सोनारी में पशु लूट का विरोध करना पड़ा भारी : कथित नगा हथियारबंद बदमाशों के जानलेवा हमले में युवक गंभीर घायल : गोवालापथार गांव में दीपक मुंडा पर धारदार हथियार से कई वार : दो गायों के साथ भाग रहे संदिग्धों का पीछा करने के दौरान हुई वारदात
सीमावर्ती क्षेत्र में फिर गरमाया पशुधन चोरी और सुरक्षा का मुद्दा : ग्रामीणों में भारी आक्रोश, पुलिस ने शुरू की जांच व तलाशी अभियान

सोनारी, 2 जुलाई : ऊपरी असम के चराईदेव जिले के सोनारी क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पशुधन चोरी का विरोध करने पर कथित नगा हथियारबंद बदमाशों द्वारा किए गए जानलेवा हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान दीपक मुंडा के रूप में हुई है, जो जिले के असम नगालैंड सीमांतवर्ती गोवालापथार गांव का निवासी है। घटना के बाद पूरे सीमावर्ती इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। गंभीर रूप से घायल दीपक मुंडा को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

दो गायों के साथ भाग रहे संदिग्धों को देखकर ग्रामीणों ने शुरू किया पीछा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार तड़के जानकीपाथार क्षेत्र के ग्रामीणों ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को दो गायों के साथ तेजी से भागते हुए देखा। संदेह होने पर ग्रामीणों ने उनका पीछा किया। पीछा करते-करते संदिग्ध गोवालापथार गांव की ओर पहुंच गए, जहां ग्रामीणों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
दीपक मुंडा और उनके भाई ने रोका रास्ता, धारदार हथियार से किया हमला
बताया गया कि गोवालापथार पहुंचने पर दीपक मुंडा और उनके भाई ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने धारदार हथियार निकालकर दीपक मुंडा पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल दीपक मुंडा खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े, जबकि हमलावर अंधेरे और जंगल का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए।
घटना से सीमावर्ती गांवों में दहशत, ग्रामीणों में भारी रोष
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सीमावर्ती गांवों के लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से पशुधन चोरी की घटनाएं होती रही हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ताजा घटना के बाद ग्रामीणों ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नियमित गश्त बढ़ाने और पशु तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग तेज कर दी है।

अभयपुर वन क्षेत्र के रास्ते नागालैंड ले जाए जाने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि संगठित गिरोह चोरी किए गए मवेशियों को अभयपुर वन क्षेत्र के दुर्गम रास्तों का उपयोग कर पड़ोसी राज्य नागालैंड की ओर ले जाते हैं। जंगलों और सीमावर्ती इलाकों का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह लंबे समय से सक्रिय बताए जाते हैं। स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया कि यदि सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तो इस प्रकार की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
पुलिस ने शुरू की जांच, सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस घायल के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी तथा स्थानीय लोगों से मिले इनपुट के आधार पर हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। साथ ही आसपास के वन क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सोनारी-नागालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुधन चोरी, कथित अंतरराज्यीय गिरोहों की सक्रियता और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकती हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।




