
न्यूज डेस्क, 29 जून : असम के लखीमपुर जिले में जाली भारतीय मुद्रा के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ढकुआखाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ढोलपुर क्षेत्र में अभियान चलाकर एक वाहन से 33,59,500 मूल्य की संदिग्ध जाली भारतीय मुद्रा बरामद की। पुलिस ने इस मामले में वाहन चालक सहित दो लोगों को हिरासत में लिया है। बरामदगी AS01 – GK – 7439 नंबर की हरे रंग की मारुति बलेनो कार से की गई।

दौलतपुर से गुवाहाटी ले जाई जा रही थी नकली करेंसी
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, वाहन दौलतपुर से गुवाहाटी की ओर जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने ढोलपुर इलाके में तलाशी अभियान चलाया और वाहन से बड़ी मात्रा में जाली नोट बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक हैदर अली और उसके साथी जियाउल इस्लाम के रूप में हुई है।
पूछताछ में अफजलुर रहमान का नाम आया सामने
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि यह जाली मुद्रा उन्हें दौलतपुर निवासी अफजलुर रहमान नामक व्यक्ति ने दी थी और इसे गुवाहाटी पहुंचाने का निर्देश दिया गया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
ढकुआखाना थाना प्रभारी की निगरानी में चला अभियान
यह कार्रवाई ढकुआखाना पुलिस थाना प्रभारी अंकुरज्योति बरुआ की निगरानी में की गई। पुलिस ने बरामद वाहन को जब्त कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था, इन्हें किस नेटवर्क के माध्यम से तैयार या सप्लाई किया गया और गुवाहाटी में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।

बंगालमारा क्षेत्र पर फिर गंभीर सवाल
लखीमपुर जिले का बंगालमारा क्षेत्र पहले भी जाली नोट और नकली सोने जैसे अवैध नेटवर्कों के संदर्भ में चर्चा में रहा है। सितंबर 2023 में भी लखीमपुर पुलिस ने बंगालमारा क्षेत्र में छापेमारी कर ₹20 लाख से अधिक मूल्य की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की थी और एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा, लखीमपुर में हाल के वर्षों में कई बार जाली नोटों की खेप पकड़ी जा चुकी है। एक अन्य मामले में बंदरदेवा क्षेत्र में ₹14.43 लाख के नकली नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि लालुक पुलिस ने भी ₹7.7 लाख मूल्य की जाली मुद्रा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।
निर्णायक कार्रवाई की मांग तेज
बार-बार नकली नोटों की बरामदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लखीमपुर और आसपास के क्षेत्रों में कोई संगठित अंतरजिला या अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है। स्थानीय स्तर पर अब मांग उठ रही है कि पुलिस केवल वाहक या छोटे एजेंटों तक सीमित न रहे, बल्कि इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड, फंडिंग स्रोत, प्रिंटिंग यूनिट और वितरण चैनल तक पहुंचे।
आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
जाली भारतीय मुद्रा का मामला केवल कानून-व्यवस्था से नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और आम जनता के भरोसे से भी जुड़ा है। ऐसे नेटवर्क ग्रामीण और शहरी बाजारों में नकली नोट खपाकर न केवल व्यापारियों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। लखीमपुर की ताजा बरामदगी ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि इस अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार, व्यापक और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है।




