शिवसागर होमस्टे मौत मामला : हत्या के आरोप में युवक गिरफ्तार : रहस्यमयी मौत ने लिया नया मोड़ : कॉलेज छात्रा कृष्णा गोगोई की संदिग्ध मौत से पूरे असम में सनसनी : पिता की शिकायत पर अविनाश कोंवर गिरफ्तार
होमस्टे संचालकों की भूमिका पर उठे सवाल : स्थानीय लोगों ने विवादित होमस्टे बंद करने और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

शिवसागर, 1 जुलाई : असम के शिवसागर जिले के जयसागर क्षेत्र स्थित जोनाकी नगर के हॉलिडे होमस्टे में 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा कृष्णा गोगोई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है। मंगलवार को होमस्टे के एक कमरे में छात्रा का शव फंदे से लटका मिलने के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। अब घटना के लगभग 18 घंटे के भीतर पुलिस ने छात्रा के साथ होमस्टे पहुंचे युवक अविनाश कोंवर को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के पिता विजित गोगोई द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयसागर पुलिस, जिला पुलिस तथा फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम लगातार जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
सुबह साथ पहुंचे, कुछ घंटे बाद मिली छात्रा की लाश
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार 30 जून की सुबह लगभग 11 बजे कृष्णा गोगोई और अविनाश कोंवर जयसागर के जोनाकी नगर स्थित हॉलिडे होमस्टे पहुंचे थे। दोनों ने कथित रूप से एक कमरा लिया और उसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर लिया।
कुछ समय बाद होमस्टे के भीतर हड़कंप मच गया जब छात्रा का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही जयसागर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कमरे को सील कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
शिवसागर गर्ल्स कॉलेज की छात्रा थी कृष्णा
मृतका की पहचान कृष्णा गोगोई (22) के रूप में हुई है। वह शिवसागर गर्ल्स कॉलेज में स्नातक द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा थी। वह शिवसागर जिले के बेतबाड़ी बाक्सु खेलुवा गांव निवासी विजित गोगोई की पुत्री थी।
घटना की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग होमस्टे के बाहर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
पूछताछ से गिरफ्तारी तक
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने छात्रा के साथ पहुंचे युवक अविनाश कोंवर, निवासी बेतबाड़ी द्वितीय कोंवर गांव, को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
बाद में मृतका के पिता विजित गोगोई द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि कमरे के भीतर आखिर क्या हुआ था।
सूत्रों के अनुसार पुलिस आरोपी के बयान का मिलान घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों तथा डिजिटल रिकॉर्ड से भी कर रही है।
हत्या, आत्महत्या या कोई और साजिश?
पुलिस फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आत्महत्या, हत्या अथवा किसी अन्य आपराधिक षड्यंत्र—सभी संभावित पहलुओं पर समान रूप से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा परीक्षण, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल फोन का डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सोशल मीडिया गतिविधियां तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
हॉलिडे होमस्टे के संचालकों पर भी जांच का दायरा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस हॉलिडे होमस्टे में घटना हुई, उसका संचालन अंजन बोरा और शिवसागर शहर के व्यापारी बेनु अग्रवाल नामक दो व्यक्तियों द्वारा किराये पर लेकर किया जा रहा था।
पुलिस दोनों संचालकों से पूछताछ कर चुकी है। होमस्टे का रजिस्टर, आगंतुकों की प्रविष्टियां, पहचान दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, भुगतान का रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
हालांकि घटना के लगभग 18 घंटे बाद भी दोनों संचालकों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष होनी है तो होमस्टे प्रबंधन की भूमिका की भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
महिला कर्मचारियों को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय होमस्टे में ड्यूटी पर मौजूद महिला कर्मचारियों से भी विस्तार से पूछताछ की जानी चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सवाल उठाया कि घटना के समय मौजूद कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ क्यों नहीं की गई। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
दूसरे दिन भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन
घटना के अगले दिन भी जोनाकी नगर के बड़ी संख्या में लोग हॉलिडे होमस्टे के बाहर एकत्र हुए। स्थानीय लोगों ने होमस्टे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब होमस्टे की कार्यप्रणाली और उसके संचालन की भी विस्तृत जांच की जाए।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि हॉलिडे होमस्टे लंबे समय से विवादों में रहा है। उनका दावा है कि यहां प्रतिदिन कम उम्र के लड़के-लड़कियों का आना-जाना होता था।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार 18 वर्ष से कम आयु के किशोर-किशोरियां भी यहां आते थे। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
पास के दूसरे होमस्टे पर भी लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने यह दावा भी किया कि जोनाकी नगर में हॉलिडे होमस्टे के समीप स्थित एक अन्य होमस्टे में भी पहले इसी प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं।
सीसीटीवी, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की होगी वैज्ञानिक जांच
जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से मिले सभी भौतिक साक्ष्य सुरक्षित कर लिए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
फोरेंसिक विशेषज्ञ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले कमरे के भीतर कितने लोग मौजूद थे, कमरे का दरवाजा कब खुला और बंद हुआ तथा घटनास्थल पर मिले प्रत्येक साक्ष्य का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस बोली—जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं
जिला पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निर्णय केवल उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर ही लिया जाएगा।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
पूरे जिले की नजर अब जांच पर
कृष्णा गोगोई की संदिग्ध मौत ने पूरे शिवसागर जिले को झकझोर कर रख दिया है। विशेषकर जयसागर और बेतबाड़ी क्षेत्र में लोगों के बीच भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है।
अब पूरे मामले में सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक साजिश, हत्या या अन्य अपराध के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो पुलिस संबंधित सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करेगी।




