तिनसुकिया में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम : ULFA-I कैडरों की मदद के आरोप में दो गिरफ्तार : वाहन संख्या AR-20A-5892 के मालिक बिट्टू बोरा और कल्प बोरा गिरफ्तार : उग्रवादियों को वाहन उपलब्ध कराने का आरोप
हथियार, गोला-बारूद और ग्रेनेड के साथ कैडरों की आवाजाही की आशंका : पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां नेटवर्क की जांच में जुटीं

तिनसुकिया, 28 जून : तिनसुकिया में कथित बड़े आतंकी हमले की साजिश से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिट्टू बोरा और कल्प बोरा के रूप में हुई है। दोनों आरोपी तिनसुकिया जिले के पानीतोला क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

वाहन मालिक बिट्टू बोरा गिरफ्तार
पुलिस जांच में वाहन संख्या AR-20A-5892 का नाम सामने आने के बाद उसके मालिक बिट्टू बोरा को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि इसी वाहन का इस्तेमाल दो ULFA-I कैडरों द्वारा किया गया था। पुलिस के अनुसार, वाहन के माध्यम से उग्रवादियों की आवाजाही में मदद पहुंचाई गई थी।
कल्प बोरा पर उग्रवादियों की सहायता का आरोप
बिट्टू बोरा के साथ ही पुलिस ने कल्प बोरा को भी गिरफ्तार किया है। कल्प बोरा पर ULFA-I कैडरों की सहायता करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, कल्प बोरा अखिल असम मटक युवा छात्र परिषद के सह-साधारण सचिव भी हैं।
आइसेंग असम के निर्देश पर वाहन उपलब्ध कराने का आरोप
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उन्होंने ULFA-I के शीर्ष नेता आइसेंग असम के निर्देश पर उग्रवादियों को वाहन उपलब्ध कराया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन उपलब्ध कराने के पीछे स्थानीय स्तर पर किस प्रकार का नेटवर्क सक्रिय था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।
हथियार और ग्रेनेड ले जाने में वाहन के इस्तेमाल की आशंका
पुलिस के अनुसार, इसी वाहन से उग्रवादी कैडरों को हथियार, गोला-बारूद और ग्रेनेड के साथ ले जाया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई कर एक संभावित बड़े आतंकी हमले की योजना को विफल कर दिया गया।
पहले दो उग्रवादी हुए थे गिरफ्तार, अब मददगार पुलिस के शिकंजे में
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को तिनसुकिया पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर लेखापानी थाना क्षेत्र के जागुन से प्रतिबंधित संगठन ULFA (I) के दो सक्रिय कैडरों—सिंयोर असम उर्फ होमेन ज्योति बरुवा और मनोज असम उर्फ पापू मोरान—को वाहन संख्या AR-20A-5892 से गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से दो AK-56 राइफल, 172 जीवित कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड सहित भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री बरामद की गई थी।
मामले का खुलासा करते हुए तिनसुकिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मयंक कुमार ने बताया था कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों उग्रवादियों को ULFA (I) के शीर्ष नेतृत्व से तिनसुकिया शहर में अंधाधुंध गोलीबारी कर दहशत फैलाने का कथित निर्देश मिला था। उन्होंने कहा था कि पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़े आतंकी हमले की साजिश समय रहते विफल कर दी गई। इसी मामले की आगे की जांच के दौरान उग्रवादियों को वाहन उपलब्ध कराने के आरोप में अब बिट्टू बोरा और कल्प बोरा को गिरफ्तार किया गया है।
नेटवर्क की गहन जांच शुरू
तिनसुकिया पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे, वाहन का इस्तेमाल कितनी बार किया गया और क्या इस साजिश में अन्य स्थानीय सहयोगी भी शामिल थे।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। तिनसुकिया और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश कर रही है।
समय रहते कार्रवाई से टला बड़ा खतरा
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो तिनसुकिया या आसपास के क्षेत्र में बड़ा हमला हो सकता था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।




