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सोनारी में भारी आंधी तूफान बारिश : विशाल पेड़ गिरने से कई घर तबाह : दो लोग घायल

शिवसागर 21 मई : चराईदेव जिले के सोनारी क्षेत्र में पिछले रात प्रचंड आंधी तूफान और भारी बारिश ने तबाही मचा दी। नाफुक आदर्श गांव इलाके में आधी रात के करीब 3 बजे तेज हवाओं के साथ एक विशाल पेड़ उखड़कर पड़ोस के कई घरों पर गिर पड़ा, जिससे भारी नुकसान हुआ। हालांकि बड़े हादसे से परिवार बाल-बाल बचे, लेकिन दो लोग घायल हो गए।
स्थानीय सूत्रों और घटना की जानकारी के अनुसार, प्रभावित परिवारों में नुमुल माल, अजीत कर्मकार और छोटू बाउरी के घर शामिल हैं। अजीत कर्मकार और उनकी पत्नी सुनीता कर्मकार इस हादसे में घायल हो गए। वहीं उनकी 9 वर्षीय बेटी पुष्पांजलि कर्मकार बड़ी मुश्किल से मौत के मुंह से बच निकली। छोटू बाउरी का 6 सदस्यीय परिवार भी कठिनाई से बच पाया।
घरों की छतें और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि पिछली रात करीब 3 बजे अचानक तेज आंधी तूफान उठा, जिसमें भारी बारिश और तेज हवाएं शामिल थीं। इस तूफान ने गांव में कई बड़े पेड़ उखड़ कर गिर पड़े।
नाफुक आदर्श गांव में एक विशाल पेड़ सीधे घरों पर आ गिरा। अजीत कर्मकार के घर पर गिरे पेड़ ने छत और दीवारें तोड़ दीं। परिवार सो रहा था, लेकिन चीख-पुकार और धमाके की आवाज सुनकर वे बाहर निकलने में सफल हुए। नन्ही पुष्पांजलि नींद में थी, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे समय पर बाहर निकाल लिया।
इसी तरह छोटू बाउरी के घर पर भी पेड़ गिरने से काफी क्षति हुई, लेकिन पूरे परिवार ने समय रहते सुरक्षित जगह पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। इलाके में अन्य घरों को भी नुकसान पहुंचा है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
घटना की सूचना मिलते ही अभयपुर गांव पंचायत के अध्यक्ष जयप्रकाश गोवाला और नाफुक गांव के गांव प्रधान मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त परिवारों से बातचीत की, नुकसान का जायजा लिया और तुरंत राहत कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाने और मरम्मत के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गई है।
सोनारी और आसपास के इलाकों में इस मौसम में अक्सर ऐसे तूफान आते रहते हैं। तेज हवाएं, ओले और भारी बारिश से पेड़ उखड़ना, घर क्षतिग्रस्त होना और बिजली व्यवस्था प्रभावित होना आम बात है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी है।
घायल अजीत कर्मकार और सुनीता कर्मकार का इलाज चल रहा है। परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मुआवजा, घरों की मरम्मत और जरूरी सहायता की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे प्राकृतिक आपदाओं में समय पर चेतावनी और पेड़ों की कटाई-छंटाई से नुकसान को कम किया जा सकता है। यह घटना एक बार फिर से असम के ग्रामीण इलाकों में मौसम की मार और तैयारियों की जरूरत को रेखांकित करती है। प्रशासन आगे की राहत कार्यवाही पर नजर रख रहा है।




