच में पाया गया कि इन कंपनियों ने चाय बोर्ड के नियमों और नीतियों का उल्लंघन किया। दोनों चाय फैक्ट्री प्रबंधन की खिलाफ उच्च गुणवत्ता वाली चाय उत्पादन न करना, चाय बोर्ड के उत्पादन मानकों का पालन न करना, छोटे चाय किसानों को निर्धारित उचित मूल्य न देने के आरोप हैं।
चाय बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बंदी का आदेश मान्य नहीं किया गया तो कंपनियों को पूरे एक महीने के लिए बंद करना पड़ेगा। अभी तक पूरे असम में 8 चाय बागान कंपनियों को चाय बोर्ड ने ऐसे ही दंडात्मक बंदी के आदेश भेजे हैं।
चराईदेव जिले में और भी कुछ चाय कंपनियों पर नजर रखी जा रही है। यदि वे भी छोटे चाय उत्पादकों को उचित मूल्य नहीं देते या नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ भी शीघ्र सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चराईदेव जिले के स्मॉल टी ग्रोअर्स एसोसिएशन ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। छोटे चाय किसान लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि बड़ी चाय कंपनियां उनकी पत्तियों का उचित मूल्य नहीं दे रही थीं और उन्हें शोषण का शिकार बनाया जा रहा था। इस फैसले से छोटे किसानों में राहत की लहर है।
चराईदेव असम के चाय उत्पादन वाले महत्वपूर्ण जिलों में से एक है। इधर इन दो फैक्टरियों के 7 दिनों के बंद होने से सैकड़ों मजदूरों और कर्मचारियों का रोजगार प्रभावित होगा। साथ ही चाय उत्पादन और प्रसंस्करण की श्रृंखला अस्थायी रूप से बाधित होगी और आसपास के छोटे चाय उत्पादकों को अपनी पत्ती बेचने में अस्थायी परेशानी हो सकती है।
चाय बोर्ड का कहना है कि यह कार्रवाई पूरे चाय उद्योग में अनुशासन बनाए रखने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और छोटे किसानों के हितों की रक्षा के लिए की गई है। बोर्ड ने सभी चाय कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे चाय बोर्ड के नियमों, निर्धारित मूल्य नीति और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करें।
इस सन्दर्भ में चराईदेव जिले की इन दो कंपनियों के प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चाय बोर्ड की टीम मामले की निगरानी कर रही है और आगे की जांच जारी है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो बंदी की अवधि बढ़ाई जा सकती है। यह कार्रवाई असम के चाय उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण और किसान हितों को लेकर एक बड़ी चर्चा का विषय बन गई है।




