चिरांग में हर्षोल्लास से मना 65वां शिक्षक दिवस, 10 कृति और 152 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान : काजलगांव स्थित डाइट के जुबिन गर्ग स्मृति मंच पर जिला स्तरीय समारोह, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों और योगदान को किया गया याद : जिला आयुक्त गोकुल चंद्र ब्रह्म बोले—‘शिक्षक देश और समाज के निर्माण में शिक्षा के शिल्पकार’
बीटीसी के ओएसडी नित्य विनोद वारी ने समाज को एकजुट रखने में शिक्षकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

बिजनी, 5 सितंबर : देशभर के साथ-साथ बीटीएडी के चिरांग जिले में भी शनिवार को 65वां शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से काजलगांव स्थित डाइट के जुबिन गर्ग स्मृति मंच पर जिला स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, शैक्षिक योगदान और आदर्शों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से समारोह का शुभारंभ
जिला स्तरीय समारोह की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित अतिथियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए शिक्षा जगत में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया।
इसके बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे चिरांग जिला विद्यालयों के सहायक निरीक्षक सौमदौन नार्जारी की अध्यक्षता में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान डॉ. राधाकृष्णन के कार्यजीवन, शैक्षिक दर्शन और आदर्शों पर विस्तार से चर्चा की गई।

10 कृति और 152 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान
जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी विजय वैष्णव ने समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शिक्षक सम्मान समारोह रहा, जिसमें प्राथमिक स्तर से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक कार्यरत 10 कृति एवं आदर्श शिक्षकों को उनकी उल्लेखनीय शैक्षिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक सेवाएं देकर सेवानिवृत्त हुए 152 शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी विशेष अभिनंदन किया गया। सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र, अरुणाई और फूलाम गामोछा प्रदान कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
‘देश और समाज के निर्माण में शिक्षा के शिल्पकार हैं शिक्षक’
समारोह के मुख्य अतिथि चिरांग जिला आयुक्त गोकुल चंद्र ब्रह्म ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक देश और समाज के निर्माण में शिक्षा के शिल्पकार हैं। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यार्थी अपने शिक्षक के साथ उचित संबंध स्थापित किए बिना जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा प्रदान करने का भी कार्य करते हैं।
भावी पीढ़ी से राधाकृष्णन के आदर्श अपनाने का आह्वान
चिरांग डाइट के प्राचार्य नासिरुद्दीन ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कार्यजीवन, शिक्षा-दर्शन और आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भावी पीढ़ी से डॉ. राधाकृष्णन के विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा तथा समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समाज को एकजुट रखने में शिक्षकों की अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीटीसी के ओएसडी नित्य विनोद वारी ने कहा कि वर्तमान दौर में समाज को एकजुट और मजबूत बनाए रखने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते रहने तथा नई पीढ़ी के सामने आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

राज्यपाल द्वारा सम्मानित शिक्षक चुकेल बसुमतारी ने भी रखे विचार
समारोह में राज्यपाल द्वारा सम्मानित शिक्षक चुकेल बसुमतारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा सम्मानित कृति शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा के बदलते स्वरूप, शिक्षक-विद्यार्थी संबंध और समाज निर्माण में शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर विचार रखे।
कार्यक्रम में अखिल बड़ो प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव थानेश्वर ब्रह्म दैमारी, हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष कामेश्वर बसुमतारी, काजलगांव अनुमंडल प्राथमिक शिक्षक सम्मेलन के सलाहकार अजीत कुमार शर्मा और सिदली खंड शिक्षा अधिकारी कामेश्वर ब्रह्म सहित शिक्षा जगत से जुड़े अनेक अधिकारी, शिक्षक और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

जिलेभर के विद्यालयों में भी शिक्षक दिवस की धूम
जिला स्तरीय आयोजन के साथ ही बीजीआर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समेत चिरांग जिले के विभिन्न विद्यालयों में भी शिक्षक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। विद्यालयों में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने के साथ विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक और सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
इस प्रकार चिरांग जिले में शिक्षक दिवस का आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने और नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने का महत्वपूर्ण अवसर बना।




