नगांव शहर से महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली बटद्रवा थान तक विकसित होगा आकर्षक ग्रीन कॉरिडोर : पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल : विधायक रूपक शर्मा ने किया वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ : जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा सहित अनेक गणमान्य रहे उपस्थित
कृष्णचूड़ा, राधाचूड़ा, अजार, सोनारू और नाहर सहित स्थानीय प्रजातियों के हजारों पौधे लगाए जाएंगे

नगांव, 29 जून : असम की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत को एक नई पहचान देने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल का शुभारंभ किया गया। महान संत, समाज सुधारक एवं एकशरण वैष्णव धर्म के प्रवर्तक महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की पावन जन्मस्थली ऐतिहासिक बटद्रवा थान को नगांव शहर से जोड़ने वाले पूरे मार्ग को एक आकर्षक ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से व्यापक वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ किया गया।
यह परियोजना केवल सड़क के दोनों ओर पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला, जैव विविधता का संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित धरोहर तैयार करने का समग्र अभियान है।

खागरीजान विकास खंड की महत्वाकांक्षी पहल
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का संचालन खागरीजान विकास खंड द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत नगांव शहर से बटद्रवा थान तक पूरे मार्ग के दोनों किनारों पर स्थानीय एवं पर्यावरण के अनुकूल वृक्षों की लंबी श्रृंखला विकसित की जाएगी।
इस मार्ग पर कृष्णचूड़ा, राधाचूड़ा, अजार, सोनारू और नाहर जैसे असम की पारंपरिक एवं स्थानीय प्रजातियों के हजारों पौधे लगाए जाएंगे। आने वाले वर्षों में यह पूरा मार्ग हरियाली, प्राकृतिक सौंदर्य और रंग-बिरंगे फूलों से आच्छादित होकर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक यात्रा-पथ का रूप लेगा।

शांतिजान से हुआ अभियान का शुभारंभ
नगांव-बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शांतिजान में आयोजित कार्यक्रम में इस ऐतिहासिक अभियान का विधिवत शुभारंभ स्थानीय विधायक रूपक शर्मा ने किया।
इस अवसर पर नगांव के जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा, जिला परिषद की अध्यक्ष गीतांजलि हजारिका, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिकरिया, क्षेत्रीय वन अधिकारी सुहास कदम, खागरीजान विकास खंड के खंड विकास अधिकारी प्रांजित दत्ता, असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के नगांव जिला परियोजना निदेशक, प्रख्यात समाजसेवी सुरवान सिंह, श्रीमंत शंकरदेव संघ के सचिव कुशल ठाकुरिया, बटद्रवा थान प्रबंधन समिति के सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बटद्रवा थान केवल धार्मिक स्थल नहीं, असम की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र : रूपक शर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रूपक शर्मा ने कहा कि बटद्रवा थान केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का प्रमुख केंद्र है।
उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु, पर्यटक, शोधकर्ता एवं देश-विदेश से आने वाले आगंतुक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि उन्हें एक स्वच्छ, हरित, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित विरासत छोड़ने का संकल्प है।

“पौधे लगाना नहीं, उन्हें वृक्ष बनाना हमारी जिम्मेदारी”
विधायक ने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पौधे की देखभाल अपने परिवार के सदस्य अथवा बच्चों की तरह करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी वृक्षारोपण अभियान की सफलता पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर विशाल वृक्ष बनाने में होती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में प्रभावी होगी परियोजना : डीसी देवाशीष शर्मा
जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने कहा कि वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि और जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों पर आधारित इस प्रकार की हरित परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने बताया कि इन वृक्षों से वायु प्रदूषण कम होगा, जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा, भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिलेगी तथा यात्रियों को प्राकृतिक छाया और शीतल वातावरण उपलब्ध होगा।

जनसहभागिता से सफल बनेगा अभियान
जिला आयुक्त ने वन विभाग, पंचायत संस्थाओं, विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान असम के सबसे सफल पर्यावरणीय अभियानों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की वास्तविक सफलता तभी संभव है जब उसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
सभी अतिथियों ने किया स्वयं वृक्षारोपण
उद्घाटन समारोह के बाद विधायक, जिला आयुक्त, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा स्थानीय नागरिकों ने स्वयं वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।

पर्यावरण और पर्यटन दोनों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष कार्बन अवशोषण बढ़ाने, क्षेत्रीय जलवायु संतुलन बनाए रखने, भूजल संरक्षण तथा जैव विविधता को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके साथ ही हरियाली से आच्छादित यह मार्ग बटद्रवा धाम आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक, सुखद एवं यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म का बनेगा अद्भुत संगम
असम सरकार जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है, वहीं राज्य की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण और विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
बटद्रवा थान ग्रीन कॉरिडोर परियोजना इन दोनों उद्देश्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं रहेगा, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और सतत विकास के समन्वय का जीवंत प्रतीक बनकर आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश देगा।




