शिवसागर में जनगणना की तैयारियां तेज, नाजिरा सहजिला में निदेशक विश्वजीत पेगू ने की प्रशासनिक समीक्षा : सीमा निर्धारण और मैपिंग से लेकर गणनाकर्मियों की पहचान व प्रशिक्षण तक की तैयारियों पर विस्तृत मंथन : जिला आयुक्त मृदुल यादव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद, विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
जनगणना से जुड़े प्रारंभिक कार्य चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से शुरू करने के निर्देश

शिवसागर, 5 सितंबर : शिवसागर जिले में आगामी जनगणना कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, सटीक और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में नाजिरा सहजिला में जनगणना की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता असम के जनगणना एवं नागरिक पंजीकरण निदेशालय के निदेशक विश्वजीत पेगू ने की।
नाजिरा सहजिला पहुंचे निदेशक विश्वजीत पेगू ने शिवसागर जिले में आगामी जनगणना से संबंधित प्रशासनिक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले आवश्यक प्रशासनिक ढांचा तैयार करने, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करने और विभिन्न स्तरों पर होने वाले कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

सीमा निर्धारण और मैपिंग को प्राथमिकता
समीक्षा बैठक के दौरान जनगणना के लिए सीमा निर्धारण और मैपिंग से जुड़े कार्यों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। निदेशक विश्वजीत पेगू ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनगणना के सुचारु संचालन के लिए क्षेत्रवार सीमाओं की स्पष्ट पहचान और सटीक मैपिंग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वास्तविक गणना कार्य शुरू होने से पहले इससे जुड़ी सभी आधारभूत व्यवस्थाएं पूरी कर ली जानी चाहिए।
बैठक में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों और संबंधित क्षेत्रों के स्तर पर आवश्यक तैयारियों की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि क्षेत्र निर्धारण और मैपिंग में किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे, ताकि आगे जनगणना कार्य के संचालन में प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की परेशानी उत्पन्न न हो।

गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों की पहचान शुरू करने के निर्देश
जनगणना कार्यक्रम के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता और उसकी तैयारी भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में रही। निदेशक विश्वजीत पेगू ने अधिकारियों को जनगणना के लिए आवश्यक प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के गणनाकर्मियों तथा पर्यवेक्षकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
बैठक में इस बात पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया कि जनगणना जैसे व्यापक अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा प्रशिक्षण
निदेशक ने गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों की पहचान के साथ ही उनके प्रशिक्षण की तैयारियां भी शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चयनित कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से की जाए।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक जनगणना के दौरान आंकड़ों के संग्रह, रिकॉर्डिंग और पर्यवेक्षण का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सटीक एवं प्रभावी तरीके से किया जा सके।
प्रशासनिक समन्वय और जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा
बैठक में जनगणना से जुड़े विभिन्न स्तरों के कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। प्रशासनिक समन्वय, क्षेत्र निर्धारण, मैपिंग, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
निदेशक पेगू ने संबंधित अधिकारियों को सीमा निर्धारण, मैपिंग, गणनाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों की पहचान तथा प्रशिक्षण सहित सभी प्रारंभिक कार्यों को चरणबद्ध, समयबद्ध और समन्वित तरीके से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

जिला आयुक्त मृदुल यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव, नाजिरा सहजिला आयुक्त प्रतिभा मेश्राम और अतिरिक्त जिला आयुक्त सोणतृष्णा घरफलिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा संबंधित चक्र अधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा जनगणना कार्य के लिए नियुक्त मंडलीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर जनगणना से संबंधित तैयारियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।

जमीनी तैयारियों को समय पर पूरा करने पर जोर
नाजिरा में आयोजित यह समीक्षा बैठक शिवसागर जिले में आगामी जनगणना कार्यक्रम की प्रशासनिक तैयारियों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बैठक के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक विभागों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ ही जनगणना के लिए आवश्यक जमीनी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि वास्तविक जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले सीमा निर्धारण, मैपिंग, मानव संसाधन की पहचान और प्रशिक्षण जैसी सभी बुनियादी तैयारियां व्यवस्थित रूप से पूरी कर ली जाएं।




