जोरहाट पुलिस की बड़ी कार्रवाई : JMCH के पास 7.65 mm पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और बाइक के साथ संजीब बरुआ गिरफ्तार : इंस्पेक्टर उत्पल दत्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पीछा कर दबोचा : आरोपी के डिमापुर से जोरहाट आने की सूचना, हथियार के स्रोत और संभावित नेटवर्क की जांच जारी

जोरहाट, 18 जुलाई : ऊपरी असम में जोरहाट पुलिस ने अवैध हथियार रखने और संभावित रूप से उसकी आपूर्ति से जुड़े एक मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए संजीब बरुआ नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 7.65 mm की एक पिस्तौल, तीन राउंड जिंदा कारतूस और AS03 – S – 5153 नंबर की बजाज पल्सर बाइक बरामद किए गए हैं। जोरहाट पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इंस्पेक्टर उत्पल दत्ता के नेतृत्व में चला अभियान
पुलिस की कार्रवाई इंस्पेक्टर उत्पल दत्ता के नेतृत्व में की गई। अभियान में ज्योतिष्मान बोरा, आकाश गोगोई और पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल थे। प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी और पीछा करते हुए उसे पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को जोरहाट शहर स्थित जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JMCH) के निकट जेल रोड के नंदनपुर इलाके में पकड़ा गया।
डिमापुर से जोरहाट आने की बात
प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संजीब बरुआ कथित रूप से डिमापुर से जोरहाट की ओर आ रहा था। हालांकि, पुलिस के उपलब्ध आधिकारिक संक्षिप्त बयान में अभी आरोपी की यात्रा के साधन, हथियार के स्रोत, निर्धारित प्राप्तकर्ता अथवा उसके कथित तस्करी नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ऐसे में उसे किसी संगठित हथियार तस्करी गिरोह का सदस्य बताना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस ने केवल गिरफ्तारी, 7.65 mm पिस्तौल और तीन कारतूस की बरामदगी तथा कानूनी कार्रवाई जारी रहने की पुष्टि की है।

पिस्तौल कहां से आई और किसे पहुंचाई जानी थी—जांच का मुख्य केंद्र
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पिस्तौल कानूनी लाइसेंस के बिना आरोपी के पास कैसे पहुंची, इसे कहां से लाया गया था और इसका इस्तेमाल अथवा आपूर्ति किस उद्देश्य से की जानी थी। आरोपी की कॉल डिटेल, यात्रा संबंधी जानकारी, संभावित संपर्कों और पूर्व गतिविधियों की जांच से मामले के व्यापक नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
बरामद हथियार की बैलिस्टिक जांच से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि उसका किसी पुराने अपराध में इस्तेमाल हुआ था या नहीं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है।
जोरहाट में पहले भी सामने आ चुका है अंतरराज्यीय हथियार आपूर्ति का मामला
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फरवरी 2026 में जोरहाट रेलवे स्टेशन पर डिमापुर निवासी एक दंपति के सामान से दो विदेशी निर्मित .32 बोर पिस्तौल और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। उस मामले में पुलिस ने नागालैंड और असम के बीच संभावित अंतरराज्यीय हथियार आपूर्ति नेटवर्क की आशंका जताते हुए डिमापुर पुलिस से सहयोग मांगा था।
हालांकि, वर्तमान संजीब बरुआ मामले का उस पुराने प्रकरण से कोई प्रत्यक्ष संबंध अभी तक आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। दोनों घटनाओं को जोड़ना इस चरण में केवल अनुमान होगा।
पुलिस की अगली आधिकारिक सूचना में आरोपी की पृष्ठभूमि, हथियार के स्रोत और संभावित सहयोगियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है।
फिलहाल संजीब बरुआ पुलिस हिरासत में है और अवैध हथियार की बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।




