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शिवसागर के थाना पट्टी में बड़ा हादसा, विशाल पेड़ का हिस्सा गिरने से सब्जी विक्रेता गंभीर रूप से घायल : सेंट्रल मार्केट से घर लौट रहे 53 वर्षीय अनिल सिंह हादसे का शिकार, सिर और गले में गंभीर चोट : सिर के पिछले हिस्से में लगे 12 टांके

स्थानीय लोगों ने उठाए खतरनाक पेड़ों के रखरखाव पर सवाल, बचे हुए खोखले हिस्से से फिर हादसे की आशंका

शिवसागर, 5 सितंबर : शिवसागर शहर के व्यस्त थाना पट्टी इलाके में शुक्रवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। सड़क किनारे मौजूद एक विशाल पेड़ का भारी हिस्सा अचानक टूटकर गिरने से 53 वर्षीय सब्जी विक्रेता अनिल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनके सिर और गले में गंभीर चोट आई है। उन्हें तत्काल शिवसागर के शर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना ने शहर के सार्वजनिक एवं सड़क किनारे इलाकों में मौजूद पुराने, कमजोर और संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों की नियमित निगरानी तथा रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों की कथित लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जोखिम वाले पेड़ों की समय रहते पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

रात करीब 8:45 बजे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अनिल सिंह शिवसागर सेंट्रल मार्केट में छोटे स्तर पर सब्जी का व्यवसाय कर अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं। शुक्रवार रात रोज की तरह अपना काम समाप्त करने के बाद वह करीब 8:45 बजे सेंट्रल मार्केट से घर लौट रहे थे।

इसी दौरान थाना पट्टी इलाके में बारेघोरिया मस्जिद के सामने पहुंचते ही सड़क किनारे मौजूद एक बड़े पेड़ का भारी हिस्सा अचानक टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट, लगे 12 टांके

पेड़ का भारी हिस्सा गिरने से अनिल सिंह के सिर और गले में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद उन्हें तत्काल नजदीकी शर्मा नर्सिंग होम पहुंचाया गया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी है और घाव पर 12 टांके लगाने पड़े हैं।

पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहते हैं अनिल सिंह

अनिल सिंह शिवसागर सेंट्रल मार्केट में छोटे स्तर पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वह थाना रोड के पुराना पट्टी इलाके में एक किराए के मकान में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं।

ऐसे में परिवार की आजीविका चलाने वाले अनिल सिंह के गंभीर रूप से घायल होने से उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों ने लगाया विभागीय लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने शहर में पुराने एवं जोखिमपूर्ण पेड़ों के रखरखाव को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों की ओर से समय रहते ऐसे पेड़ों की पहचान और आवश्यक कटाई-छंटाई नहीं किए जाने के कारण इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है, वहां मौजूद पुराने, कमजोर, खोखले अथवा जोखिम पैदा करने वाले पेड़ों और भारी शाखाओं की नियमित जांच होनी चाहिए। जोखिम सामने आने पर समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

हालांकि संबंधित पेड़ की वास्तविक स्थिति क्या थी, उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग के पास थी और हादसे से पहले उसे खतरनाक चिह्नित किया गया था या नहीं—इन बिंदुओं पर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में विभागीय लापरवाही का दावा फिलहाल स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया आरोप है।

वन विभाग ने रात में ही हटाया सड़क पर गिरा हिस्सा

हादसे के बाद वन विभाग ने रात में ही सड़क पर गिरे पेड़ के बड़े हिस्से को हटा दिया, जिससे सड़क पर आवागमन सामान्य करने में मदद मिली।

इसके बावजूद स्थानीय लोगों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनका दावा है कि पेड़ का जो हिस्सा अभी खड़ा है, वह अंदर से काफी खोखला और कमजोर हो चुका है तथा भविष्य में उसके गिरने से एक और गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

बचे हुए पेड़ की जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पेड़ के बचे हुए हिस्से की तत्काल तकनीकी जांच कराने और यदि वह असुरक्षित पाया जाता है तो बिना देरी उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

इसके साथ ही थाना पट्टी की इस घटना के बाद पूरे शिवसागर शहर में सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद पुराने और संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों का व्यवस्थित सर्वेक्षण कराने की मांग भी उठी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे पेड़ों एवं कमजोर शाखाओं की समय रहते पहचान, नियमित निगरानी और वैज्ञानिक तरीके से कटाई-छंटाई की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी राहगीर या वाहन चालक को इस तरह के हादसे का शिकार न होना पड़े।

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