शिवसागर जिला कवि सम्मेलन का आजीवन सदस्य समारोह संपन्न : ‘काव्य गुंजन’ मुखपत्र एवं कवयित्री हारेजा बेगम के काव्य संग्रह ‘अनुभवर दलिचा’ का हुआ लोकार्पण : काव्य साधना के साथ संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान
समानांतर जिला समिति गठन को लेकर आजीवन सदस्यों ने जताई नाराज़गी

शिवसागर, 21 जुलाई : शिवसागर जिला कवि सम्मेलन के तत्वावधान में सदौ असम कवि सम्मेलन के शिवसागर जिले के आजीवन सदस्य सम्मान एवं सम्मेलन समारोह का आयोजन शिवसागर वाणिज्य महाविद्यालय में गरिमामय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। साहित्यकारों, कवियों, आजीवन सदस्यों तथा साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति में आयोजित यह समारोह साहित्यिक संवाद, काव्य साधना, संगठनात्मक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ, संस्थापक कवि राम गोगोई को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संस्थापक एवं ‘पथारर कवि’ राम गोगोई के चित्र के समक्ष विशिष्ट कवयित्री बिचित्रा बोरा भुइयां द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
शिवसागर जिला कवि सम्मेलन के उपाध्यक्ष बिजू बरठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित समारोह का उद्घाटन सदौ असम कवि सम्मेलन के पूर्व केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व उपाध्यक्ष हरेन गोगोई ने किया।
‘अच्छी कविता के लिए अध्ययन और निरंतर अभ्यास अनिवार्य’ : हरेन गोगोई
अपने उद्घाटन भाषण में हरेन गोगोई ने कहा कि कविता लिखने के साथ-साथ साहित्यिक संगठन को सशक्त बनाकर आगे बढ़ाना भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसकी मजबूत नींव जनकवि राम गोगोई ने रखी थी।
उन्होंने कहा कि केवल कविता लिखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गहन अध्ययन, निरंतर अभ्यास और व्यापक साहित्यिक चिंतन ही एक श्रेष्ठ कवि का निर्माण करता है। उन्होंने प्रख्यात कवि नीलमणि फूकन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं जीवन में एक उत्कृष्ट कविता न लिख पाने का अफसोस व्यक्त किया था। उन्होंने नई पीढ़ी से आग्रह किया कि वे केवल असमिया कविता की परंपरा तक सीमित न रहें, बल्कि विश्व साहित्य और विदेशी कवियों की रचनाओं का भी गंभीर अध्ययन करें।
कविता पाठ और मधुर संगीत से सजा साहित्यिक आयोजन
कार्यक्रम का संचालन एवं उद्देश्य व्याख्या शिवसागर जिला कवि सम्मेलन के सचिव प्रांजल आबिर ने किया।
इस अवसर पर आयोजित काव्यपाठ सत्र में पुंजन बरुआ, अश्रुमणि दत्त घोष, रुली बरगोहांई गोगोई, शिखा बुढ़ागोहांई, रूपा सैकिया, पूजा बरुआ, अनामिका दास, बिचित्रा बोरा भुइयां, मंजू घरफलिया बोरा, दितिमणि बुढ़ागोहाईं तथा हारेजा बेगम ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया।
वहीं कवयित्री एवं गायिका कल्पना गोहांई गोगोई ने मधुर गीत प्रस्तुत कर पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया।

‘काव्य गुंजन’ और ‘अनुभवर दलिचा’ का लोकार्पण
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण शिवसागर जिला कवि सम्मेलन के मुखपत्र ‘काव्य गुंजन’ का लोकार्पण रहा।
हरेन चंद्र नाथ के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुखपत्र का लोकार्पण शिवसागर जिला कवि सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष ब्रजेन दास ने किया।
इसके साथ ही वरिष्ठ कवयित्री हारेजा बेगम के काव्य संग्रह ‘अनुभवर दलिचा’ का लोकार्पण शिवसागर जिला कवि सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष मुकुल नाथ ने किया।
समानांतर जिला समिति गठन को लेकर आजीवन सदस्यों ने जताई नाराज़गी
कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में सदौ असम कवि सम्मेलन के नाम पर शिवसागर जिला कवि सम्मेलन को अवैध रूप से भंग कर समानांतर जिला समिति गठित किए जाने के मुद्दे पर कई आजीवन सदस्यों ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की।
आजीवन सदस्य हरेन चंद्र नाथ, हरेन गोगोई, मुकुल नाथ, ब्रजेन दास, अश्रुमणि दत्त घोष तथा रूपा सैकिया सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि केवल एक शाखा को आधार बनाकर समानांतर जिला समिति का गठन संगठन की एकता और लोकतांत्रिक परंपरा के विरुद्ध है।
उन्होंने इस निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनकवि राम गोगोई के आदर्शों पर स्थापित इस संगठन की गरिमा, इतिहास और परंपरा को ठेस पहुंची है, जिससे साहित्यकारों और आजीवन सदस्यों की भावनाएं आहत हुई हैं।
आजीवन सदस्यों का किया गया विशेष सम्मान
समारोह के समापन अवसर पर शिवसागर जिला कवि सम्मेलन की ओर से उपस्थित सभी आजीवन सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित एवं अभिनंदित किया गया।
साहित्य, संगठन, काव्य साधना और सांस्कृतिक एकता का संदेश देने वाला यह आयोजन शिवसागर के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण और स्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हुआ।




