सीबीआई के शिकंजे में विवादित कारोबारी राजेश बजाज : बैंक ऑफ बड़ौदा ऋण डिफॉल्ट मामले में बड़ी कार्रवाई : गुवाहाटी से हिरासत में लिया: विशेष अदालत में पेश कर सीबीआई ने रिमांड पर लिया

गुवाहाटी, 19 जून : असम के चर्चित एवं विवादित व्यवसायी राजेश बजाज को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बैंक ऑफ बड़ौदा के बहु-करोड़ रुपये के कथित ऋण डिफॉल्ट मामले में गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से चल रही जांच के बाद सीबीआई की कोलकाता इकाई ने यह बड़ी कार्रवाई करते हुए बजाज को गुवाहाटी से हिरासत में लिया और बाद में अदालत में पेश कर अपनी रिमांड में ले लिया।
जानकारी के अनुसार सीबीआई की विशेष टीम कोलकाता से गुवाहाटी पहुंची थी। जांच एजेंसी ने सबसे पहले शहर के सरूमोटोरिया क्षेत्र स्थित राजेश बजाज के आवास पर छापेमारी की। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी कागजात तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की। इसके साथ ही अधिकारियों ने राजेश बजाज से लंबी पूछताछ भी की।
सूत्रों के अनुसार आवास पर तलाशी के समानांतर सीबीआई ने बजाज से संबद्ध कंपनी नॉर्थ ईस्ट प्लांटेशन एंड कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के जू रोड स्थित कार्यालय में भी छापा मारा। वहां कंपनी के वित्तीय लेन-देन, बैंक ऋण, खातों एवं कारोबारी गतिविधियों से संबंधित विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई। जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी फॉरेंसिक एवं वित्तीय जांच की जा रही है।
सीबीआई अधिकारियों ने छापेमारी और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजेश बजाज को गुवाहाटी से हिरासत में लिया। उनके विरुद्ध दर्ज मामला बैंक ऑफ बड़ौदा से लिए गए करोड़ों रुपये के ऋण के कथित डिफॉल्ट से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित कंपनी ने बैंक से भारी वित्तीय सहायता प्राप्त की, लेकिन निर्धारित शर्तों के अनुरूप ऋण का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद मामला जांच एजेंसियों तक पहुंचा।
इस संबंध में सीबीएसई के कोलकाता कार्यालय में मामला दर्ज किया गया था। पिछले कई महीनों से एजेंसी बैंकिंग दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन, कंपनी रिकॉर्ड तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही थी। इसी जांच के क्रम में यह गिरफ्तारी की गई है।
राजेश बजाज का नाम इससे पहले भी असम के चर्चित एपेक्स बैंक ऋण विवाद सहित कई वित्तीय मामलों में सामने आ चुका है। आरोप है कि उन्होंने पूर्व में असम को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक से लिए गए करोड़ों रुपये के ऋण का भी समय पर भुगतान नहीं किया था। इसी कारण उनका नाम राज्य के चर्चित बैंकिंग एवं वित्तीय विवादों में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
गिरफ्तारी के बाद आज राजेश बजाज को गुवाहाटी के चानमारी स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत में सुनवाई के उपरांत सीबीआई ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए अपने रिमांड में ले लिया। जांच एजेंसी अब इस मामले में ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, धनराशि के उपयोग, वित्तीय लेन-देन की श्रृंखला तथा संभावित अन्य लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सीबीआई की इस कार्रवाई को असम के हाल के वर्षों के महत्वपूर्ण बैंकिंग धोखाधड़ी और ऋण डिफॉल्ट मामलों में एक बड़ी प्रगति माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




