ASSAMGOVERNMENThttps://nenews24x7.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifLocal NewsNAZIRASIMALGURISIVASAGARटॉप न्यूज़राज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

बिना ट्रैफिक पुलिसकर्मी के भी अनुशासन की मिसाल बना बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट : करीब एक वर्ष से बिना यातायात कर्मी के संचालित हो रहा व्यस्त चौराहा, फिर भी नियमों का पालन कर रहे वाहन चालक

ट्रैफिक सिग्नल बंद, शैवाल से ढका ढांचा : लोगों ने की यातायात पुलिस तैनात करने की मांग

शिवसागर, 12 जून : असम के शिवसागर जिले के शिमलुगुड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां अधिकांश स्थानों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की आवश्यकता पड़ती है, वहीं बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट लगभग एक वर्ष से बिना किसी यातायात पुलिसकर्मी की मौजूदगी के सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि यहां से गुजरने वाले वाहन चालक, यात्री और राहगीर स्वेच्छा से यातायात नियमों का पालन कर रहे हैं और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं।

क्षेत्र का सबसे व्यस्त यातायात केंद्र

बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट क्षेत्र के महत्वपूर्ण और व्यस्ततम चौराहों में से एक माना जाता है। इसी मार्ग से होकर प्रतिदिन हजारों वाहन शिमलुगुड़ी, सोनारी, नाजिरा और शिवसागर की ओर आवागमन करते हैं। यह मार्ग न केवल आम लोगों के लिए बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और प्रशासनिक आवागमन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस चौराहे के निकट ही प्रतिष्ठित गढ़गांव महाविद्यालय सहित कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी एवं निजी कार्यालयों के कर्मचारी तथा आम नागरिक इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इसके बावजूद यहां किसी स्थायी ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं है।

बिना पुलिसकर्मी के भी कायम है यातायात अनुशासन

स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति के बावजूद वाहन चालक स्वयं जागरूकता दिखाते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहे हैं। वाहन निर्धारित दिशा में चलते हैं, यातायात संकेतों का सम्मान करते हैं और एक-दूसरे को रास्ता देने की संस्कृति भी यहां देखने को मिलती है।

हालांकि नागरिकों का मानना है कि यह स्थिति हमेशा सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। किसी भी समय बढ़ते यातायात दबाव या आपात स्थिति के कारण दुर्घटनाओं की संभावना उत्पन्न हो सकती है। इसलिए इस महत्वपूर्ण चौराहे पर यातायात पुलिस की नियमित तैनाती आवश्यक है।

बंद पड़े हैं ट्रैफिक सिग्नल, रखरखाव का अभाव

बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट की एक और गंभीर समस्या यहां स्थापित ट्रैफिक सिग्नलों की खराब स्थिति है। स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रैफिक लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं और उनका संचालन नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं, ट्रैफिक प्वाइंट के ढांचे पर शैवाल और काई जम चुकी है, जिससे स्पष्ट रूप से रखरखाव के अभाव का पता चलता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया जाए और एक यातायात पुलिसकर्मी की नियुक्ति की जाए, तो यातायात व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बन सकती है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस मुख्यालय से की हस्तक्षेप की मांग

क्षेत्र के वाहन चालकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थान पर कम से कम एक यातायात पुलिस अधिकारी की नियमित तैनाती की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया जाए तथा ट्रैफिक प्वाइंट के रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की संभावना को रोका जा सके।

जनता की मांग : व्यवस्था बेहतर हो, सुरक्षा सुनिश्चित हो

बालिघाट ट्रैफिक प्वाइंट आज नागरिक जागरूकता और यातायात अनुशासन का उदाहरण अवश्य बन गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल जन-जागरूकता के भरोसे इतने महत्वपूर्ण चौराहे की व्यवस्था नहीं छोड़ी जा सकती। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यहां आवश्यक आधारभूत सुविधाओं और यातायात प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना समय की मांग बन चुकी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!