जातीय संग्रामी सेना असम के केंद्रीय अध्यक्ष को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी का आरोप, शिवसागर सदर थाने में FIR : इमराजुल इस्लाम नामक युवक के खिलाफ संगठन ने दर्ज कराई शिकायत, आपत्तिजनक व अश्लील टिप्पणी करने का भी आरोप
जिला अध्यक्ष ऋतुराज बरुआ और सचिव रिदीप डेका पहुंचे सदर थाना, सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की मांग : आरोपों को गंभीर बताते हुए संगठन ने की निष्पक्ष जांच और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग

शिवसागर, 5 सितंबर : जातीय संग्रामी सेना असम के केंद्रीय अध्यक्ष सीटू बरुआ को सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में संगठन की शिवसागर जिला समिति की ओर से शिवसागर सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। संगठन ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
संगठन की शिकायत में इमराजुल इस्लाम नामक एक युवक पर सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय अध्यक्ष सीटू बरुआ को कथित रूप से जान से मारने की धमकी देने के साथ उनके खिलाफ आपत्तिजनक एवं अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

जिला अध्यक्ष और सचिव पहुंचे सदर थाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जातीय संग्रामी सेना असम की शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष ऋतुराज बरुआ और सचिव रिदीप डेका शिवसागर सदर पुलिस थाने पहुंचे और पूरे मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस के समक्ष कथित सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले की जांच की मांग की। संगठन का कहना है कि संबंधित सोशल मीडिया टिप्पणियां कथित तौर पर न केवल आपत्तिजनक हैं, बल्कि उनमें संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष को लेकर धमकीपूर्ण भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है।

जान से मारने की धमकी देने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इमराजुल इस्लाम ने सोशल मीडिया के माध्यम से जातीय संग्रामी सेना असम के केंद्रीय अध्यक्ष सीटू बरुआ को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी।
इसके साथ ही संगठन ने संबंधित युवक पर कथित तौर पर अश्लील एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया है। संगठन ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों और टिप्पणियों की जांच किए जाने की मांग की है।

डिजिटल गतिविधियों की जांच की मांग
संगठन ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की गंभीरता और निष्पक्षता से जांच करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आई कथित धमकी और आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित पोस्ट या टिप्पणियां किस अकाउंट से और किन परिस्थितियों में की गईं।
संगठन ने मांग की है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने की स्थिति में कानून के प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाए।
रिदीप डेका ने दोहराई कड़ी कार्रवाई की मांग
जातीय संग्रामी सेना असम की शिवसागर जिला समिति के सचिव रिदीप डेका ने मामले को लेकर संगठन का पक्ष रखते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग दोहराई। संगठन ने कहा कि केंद्रीय अध्यक्ष के खिलाफ कथित धमकी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और मामले की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल मामला संगठन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।




