शिवसागर में ईद-उल-अजहा की शांतिपूर्ण तैयारी: जिला आयुक्त मृदुल यादव ने 155 मस्जिद समितियों के साथ की अहम बैठक
जिला आयुक्त ने कुर्बानी के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया

शिवसागर, 21 मई : पवित्र ईद-उल-अजहा (कुर्बानी ईद) के उपलक्ष्य में शिवसागर जिले में प्रशासन ने शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने की दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। जिला आयुक्त मृदुल यादव ने बुधवार को सुकाफा कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले की सभी मस्जिदों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कुर्बानी ईद के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचना, शांतिपूर्ण उत्सव सुनिश्चित करना और अन्य धर्मों के लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देना था। बैठक में शिवसागर जिला मस्जिद समन्वय रक्षा समिति के अध्यक्ष जूनू खान और अन्य पदाधिकारियों सहित जिले की कुल 155 मस्जिदों के अध्यक्ष और सचिव मौजूद थे।

जिला आयुक्त ने कुर्बानी के लिए उपयोग किए जाने वाले पशुओं पर एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। हिंदू बहुल इलाकों में कुर्बानी न की जाए, यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। शिवसागर नगर पालिका द्वारा कुर्बानी की कचरा हटाने के लिए विशेष वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी 14 वार्डों में विशेष कचरा संग्रह गाड़ियां तैनात रहेंगी। पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए कुर्बानी के बाद अवशेषों को सुरक्षित तरीके से दफनाने का निर्देश, ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो। पशु संरक्षण कानून की अनुपालना और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

समिति के अध्यक्ष जूनू खान ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रयास सराहनीय है। हम जिला प्रशासन के परामर्श का पालन करते हुए ईद को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएंगे। हिंदू बहुल क्षेत्रों में कुर्बानी नहीं होगी।
अनवर हुसैन ने जोर देते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा का अर्थ त्याग है। पूरे देश में यह संदेश जाएगा कि शांतिपूर्ण तरीके से ईद मनाई जाए। हमारी शरीयत का विधान जिला प्रशासन की एसओपी के साथ मिलता है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं आएगी। सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करते हुए हम ईद मनाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि शिवसागर शहर की स्टेशन चाराली जुम्मा मस्जिद और जेंगोनीकोटिया जुम्मा मस्जिद में जगह की कमी के कारण सड़क पर ईद की नमाज पढ़ी जाएगी, लेकिन एम्बुलेंस गुजरने लायक जगह छोड़कर। इससे आम नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होगी।

जिला आयुक्त मृदुल यादव ने बैठक में कहा कि कुर्बानी ईद का उत्सव शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाया जाए। अन्य धर्मावलंबियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने और किसी भी अशांति की आशंका पर तुरंत सूचना देने की अपील की। शिवसागर जिले में सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल रही है। यहां कभी सांप्रदायिक संघर्ष नहीं हुआ। सभी समुदाय आपसी भाईचारे और समन्वय के साथ रहते हैं।
ईद-उल-अजहा बुधवार 27 मई को मनाई जाएगी। जो कि चांद दिखने पर निर्भर है। जिला प्रशासन ने यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है। ईद का त्योहार त्याग, भाईचारे और करुणा का प्रतीक है। इसे शांतिपूर्ण और यादगार बनाएं।
यह बैठक असम में धार्मिक सद्भाव और प्रशासनिक सक्रियता का उत्तम उदाहरण है। शिवसागर जिला प्रशासन, पुलिस और मस्जिद समितियों के संयुक्त प्रयास से ईद-उल-अजहा पूरे जिले में बिना किसी बाधा के मनाई जाएगी। बैठक में एसएसपी पापोरी चेतिया, एएसपी मयदुल इस्लाम सहित जिला प्रशासन और नगरपालिका के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।




