मुख्यमंत्री के निर्देशों पर एक्शन मोड में शिवसागर पुलिस, एसएसपी पापोरी चेतिया ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट दिशा-निर्देश : देरगांव एसएसपी सम्मेलन के फैसलों को थाना और फील्ड स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने की कवायद तेज : कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर : ड्रग्स व महिला-बाल अपराधों के खिलाफ सख्ती प्राथमिकता
समयबद्ध चार्जशीट, मजबूत साक्ष्य और बेहतर कनविक्शन रेट पर फोकस; चार से छह महीने में प्रमुख फैसलों को अमल में लाने का लक्ष्य

शिवसागर, 5 सितंबर : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में 2 और 3 सितंबर को देरगांव स्थित लाचित बरफुकन पुलिस अकादमी में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के दो दिवसीय सम्मेलन में दिए गए रणनीतिक दिशा-निर्देशों को अब जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की कवायद शुरू हो गई है। इसी क्रम में शिवसागर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने शुक्रवार को जिले के पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा सम्मेलन में निर्धारित प्राथमिकताओं को लेकर विस्तृत ब्रीफिंग दी।
ब्रीफिंग का उद्देश्य राज्य सरकार और पुलिस नेतृत्व द्वारा तय रणनीति को शिवसागर जिले में थाना एवं फील्ड स्तर तक व्यवस्थित, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करना रहा। एसएसपी चेतिया ने अधिकारियों को सम्मेलन में दिए गए दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी देते हुए उनके क्रियान्वयन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने पर जोर दिया।

कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एसएसपी पापोरी चेतिया ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण जांच तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए राज्य स्तर पर निर्धारित प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना इस कवायद का प्रमुख उद्देश्य है।
शिवसागर पुलिस ने मुख्यमंत्री की नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की बात दोहराई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में विस्तृत ब्रीफिंग
इस महत्वपूर्ण आधिकारिक ब्रीफिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) मोइदुल इस्लाम और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) ऋषभ हंस भी मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सम्मेलन के प्रमुख निर्णयों और दिशा-निर्देशों को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाया गया, ताकि जिला मुख्यालय से लेकर थाना और फील्ड स्तर तक इनके क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय कायम रहे।
ड्रग्स और महिला-बाल अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर
देरगांव में आयोजित दो दिवसीय एसएसपी सम्मेलन में राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के साथ मादक पदार्थों की तस्करी तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
इन मामलों में अधिक सख्त कार्रवाई के साथ जांच की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उद्देश्य केवल मामले दर्ज करना नहीं, बल्कि मजबूत साक्ष्य जुटाकर जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

80 प्रतिशत से अधिक मामलों में समयसीमा के भीतर चार्जशीट
सम्मेलन में सामने आए महत्वपूर्ण आंकड़ों के अनुसार, असम पुलिस वर्तमान में पंजीकृत मामलों में 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में निर्धारित 60 अथवा 90 दिनों की अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल कर रही है।
इसी तरह राज्य में पुलिस मामलों की कनविक्शन रेट, जो वर्ष 2021 में करीब 7 प्रतिशत थी, अब लगभग 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसे आगे बढ़ाकर करीब 35 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में काम करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए गुणवत्तापूर्ण जांच, मजबूत और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, बेहतर फॉरेंसिक सहायता तथा प्रभावी अभियोजन व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना गया है।
फॉरेंसिक और अभियोजन व्यवस्था होगी और मजबूत
बदलते अपराध स्वरूप और जांच की बढ़ती तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में फॉरेंसिक साइंस की क्षमता बढ़ाने तथा अभियोजन प्रणाली को और मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
जांच से लेकर अदालत में मुकदमे की पैरवी तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि गंभीर आपराधिक मामलों में साक्ष्यों की गुणवत्ता बेहतर हो और दोषसिद्धि की दर में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।
चार से छह महीनों में फैसलों को धरातल पर उतारने का लक्ष्य
एसएसपी सम्मेलन की प्रमुख बातों में विभिन्न पुलिस अधीक्षकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपना भी शामिल रहा। सम्मेलन में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को अगले चार से छह महीनों के भीतर लागू करने की दिशा में काम करने को कहा गया है।
ऐसे में सम्मेलन के तुरंत बाद शिवसागर में एसएसपी पापोरी चेतिया द्वारा अधिकारियों को विस्तृत ब्रीफिंग देना राज्य स्तरीय नीतिगत फैसलों को तेजी से जिला स्तर पर लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दो नई पुलिस बटालियनों की दिशा में पहल
सम्मेलन में असम पुलिस की संस्थागत और परिचालन क्षमता बढ़ाने को लेकर भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। इनमें दो नई पुलिस बटालियनों के गठन की दिशा में पहल शामिल है।
इनमें से एक बटालियन का उद्देश्य राज्य की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना, जबकि दूसरी का उद्देश्य ऑयल इंडिया और ओएनजीसी के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना बताया गया है।
आधुनिक पुलिसिंग के अनुरूप प्रशिक्षण पर फोकस
पुलिसिंग की बदलती चुनौतियों के मद्देनजर प्रशिक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी सम्मेलन में विशेष जोर दिया गया। लाचित बरफुकन पुलिस अकादमी को आधुनिक सुविधाओं से और सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार ने रोडमैप सामने रखा है।
सम्मेलन के पहले दिन अकादमी में 32 प्रशिक्षु डीएसपी और 371 कांस्टेबलों सहित कुल 403 पुलिसकर्मियों की पासिंग आउट परेड भी आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने नए पुलिसकर्मियों को सेवा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियों के अनुरूप जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संदेश दिया था।
अब थाना और फील्ड स्तर पर दिखेगा असर
राज्य स्तरीय सम्मेलन के तुरंत बाद शिवसागर पुलिस द्वारा अधिकारियों को दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाना इस बात का संकेत है कि अब नीतिगत फैसलों को जिला, थाना और फील्ड स्तर तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
एसएसपी पापोरी चेतिया के नेतृत्व में शिवसागर पुलिस ने दोहराया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध जांच, नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
देरगांव सम्मेलन में तय लक्ष्यों के बाद अब शिवसागर पुलिस के सामने इन रणनीतिक निर्देशों को जमीनी स्तर पर परिणाम में बदलने की जिम्मेदारी है। आने वाले महीनों में अपराध नियंत्रण, जांच की गुणवत्ता, समयबद्ध चार्जशीट, दोषसिद्धि दर और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर होने वाली प्रगति इन पहलों की प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगी।




