शिक्षक दिवस पर मारवाड़ी सम्मेलन बिजनी महिला शाखा की प्रेरक पहल, चार गुरुजनों का किया सम्मान : शिक्षा, साहित्य, संगीत और कला के क्षेत्र में दशकों से योगदान दे रहे शिक्षकों को असमिया गामुछा व प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित : ‘ज्ञान के दीप जलाने वाले गुरुजनों का सम्मान हमारे लिए गर्व और सौभाग्य’
एलोरा आर्ट ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित समारोह में गुरु वंदना से गूंजा वातावरण, शिक्षकों के समर्पण और समाज निर्माण में योगदान को किया नमन

चिरांग/बिजनी, 6 सितंबर : शिक्षक दिवस के अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन की बिजनी महिला शाखा ने शिक्षा, कला और समाज निर्माण के क्षेत्र में वर्षों से उल्लेखनीय योगदान दे रहे गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विशेष शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया। भेटागांव स्थित एलोरा आर्ट ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित समारोह में चार विशिष्ट गुरुजनों को असमिया गामुछा एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

शाखा की ओर से कहा गया कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे नई पीढ़ी में संस्कार, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और जीवन-मूल्यों का संचार कर एक बेहतर समाज की नींव तैयार करते हैं। ऐसे गुरुजनों का सम्मान करना संस्था के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है।

गुरु वंदना के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मारवाड़ी सम्मेलन बिजनी महिला शाखा की सचिव श्रीमती गरिमा अग्रवाला ने गुरु वंदना के साथ किया। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने शिक्षक दिवस की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने अपने जीवन के कई दशक विद्यार्थियों और समाज को शिक्षित एवं संस्कारित करने में समर्पित किए हैं।

39 वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाने वाले जोगेश चंद्र शर्मा सम्मानित
समारोह में सर्वप्रथम सेवानिवृत्त शिक्षक जोगेश चंद्र शर्मा को शाखा अध्यक्ष श्रीमती सुनीता अग्रवाल ने असमिया गामुछा एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
जोगेश चंद्र शर्मा ने बिजनी बांधव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 39 वर्षों तक असमिया विषय के शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे शिक्षकीय जीवन में उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ भाषा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दशकों लंबे योगदान को याद करते हुए शाखा ने उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

38 वर्षों से अधिक की शैक्षणिक सेवा के लिए देव प्रसाद अधिकारी का अभिनंदन
इसके बाद सेवानिवृत्त शिक्षक देव प्रसाद अधिकारी (मास्टर जी) को शाखा सदस्य श्रीमती लीला माहेश्वरी ने सम्मानित किया। देव प्रसाद अधिकारी ने 38 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दी हैं।
उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में शिक्षक और संस्थापक शिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए शाखा ने शिक्षक दिवस के अवसर पर उनका अभिनंदन किया।

शिक्षा के साथ साहित्य-संगीत में सक्रिय भद्रावती नाथ का सम्मान
समारोह में श्रीमती भद्रावती नाथ को शाखा उपाध्यक्ष श्रीमती संतोष शर्मा ने सम्मानित किया। श्रीमती नाथ पिछले 28 वर्षों से अधिक समय से शिक्षिका के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
वर्ष 1998 में अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत करने वाली श्रीमती भद्रावती नाथ वर्तमान में बिजनी बांधव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़ी हुई हैं। शिक्षा के अलावा साहित्य और संगीत के क्षेत्र में भी उनकी विशेष रुचि और सक्रियता रही है। वे एक लेखिका एवं गायिका भी हैं। एक समर्पित महिला शिक्षिका के रूप में विद्यार्थियों और समाज के प्रति उनके योगदान पर बिजनी महिला शाखा ने विशेष गौरव व्यक्त किया।

29 वर्षों से कला प्रतिभाओं को तराश रहे रंजन देबनाथ का अभिनंदन
कार्यक्रम के अंत में कला शिक्षाविद् एवं एलोरा आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के संस्थापक रंजन देबनाथ को शाखा की कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती रीता अग्रवाल ने सम्मानित किया।
रंजन देबनाथ लगभग 29 वर्षों से कला शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं और अपने संस्थान के माध्यम से नई पीढ़ी की कलात्मक प्रतिभाओं को निखारने एवं प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं। शिक्षक सम्मान समारोह के आयोजन के लिए अपने संस्थान में स्थान उपलब्ध कराकर विशेष सहयोग देने के लिए बिजनी महिला शाखा ने उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया।

सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन
यह सम्मान समारोह शाखा अध्यक्ष श्रीमती सुनीता अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, सचिव गरिमा अग्रवाला, उपसचिव प्रेरणा मंत्री, कार्यकारिणी सदस्य साक्षी माहेश्वरी सहित शाखा के सभी सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सचिव श्रीमती गरिमा अग्रवाला ने सभी सम्मानित गुरुजनों, अतिथियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद चाय एवं जलपान के साथ समारोह का समापन हुआ।

बिजनी महिला शाखा ने कहा कि समाज में ज्ञान का दीप जलाने, नई पीढ़ी को शिक्षित करने और संस्कारों से जोड़ने वाले गुरुजनों का सम्मान करना संस्था के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक हैं और उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।




