ऊपरी असम के बाढ़ पीड़ितों की सेवा में जुटी संस्थाओं का गुवाहाटी में अभिनंदन, सहयोग और समर्पण को किया नमन : मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा ने बाबा रामदेव भक्त संगम, श्री श्री माँ बगलामुखी सेवा समिति और गोलोक परिवार के राहत कार्यों के प्रति जताया आभार, स्मृति-चिह्न व फुलाम गमछा से सम्मान
शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता की सराहना

गुवाहाटी, 5 सितंबर : ऊपरी असम के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में आई भीषण बाढ़ के दौरान पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सेवाभाव के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से शनिवार को गुवाहाटी में एक विशेष सभा आयोजित की गई। मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा के आह्वान पर बाबा रामदेव भक्त संगम, गुवाहाटी के आतिथ्य में आठगांव स्थित किरण श्री होम में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री श्री माँ बगलामुखी सेवा समिति एवं गोलोक परिवार की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।
बाढ़ राहत में सहयोग के लिए तीनों संस्थाओं का अभिनंदन
सभा का मुख्य उद्देश्य हालिया भीषण बाढ़ के दौरान शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट के प्रभावित परिवारों के लिए बाबा रामदेव भक्त संगम, श्री श्री माँ बगलामुखी सेवा समिति एवं गोलोक परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री और सहयोग के प्रति औपचारिक रूप से कृतज्ञता व्यक्त करना था।
शिवसागर एवं सिमलगुड़ी के समाजबंधुओं ने तीनों संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों की मानवीय सेवा की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) एवं असमिया संस्कृति के प्रतीक फुलाम गमछा से सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि आपदा की कठिन घड़ी में जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
घेवरचंद सिपानी की अध्यक्षता, दीपक पोद्दार ने किया संचालन
सभा की अध्यक्षता बाबा रामदेव भक्त संगम के अध्यक्ष घेवरचंद सिपानी ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन संगठन के संस्थापक अध्यक्ष दीपक पोद्दार ने किया।
कार्यक्रम के दौरान गुवाहाटी की तीनों संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शिवसागर और शिमलगुड़ी से पहुंचे प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इनमें मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार खेमका, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य रुपचंद करनानी, वरिष्ठ सदस्य सुरेश बरेलीया, संयुक्त सचिव विजय कुमार कसेरा तथा मारवाड़ी सम्मेलन शिमलगुड़ी शाखा के अध्यक्ष पवन मस्करा, सचिव विनोद पाटनी और पूर्व अध्यक्ष शिव कुमार अग्रवाल शामिल थे।
‘विषम परिस्थितियों में निस्वार्थ सेवा अनुकरणीय’
सभा को संबोधित करते हुए धेवरचंद सिपानी, ओमप्रकाश खण्डेलवाल, विनोद अग्रवाल एवं दीपक पोद्दार ने बाढ़ के दौरान शिवसागर और सिमलगुड़ी के समाजबंधुओं द्वारा स्थानीय सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर किए गए राहत एवं सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
वक्ताओं ने कहा कि अत्यंत कठिन और विषम परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय समाजबंधुओं ने प्रभावित लोगों तक लगातार पहुंचकर जिस तरह निस्वार्थ भाव से सहायता पहुंचाई, वह सराहनीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने इस सेवाभाव के लिए सभी कार्यकर्ताओं को साधुवाद दिया।
गुवाहाटी की संस्थाओं के सहयोग को बताया अमूल्य
इस अवसर पर प्रदीप कुमार खेमका, रुपचंद करनानी एवं पवन मस्करा ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने गुवाहाटी की तीनों धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में इन संस्थाओं का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में विभिन्न शहरों और संस्थाओं का एक मंच पर आकर मानव सेवा के लिए कार्य करना सामाजिक एकजुटता की मजबूत मिसाल है। इसी भावना के तहत तीनों संस्थाओं का स्मृति-चिह्न और फुलाम गमछा प्रदान कर अभिनंदन किया गया।
संजय जैन का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम की सफलता में बाबा रामदेव भक्त संगम के कोषाध्यक्ष संजय जैन का विशेष योगदान रहा। अतिथियों के ठहरने से लेकर जलपान एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु रूप देने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके साथ ही बाबा रामदेव भक्त संगम, श्री श्री माँ बगलामुखी सेवा समिति और गोलोक परिवार के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय एवं सराहनीय सहयोग दिया।
मानव सेवा और सामाजिक एकजुटता का संदेश
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बाद आयोजित यह सभा केवल औपचारिक सम्मान कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानव सेवा, सहयोग, समर्पण और आपसी सद्भाव का संदेश भी लेकर सामने आई। संकट के समय अलग-अलग सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा मिलकर जरूरतमंदों की सहायता करने और बाद में उस सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की यह पहल सामाजिक एकजुटता एवं सेवा भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बनी।




