प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला ? पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार पर भड़का पत्रकार संघ : डीएसपी संभावी मिश्र पर वरिष्ठ पत्रकारों से अभद्र व्यवहार, मोबाइल जब्त करने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप : गोलाघाट जिला पत्रकार संघ ने मांगी सार्वजनिक माफी; मुख्यमंत्री और डीजीपी से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की अपील

देरगांव, 6 जुलाई : लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया कर्मियों के सम्मान और स्वतंत्रता से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आने के बाद गोलाघाट जिला पत्रकार संघ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता के दौरान सवाल पूछने को लेकर असम पुलिस की एक उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) संभावी मिश्र द्वारा दो वरिष्ठ पत्रकारों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न किए जाने की घटना को लेकर पत्रकार संगठनों में रोष व्याप्त है।
प्रेस वार्ता में सवाल पूछना बना विवाद की वजह
गोलाघाट जिला पत्रकार संघ के अनुसार, दोनों वरिष्ठ पत्रकारों ने एक प्रेस वार्ता के दौरान अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए पूरी शालीनता और मर्यादा के साथ पुलिस अधिकारी से सवाल पूछे थे। संघ का आरोप है कि सवालों का जवाब देने के बजाय संबंधित पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों के प्रति अनुचित रवैया अपनाया और उन्हें फटकार लगाई।
पत्रकार संघ ने दावा किया कि घटना यहीं समाप्त नहीं हुई, बल्कि बाद में दोनों पत्रकारों को थाने बुलाया गया, जहां उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए और उनसे अनावश्यक रूप से पूछताछ की गई। संघ के मुताबिक, इस दौरान पत्रकारों को मानसिक रूप से परेशान किया गया।
‘पत्रकारिता की नौकरी से निकलवा दूंगा’ जैसी धमकी देने का आरोप
गोलाघाट जिला पत्रकार संघ ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी द्वारा पत्रकारों को कथित रूप से “पत्रकारिता की नौकरी से निकलवा दूंगा” जैसी धमकी भी दी गई। संघ ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पत्रकारों को डराने या दबाव में लाने की कोई भी कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।
पत्रकारिता और लोकतंत्र के लिए बताया गंभीर मामला
घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोलाघाट जिला पत्रकार संघ ने कहा कि मीडिया का कार्य जनता से जुड़े सवालों को प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों के सामने रखना है। यदि किसी पत्रकार को केवल सवाल पूछने के कारण प्रताड़ित किया जाता है, तो यह न केवल पत्रकारिता बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी गंभीर चुनौती है।
संघ पदाधिकारियों ने जताया विरोध
गोलाघाट जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष नगेन बोरा, कार्यकारी अध्यक्ष द्वीपमणि खटनियार, सहसचिव प्रणव चक्रवर्ती और सचिव विवेकानंद दत्ता ने संयुक्त बयान जारी कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सार्वजनिक माफी और निष्पक्ष जांच की मांग
गोलाघाट जिला पत्रकार संघ ने संबंधित पुलिस अधिकारी से तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इसके साथ ही संघ ने असम के मुख्यमंत्री और असम पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पत्रकार संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।
संघ ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अधिकार सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है।




