51वें वर्ष में आस्था का महासैलाब—दिसपुर गणेश जन्मोत्सव में उमड़ा जनसैलाब : गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा गणेशगुड़ी—भव्य आयोजन ने रचा नया कीर्तिमान : जापी-गामोछा की सजावट में दिखी असमिया संस्कृति की खूबसूरत झलक
सुरेंद्र-ममता भजनका व अजय-स्मिता सिंगल बने पूजा के यजमान : सवामणी प्रसाद की विशेष व्यवस्था : दिवंगत जुबिन दा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि—51वाँ गणेश जन्मोत्सव बना अविस्मरणीय

गुवाहाटी, 14 सितंबर : भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्री गणेश जन्मोत्सव समिति, दिसपुर की ओर से आयोजित 51वाँ श्री गणेश जन्मोत्सव इस वर्ष श्रद्धा, भक्ति, भव्यता और अभूतपूर्व जनसहभागिता के साथ संपन्न हुआ। पांच दशक से अधिक समय से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के 51वें वर्ष में गणपति बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं का महासैलाब उमड़ पड़ा। विशाल जनसमूह और उत्सवपूर्ण वातावरण ने इस वर्ष के आयोजन को विशेष एवं अविस्मरणीय बना दिया।

जापी और गामोछा से सजा आयोजन स्थल, असमिया संस्कृति ने मोहा मन
समिति के अध्यक्ष संदीप भजनका ने बताया कि 51वें वर्ष को विशेष और यादगार बनाने के उद्देश्य से इस बार आयोजन की साज-सज्जा में असम की समृद्ध पारंपरिक संस्कृति को प्रमुखता दी गई। आयोजन स्थल की सजावट में पारंपरिक जापी और गामोछा का बेहद सुंदर एवं आकर्षक प्रयोग किया गया। असमिया संस्कृति से प्रेरित इस सजावट ने पूरे परिसर को एक अलग ही स्वरूप प्रदान किया और श्रद्धालुओं के बीच यह विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही।
उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव के अंतर्गत आयोजित सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार विधि-विधान और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न किए गए। समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने आयोजन के प्रत्येक चरण में व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।

सुरेंद्र-ममता भजनका और अजय-स्मिता सिंगल बने सामाजिक पूजा के यजमान
समिति के सचिव दीपक भजनका ने बताया कि इस वर्ष सामाजिक पूजा के यजमान के रूप में सुरेंद्र एवं ममता भजनका तथा अजय एवं स्मिता सिंगल ने विधि-विधानपूर्वक भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच गणपति बप्पा की आराधना की गई तथा समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की गई।
जन्मोत्सव के दौरान गणपति बप्पा के दरबार में अनेक जनप्रतिनिधियों, नेताओं, अभिनेताओं तथा उद्योग जगत से जुड़े विशिष्ट लोगों ने भी पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दीपक भजनका ने इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समिति के सभी सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

दानदाताओं और स्पॉन्सर्स के सहयोग से सफल हुआ विशाल आयोजन
समिति के कोषाध्यक्ष चेतन शर्मा ने कहा कि 51वें श्री गणेश जन्मोत्सव को इतने व्यापक स्तर पर सफलतापूर्वक आयोजित करने में समिति के सदस्यों के साथ-साथ दानदाताओं एवं स्पॉन्सर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के सामूहिक सहयोग के कारण आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सका।
उन्होंने समिति की ओर से सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी समाज का इसी तरह सहयोग और समर्थन मिलता रहेगा, जिससे श्री गणेश जन्मोत्सव की इस गौरवशाली परंपरा को और अधिक भव्यता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए सवामणी प्रसाद की विशेष व्यवस्था
गणेश जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए सवामणी प्रसाद की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सजन जी भजनका एवं प्रमोद जी खेतान ने संभाला। दोनों ने अपनी टीम के सहयोग से प्रसाद वितरण की पूरी व्यवस्था को अत्यंत सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तक सहज रूप से प्रसाद पहुंचाया जा सका।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद प्रसाद वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों ने लगातार समन्वय बनाए रखा।

दिवंगत जुबिन दा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि ने बनाया आयोजन को खास
समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक गोयल ने 51वें श्री गणेश जन्मोत्सव के सफल आयोजन के लिए समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भव्य साज-सज्जा के साथ सभी के चहेते दिवंगत जुबिन दा को श्रद्धांजलि अर्पित करना भी आयोजन की एक बेहद भावपूर्ण पहल रही। इस श्रद्धांजलि ने जन्मोत्सव को धार्मिक आस्था के साथ भावनात्मक रूप से भी विशेष बना दिया।
अशोक गोयल ने कहा कि इस बार गणपति बप्पा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना भगवान श्री गणेश के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के साथ-साथ समिति और आयोजन के प्रति लोगों के विश्वास को भी दर्शाता है।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था और मजबूत करने का सुझाव
पूर्व अध्यक्ष अशोक गोयल ने भविष्य के आयोजनों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, इसलिए आगामी वर्षों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को और अधिक मजबूत एवं सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता होगी। इससे बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
समाज के सामूहिक सहयोग ने 51वें जन्मोत्सव को बनाया अविस्मरणीय
श्री गणेश जन्मोत्सव समिति, दिसपुर की ओर से आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी समाज बंधुओं, दानदाताओं, स्पॉन्सर्स, कार्यकर्ताओं, समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
समिति ने कहा कि समाज की एकजुटता, श्रद्धालुओं की आस्था और सहयोगकर्ताओं की सहभागिता के कारण ही पांच दशक से अधिक पुरानी इस धार्मिक परंपरा का 51वाँ श्री गणेश जन्मोत्सव इतनी भव्यता के साथ संपन्न हो सका। असमिया संस्कृति की आकर्षक झलक, विधि-विधान से पूजा-अर्चना, विशाल जनभागीदारी, सवामणी प्रसाद और भावपूर्ण श्रद्धांजलि ने इस वर्ष के आयोजन को यादगार बना दिया।
गणपति बप्पा के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुआ 51वाँ जन्मोत्सव आस्था, संस्कृति, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रभावशाली संगम बनकर सामने आया।




