डिमौ में सनसनीखेज चोरी कांड : सरकारी बीज निगम के गोदाम से 72 बोरी धान के बीज चोरी : चौकीदार समेत चार गिरफ्तार

शिवसागर, 19 जून : शिवसागर जिले के डिमौ क्षेत्र में स्थित राज्य बीज निगम के गोदाम से किसानों के लिए सुरक्षित रखे गए धान के बीज की बड़ी चोरी का मामला सामने आने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के किनारे आलुन नगर स्थित कृषि विभाग के बीज निगम गोदाम में बुधवार देर रात हुई इस चोरी की घटना ने सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच में जुटी डिमौ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें गोदाम का चौकीदार भी शामिल है।
चौकीदार ने ही रची थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि गोदाम का चौकीदार अरुण चावरा ही इस पूरे चोरी कांड का मुख्य साजिशकर्ता था। पुलिस के अनुसार, अरुण चावरा ने डिमौ के मधुपुर क्षेत्र के निवासी अजय चेतिया, विजय चेतिया और संतोष प्रसाद के साथ मिलकर किसानों के लिए रखे गए उन्नत किस्म के ‘रंजीत’ धान के 72 बोरे चोरी कराने की योजना बनाई थी।
आरोपियों ने धान के बीज के अलावा तिल (सेसम) का एक बोरा भी गोदाम से चुरा लिया। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घटना को सामान्य चोरी का रूप देने का प्रयास किया ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।
खुद पुलिस को दी चोरी की सूचना
घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पूरी पटकथा तैयार की थी। योजना के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे चौकीदार अरुण चावरा ने स्वयं बीज निगम की डिमौ शाखा के प्रभारी अधिकारी को फोन कर सूचना दी कि गोदाम के शटर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर धान के बीज चोरी कर ले गए हैं।
इसके बाद वह स्वयं डिमौ थाने पहुंचा और पुलिस को चोरी की जानकारी दी। प्रारंभिक तौर पर मामला अज्ञात चोरों द्वारा की गई चोरी का प्रतीत हो रहा था।
पूछताछ में खुली साजिश की परतें
घटना की सूचना मिलने के बाद बीज निगम की डिमौ शाखा के प्रबंधक एवं गोदाम प्रभारी ने डिमौ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और सबसे पहले चौकीदार अरुण चावरा से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान उसके बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। संदेह गहराने पर पुलिस ने गहन जांच की, जिसके बाद पूरे चोरी कांड का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने अरुण चावरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कबूलनामे के आधार पर अजय चेतिया, विजय चेतिया तथा संतोष प्रसाद को भी गिरफ्तार कर लिया।
लाखों के बीज चोरी
पुलिस सूत्रों के अनुसार चोरी किए गए ‘रंजीत’ धान के बीजों की अनुमानित कीमत लाखों रुपये है। ये बीज विशेष रूप से चराईदेव जिले के किसानों को खेती के मौसम में वितरण के लिए गोदाम में सुरक्षित रखे गए थे।
पुलिस अब चोरी किए गए सभी धान के बीजों तथा अन्य सामान की बरामदगी के लिए अभियान चला रही है। मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों में रोष, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि सरकारी गोदाम की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाला चौकीदार ही चोरी की साजिश में शामिल पाया गया। किसानों के हित के लिए रखे गए सरकारी बीजों की चोरी में गोदाम के रक्षक की संलिप्तता सामने आने से स्थानीय लोगों और किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
किसान संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं डिमौ पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की इस वारदात में कहीं अन्य लोग या कोई बड़ा नेटवर्क भी शामिल तो नहीं था। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और लोग पुलिस जांच के अगले खुलासों का इंतजार कर रहे हैं।




